कक्षा 2 हिंदी सारंगी का पाठ 22 चार दिशाएँ (Char Dishayen) (इकाई 5: आकाश) बच्चों को उगते सूरज की सहायता से चारों दिशाओं— पूरब, पश्चिम, उत्तर और दक्षिण— की पहचान करने का सबसे सरल और यादगार तरीका सिखाने वाली कविता है।
What Class 2 Hindi Chapter 22 Covers
कविता का भावार्थ — उगते सूरज से दिशाओं की पहचान: उगता सूरज जिधर सामने हो, उधर मुँह करके खड़े हो जाओ— तुम्हारे सामने ‘पूरब (पूर्व)’ है, पीठ पीछे ‘पश्चिम’ है, बाईं ओर ‘उत्तर’ है और दाईं ओर ‘दक्षिण’ है। इस तरह चारों दिशाएँ आसानी से पहचान में आ जाती हैं।
व्यावहारिक दिशा-ज्ञान: सुबह सूरज की ओर मुँह करके अपने घर, स्कूल, पेड़ और सड़क की दिशा बताना।
विलोम शब्द और दिशा तालिका: पूरब-पश्चिम, उत्तर-दक्षिण, आगे-पीछे, दाएँ-बाएँ जैसे युग्म शब्दों का अभ्यास।
Exercises in Chapter 22
- बातचीत और गतिविधि (पृष्ठ 105): उगते सूरज की ओर मुँह करके खड़े होने पर पीठ पीछे और बाएँ-दाएँ कौन-सी दिशाएँ होती हैं?
- खोजें-जानें (पृष्ठ 105): अपने कक्षा-कक्ष में चारों दिशाओं में क्या-क्या है, लिखिए।
Read Class 2 Hindi Chapter 22 Online
More Chapters
- Previous: Chapter 21: हाथी साइकिल चला रहा था (Hathi Cycle Chala Raha Tha)
- Next: Chapter 23: चंदा मामा (Chanda Mama)
- All Hindi chapters and the other Class 2 books: Class 2 NCERT books 2026-27
- All Class 1 to 12 NCERT Textbooks: NCERT Books PDF (Class 1–12)
- Every book chapter by chapter: NCERT chapter wise PDF
FAQ
चार मुख्य दिशाओं के नाम क्या हैं?
चार मुख्य दिशाएँ हैं— पूरब (पूर्व), पश्चिम, उत्तर और दक्षिण।
यदि आप उगते सूरज की ओर मुँह करके खड़े हों, तो आपके बाएँ और दाएँ कौन-सी दिशा होगी?
उगते सूरज (पूरब) की ओर मुँह करके खड़े होने पर बाईं ओर उत्तर दिशा, दाईं ओर दक्षिण दिशा और पीठ के पीछे पश्चिम दिशा होती है।