NCERT Class 2 Hindi Sarangi Chapter 4 माँ (Maa) PDF (2026-27)

कक्षा 2 हिंदी सारंगी का पाठ 4 माँ (Maa) (कवि: मुकुटधर पांडेय) एक छोटी-सी मधुर कविता है जिसमें बच्चा अपनी माँ को ईश्वर के समान भोली, मिसरी और मधु-मेवा से भी मीठी तथा अपने जीवन की शक्ति और साहस बताता है।

What Class 2 Hindi Chapter 4 Covers

कविता का भावार्थ — ‘माँ’: माँ! तुम कितनी भोली-भाली, कितनी प्यारी-प्यारी हो; दिल तुम्हारा चाँदी जैसा और हँसना-बोलना बहुत न्यारा है। मेरे लिए तुममें ही यह सारा संसार बसता है; तुम मिसरी, मधु-मेवा से भी बढ़कर हो और तुम्हीं से मुझमें साहस व बल आता है।

मातृ-प्रेम और कृतज्ञता: माँ और परिवार के प्रति प्रेम व्यक्त करना तथा घर के कामों में हाथ बँटाना।

विशेषण और तुकबंदी शब्द: भोली-भाली, प्यारी-प्यारी जैसे युग्म शब्द और समान लय वाले शब्द पहचानना।

Exercises in Chapter 4

  • बातचीत के लिए (पृष्ठ 17): कविता में माँ की तुलना किन-किन चीज़ों से की गई है और बच्चे को बल व साहस किससे मिलता है?
  • शब्दों का खेल (पृष्ठ 17): मीठी चीज़ों के नाम लिखिए और अपनी माँ के बारे में दो वाक्य लिखिए।

Read Class 2 Hindi Chapter 4 Online

More Chapters

FAQ

‘माँ’ कविता में माँ को किससे भी बढ़कर मीठा बताया गया है?
कविता में माँ को मिसरी और मधु-मेवा (शहद और मेवे) से भी बढ़कर बताया गया है।

बच्चे में बल और साहस किससे आता है?
बच्चे में बल और साहस उसकी माँ के स्नेह और आशीर्वाद से आता है।