Class 5 Hindi Veena Chapter 1 PDF: किरन (Kiran)

कक्षा 5 हिंदी वीणा (Veena) का प्रथम पाठ किरन (Kiran) कवि निरंकार देव ‘सेवक’ की एक मधुर बाल-कविता है। इसमें देर रात तक परी-कथाएँ पढ़कर सोई एक बच्ची और सुबह-सवेरे उसे जगाने आई सूरज की किरन के बीच प्यारा संवाद है, जो खेल-खेल में दिन-रात के चक्र को भी समझाता है।

What Class 5 Hindi Chapter 1 Covers

बच्ची और सूरज की किरन का संवाद — बच्ची किरन से कहती है कि कल शाम तक तो हम दोनों ने साथ-साथ खूब खेल खेले थे, फिर जब तू सोने चली गई तो मैं अकेली रह गई और परी-कथाएँ पढ़ते-पढ़ते बड़ी देर से सो पाई—फिर तू आज इतनी जल्दी कैसे आ गई?

किरन कभी नहीं सोती — दूसरी दुनिया की यात्रा — किरन मुस्कुराकर उत्तर देती है कि वह कभी नहीं सोती। यहाँ के बच्चों को सुलाकर वह धरती के दूसरे छोर (दूसरी दुनिया) में चली जाती है, जहाँ सोए हुए बच्चों को जगाती है, और वहाँ शाम होते ही फिर यहाँ लौट आती है।

प्रकृति, सूर्योदय और ‘पेड़ का जादू’ (पठन हेतु) — कविता बच्चों को प्रातःकाल की ताजगी, सूर्य के प्रकाश के महत्व और पृथ्वी पर दिन-रात होने के वैज्ञानिक कारण से जोड़ती है। साथ ही पूरक पाठ ‘पेड़ का जादू’ वृक्षों के महत्व को दर्शाता है।

भाषा की बात — तुकांत शब्द, पर्यायवाची और क्रिया — कविता में लयबद्ध तुकांत शब्दों (आई-पाई, खेली-अकेली, जाती-जगाती), सूर्य व किरण के पर्यायवाची शब्दों तथा सुबह-शाम की दिनचर्या से जुड़े वाक्यों का अभ्यास कराया गया है।

Exercises in Chapter 1

  • बातचीत के लिए एवं पाठ से: आपको कैसे पता चलता है कि सुबह हो गई है? सूर्य के प्रकाश के बिना कौन-कौन से कार्य संभव नहीं हैं? किरन मुख्य रूप से क्या काम करती है और यहाँ शाम होने पर कहाँ जाती है—प्रश्नों के उत्तर लिखिए।
  • सोचिए और लिखिए व भाषा की बात: सुबह और शाम के अंतर को अपने अनुभव से लिखिए, तुक मिलाने वाले शब्द छाँटिए और संवाद को आगे बढ़ाइए।

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FAQ

कक्षा 5 हिंदी वीणा के पाठ 1 ‘किरन’ के कवि कौन हैं?
पाठ 1 ‘किरन’ के कवि प्रसिद्ध बाल-साहित्यकार निरंकार देव ‘सेवक’ हैं।

किरन के अनुसार वह रात में कहाँ चली जाती है?
किरन बताती है कि वह कभी नहीं सोती; यहाँ के बच्चों को सुलाकर वह धरती के दूसरी ओर (दूसरी दुनिया में) चली जाती है और वहाँ सोए हुए बच्चों को जगाती है।