कक्षा 1 हिंदी सारंगी का पाठ 7 वाह, मेरे घोड़े! (Wah, Mere Ghode!) एक लयबद्ध आनंदमयी कविता है— ‘एक कदम, दो कदम, तीन कदम ताल, वाह मेरे घोड़े, क्या तेरी चाल!’ — जो बच्चों को गिनती, लय और घोड़े की सरपट चाल के आनंद से जोड़ती है।
What Class 1 Hindi Chapter 7 Covers
कविता का भावार्थ — ‘वाह, मेरे घोड़े!’: एक कदम, दो कदम, तीन कदम ताल के साथ बच्चा अपने घोड़े की सुंदर चाल की प्रशंसा करता है जो नदी, नाले और मैदान पार कर हवा से बातें करता हुआ दौड़ता है।
लय, गति और गिनती: कविता गाते हुए कदम-ताल करना और एक से दस तक हिंदी गिनती का अभ्यास।
तुकबंदी और ‘े’ (ए) तथा ‘ो’ (ओ) की मात्रा: घोड़े-थोड़े, ताल-चाल जैसे तुक वाले शब्द और ‘े’ व ‘ो’ की मात्रा वाले शब्द।
Exercises in Chapter 7
- बातचीत और अभिनय (पृष्ठ 44): कविता को हाव-भाव के साथ गाइए और बताइए कि आपने घोड़ा कहाँ-कहाँ देखा है।
- शब्दों का खेल (पृष्ठ 44–45): समान लय वाले शब्द मिलाइए और खाली स्थान भरिए।
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FAQ
‘वाह, मेरे घोड़े!’ कविता में घोड़े की किस बात की तारीफ़ की गई है?
कविता में घोड़े की तेज़ और लयबद्ध कदम-ताल वाली चाल की तारीफ़ की गई है।
‘ताल’ और ‘घोड़े’ शब्दों के तुक मिलने वाले शब्द लिखिए।
‘ताल’ का तुकबंदी शब्द ‘चाल’ है और ‘घोड़े’ का ‘मोड़े/थोड़े’ है।