Class 4 Hindi Veena Chapter 2 PDF: बगीचे का घोंघा (Bagiche Ka Ghongha)

कक्षा 4 हिंदी वीणा का दूसरा पाठ बगीचे का घोंघा (Bagiche Ka Ghongha) एक जिज्ञासु घोंघे की रोचक कहानी है, जो अपने छोटे-से बगीचे की दीवार के छेद से बाहर निकलकर पहली बार विशाल खेल का मैदान, लाल चींटें, गिलहरी, आसमान छूता खजूर का पेड़ और विशाल बरगद का पेड़ देखता है।

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छोटा बगीचा और दीवार के छेद से बाहर की यात्रा घोंघे को अपने छोटे बगीचे के एक छोर से दूसरे छोर तक जाने में दो दिन लगते थे। एक दिन वह अपना सामान अपने शंख में बाँधकर दीवार के छेद से बाहर की दुनिया देखने निकल पड़ता है।

सूखा पत्ता, पत्थर का ‘पहाड़’, खजूर और बड़ का पेड़ बाहर के बड़े मैदान में अपने ऊपर गिरे सूखे पत्ते को वह आकाश समझ बैठता है, एक बड़े पत्थर को पहाड़ मानकर उस पर चढ़ता है, और पहली बार लाल चींटें, फुदकती गिलहरी, लंबा खजूर का पेड़ तथा विशाल बरगद (बड़) का पेड़ देखकर दंग रह जाता है।

Exercises in Chapter 2

  • बातचीत के लिए, पाठ के भीतर / सोचिए और लिखिए बोध प्रश्न।
  • भाषा की बात, अनुमान और कल्पना एवं रचनात्मक गतिविधियाँ।

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FAQ

घोंघे को बगीचे के बाहर निकलकर पत्थर और सूखा पत्ता कैसे लगे?
छोटे आकार के घोंघे को अपने ऊपर गिरा सूखा पत्ता ऐसा लगा मानो पूरा आकाश ढँक गया हो, और मैदान में पड़ा एक बड़ा पत्थर उसे किसी ऊँचे पहाड़ जैसा लगा।

बाहर की दुनिया में घोंघे ने कौन-कौन से दो बड़े पेड़ देखे?
घोंघे ने पहली बार आसमान तक जाता हुआ लंबा खजूर का पेड़ और अत्यंत विशाल फैला हुआ बड़ (बरगद) का पेड़ देखा।