Class 5 Hindi Veena Chapter 6 PDF: चतुर चित्रकार (Chatur Chitrakar)

कक्षा 5 हिंदी वीणा का छठा पाठ चतुर चित्रकार (Chatur Chitrakar) एक अत्यंत रोचक और प्रेरक कविता है। सुनसान जंगल में चित्र बना रहे एक चित्रकार के सामने अचानक जब शेर (‘यमराज का मित्र’) आ जाता है, तो चित्रकार घबराने के बजाय अपनी चतुराई से शेर को पीठ घुमाकर बैठने को कहता है और झील में खड़ी नाव पकड़कर सुरक्षित बच निकलता है।

What Class 5 Hindi Chapter 6 Covers

सुनसान जगह में ‘यमराज के मित्र’ का आगमन — एक चित्रकार नदी, पहाड़ और पेड़-पत्तों के सुंदर दृश्य का चित्र बना रहा था कि अचानक वहाँ जंगल का सरदार शेर आ पहुँचा, जिसे देखकर चित्रकार के होश उड़ गए।

चित्रकार की प्रत्युत्पन्नमति (चतुराई) — हिम्मत जुटाकर चित्रकार ने शेर से कहा—’आप बैठ जाइए, मैं आपका सुंदर चित्र बना दूँ।’ शेर उकड़ूँ-मुकड़ूँ होकर बैठ गया। थोड़ी देर बाद चित्रकार बोला—’आगे का चित्र तैयार हो गया है, अब आप अपनी पीठ मेरी ओर घुमाकर बैठिए।’

नाव से पलायन और शेर की झुँझलाहट — जैसे ही शेर ने आँख मूँदकर पीठ घुमाई, चित्रकार चुपके से खिसका और झील किनारे बंधी नाव को बाँस से खेकर दूर निकल गया। धोखा खाकर खिसियाए शेर ने जब कागज-कलम ले जाने को कहा, तो चित्रकार ने हँसकर जवाब दिया—’इन्हें अपने पास रखिए और जंगल में चित्रकला का अभ्यास कीजिए!’

पूरक लोककथा — ‘दो मेंढकों की यात्रा’ (जापानी लोककथा) — इसी पाठ के साथ ओसाका और क्योटो के दो मेंढकों की मजेदार जापानी लोककथा भी दी गई है।

Exercises in Chapter 6

  • बातचीत के लिए एवं पाठ से: कविता में ‘यमराज का मित्र’ किसे कहा गया है? चित्रकार ने शेर से बचने के लिए क्या उपाय सोचा? शेर ने झुँझलाकर चित्रकार से क्या कहा और चित्रकार ने क्या उत्तर दिया?
  • कविता से कहानी व भाषा की बात: ‘चतुर चित्रकार’ कविता को अपने शब्दों में कहानी के रूप में लिखिए तथा तुकांत शब्दों और मुहावरों का अभ्यास कीजिए।

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FAQ

‘चतुर चित्रकार’ कविता में चित्रकार ने शेर को पीठ घुमाने के लिए क्यों कहा?
चित्रकार ने बहाना बनाया कि शेर के आगे के भाग का चित्र बन चुका है और अब पीछे का भाग बनाने के लिए शेर को मुँह उधर करके (पीठ घुमाकर) बैठना होगा, ताकि शेर उसे भागते हुए न देख सके।

चित्रकार ने अपने कागज और कलम वापस लेने से मना करते हुए शेर से क्या कहा?
नाव से दूर निकल चुके चित्रकार ने शेर से कहा कि कागज और कलम आप अपने ही पास रखिए और जंगल में बैठकर चित्रकला का अभ्यास कीजिए।