Class 8 Hindi Malhar Chapter 5 PDF: Kabir Ke Dohe (कबीर के दोहे)

Class 8 Hindi Malhar Chapter 5, Kabir Ke Dohe (कबीर के दोहे), presents eight timeless couplets from Kabir Vachanavali (edited by Ayodhyasingh Upadhyay ‘Hariaudh’) on truth, humility, reverence for the teacher, moderation, sweet speech, welcoming critics, discernment and good company.

What Malhar Class 8 Chapter 5 Covers

आठ दोहों का भावार्थ covers ‘साँच बराबर तप नहीं’, ‘बड़ा हुआ तो क्या हुआ जैसे पेड़ खजूर’, ‘गुरु गोविंद दोऊ खड़े’, ‘अति का भला न बोलना’, ‘ऐसी बानी बोलिए’, ‘निंदक नियरे राखिए’, ‘साधू ऐसा चाहिए जैसा सूप सुभाय’ and ‘कबिरा मन पंछी भया’.

कबीर हमारे समय में और पढ़ने के लिए connect Kabir’s wisdom to modern life and cyber safety, followed by Atal Bihari Vajpayee’s poem ‘कदम मिलाकर चलना होगा’.

Exercises in Chapter 5

  • पाठ से (मेरी समझ से, मिलकर करें मिलान, पंक्तियों पर चर्चा, सोच-विचार के लिए, अनुमान और कल्पना से, भाषा की बात).
  • पाठ से आगे (आपकी बात, सृजन, झरोखे से, साझी समझ, खोजबीन के लिए).

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FAQ

कबीर ने साधु के स्वभाव की तुलना किससे की है?
सूप (अनाज फटकने वाले पात्र) से, जो सार-तत्व (अच्छाई) को रख लेता है और थोथे (बुराई) को उड़ा देता है।

‘निंदक नियरे राखिए’ दोहे में कबीर क्या सीख देते हैं?
आलोचक (निंदक) को अपने पास रखने की सलाह देते हैं क्योंकि वह बिना साबुन और पानी के हमारे स्वभाव को निर्मल कर देता है।