NCERT Class 2 Hindi Sarangi Chapter 15 किसान (Kisan) PDF (2026-27)

कक्षा 2 हिंदी सारंगी का पाठ 15 किसान (Kisan) (कवि: शांति अग्रवाल) सुबह मुर्गे की बाँग और चिड़ियों के चहकने के साथ उठकर खेतों में परिश्रम करने वाले किसान को समर्पित प्रेरक कविता है, जो हमें आलस्य छोड़कर निरंतर कर्म पथ पर आगे बढ़ने की सीख देती है।

What Class 2 Hindi Chapter 15 Covers

कविता का भावार्थ — किसान का परिश्रम: अभी अंधेरा छँटने को है, मुर्गा बाँग लगा रहा है और पक्षी चहचहा रहे हैं। किसान प्रातः उठकर गर्मी, सर्दी और बरसात की परवाह किए बिना खेतों में अनाज उगाता है और हमें संदेश देता है— ‘मत ठहरो, तुमको चलना ही चलना है!’

अन्नदाता किसान का सम्मान: हमारे भोजन की थाली तक अनाज, दालें, सब्ज़ियाँ और फल पहुँचाने में किसान की मेहनत को समझना।

प्रातःकाल के दृश्य और शब्द अभ्यास: सुबह के समय प्रकृति में होने वाले बदलावों का वर्णन और समान लय वाले शब्द।

Exercises in Chapter 15

  • बातचीत के लिए (पृष्ठ 71): किसान सुबह उठकर क्या करता है और वह हमारे लिए क्या-क्या उगाता है?
  • शब्दों का खेल (पृष्ठ 72): खेत में उगने वाले अनाजों व सब्ज़ियों के नाम लिखिए और तुकबंदी शब्द मिलाइए।

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FAQ

‘किसान’ कविता हमें क्या प्रेरणा देती है?
यह कविता हमें किसान की तरह आलस्य त्यागकर समय पर जागने और निरंतर परिश्रम करने की प्रेरणा देती है।

सुबह होने का संकेत कौन-कौन देते हैं?
मुर्गा बाँग देकर, चिड़ियाँ चहचहाकर और पूर्व दिशा में उगता सूरज सुबह होने का संकेत देते हैं।