कक्षा 1 हिंदी सारंगी का पाठ 14 बरखा और मेघा (Barkha Aur Megha) (लेखक: आस्तिक सिन्हा) दो सहेलियों— मुर्गी ‘मेघा’ और बतख ‘बरखा’— और उनके तीन-तीन बच्चों की कहानी है, जो मेला देखने जाते समय रास्ते की नदी को बरखा की चतुराई (बतख की पीठ पर मुर्गी के बच्चों को बैठाकर) से पार करते हैं!
What Class 1 Hindi Chapter 14 Covers
कहानी का सारांश — मेघा और बरखा की जुगत: मुर्गी मेघा और बतख बरखा अपने तीन-तीन बच्चों के साथ दूसरे गाँव का मेला देखने जा रही थीं। रास्ते में नदी आ गई। मुर्गी और उसके चूज़े तैर नहीं सकते थे, तब बतख बरखा और उसके बच्चों ने मेघा व उसके चूज़ों को अपनी पीठ पर बैठाकर तैरते हुए नदी पार करा दी!
सूझ-बूझ और सच्ची सहेली का सहयोग: बतख पानी में तैर सकती है जबकि मुर्गी नहीं— अपनी विशेषता से मित्र की कठिनाई दूर करने की सीख।
गिनती और चित्र अवलोकन: मुर्गी और बतख के बच्चों को गिनना और उनके अंतर को पहचानना।
Exercises in Chapter 14
- बातचीत के लिए (पृष्ठ 86): मेघा और बरखा कौन थीं, उनके कितने-कितने बच्चे थे और उन्होंने नदी कैसे पार की?
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FAQ
‘बरखा और मेघा’ कहानी में मेघा और बरखा कौन हैं?
मेघा एक मुर्गी है और बरखा एक बतख है; दोनों पक्की सहेलियाँ हैं।
मेघा और उसके बच्चों ने नदी कैसे पार की?
बतख बरखा और उसके बच्चों ने मुर्गी मेघा और उसके चूज़ों को अपनी पीठ पर बैठाकर तैरते हुए नदी पार कराई।