Class 4 Hindi Veena Chapter 6 PDF: जयपुर से पत्र (Jaipur Se Patra)

कक्षा 4 हिंदी वीणा का छठा पाठ जयपुर से पत्र (Jaipur Se Patra) एक विद्यार्थी द्वारा शैक्षिक भ्रमण के दौरान अपने पिताजी को लिखा गया पत्र है, जिसमें गुलाबी नगरी जयपुर के हवामहल, जंतर-मंतर, रामनिवास बाग संग्रहालय, आमेर दुर्ग (शीशमहल) और राजस्थानी खान-पान का वर्णन है; साथ ही चटपटी कविता गोलगप्पा भी है।

What Class 4 Hindi Chapter 6 Covers

जयपुर दर्शन — हवामहल, सवाई जयसिंह का जंतर-मंतर व आमेर दुर्ग पत्र में हवामहल, महाराजा सवाई जयसिंह द्वारा निर्मित वेधशाला ‘जंतर-मंतर’, रामनिवास बाग के कला-संग्रहालय तथा जयपुर से 14 किमी दूर आमेर किले के शीशमहल और शिला देवी मंदिर का सजीव वर्णन है।

राजस्थानी लोकनृत्य, दाल-बाटी चूरमा, पिनकोड एवं कविता ‘गोलगप्पा’ राजस्थान के प्रसिद्ध व्यंजन दाल-बाटी चूरमा, डाक-पेटी व पिनकोड प्रणाली की जानकारी, और मटर व खट्टे-तीखे पानी से भरे बताशे पर मजेदार कविता ‘गोलगप्पा (पिचकू)’।

Exercises in Chapter 6

  • बातचीत के लिए, पाठ के भीतर / सोचिए और लिखिए बोध प्रश्न।
  • भाषा की बात, अनुमान और कल्पना एवं रचनात्मक गतिविधियाँ।

Read Class 4 Hindi Chapter 6 Online

More Chapters

FAQ

जयपुर की प्रसिद्ध वेधशाला ‘जंतर-मंतर’ का निर्माण किसने करवाया था?
जयपुर की प्रसिद्ध वेधशाला ‘जंतर-मंतर’ का निर्माण महाराजा सवाई जयसिंह ने करवाया था।

पत्र में लेखक ने जयपुर और आमेर में कौन-कौन से दर्शनीय स्थल देखे?
लेखक ने हवामहल, जंतर-मंतर, रामनिवास बाग का कला-संग्रहालय, आमेर का दुर्ग, शीशमहल और शिला देवी का मंदिर देखा तथा रात में लोकनृत्य व दाल-बाटी चूरमा का आनंद लिया।