Ganga Class 9 Chapter 6 PDF: रीढ़ की हड्डी – जगदीशचंद्र माथुर (गद्य खंड)

Ganga Class 9 Hindi Chapter 6, रीढ़ की हड्डी (Reedh Ki Haddi) by जगदीशचंद्र माथुर, is a celebrated one-act play (एकांकी) written in 1939 that exposes patriarchal hypocrisy and dowry-mindedness in arranged marriage negotiations through the fearless educated protagonist, Uma.

Ganga Class 9 Chapter 6 (रीढ़ की हड्डी): पाठ का सार और मुख्य बिंदु

रूढ़िवादी विवाह-व्यवस्था पर तीखा व्यंग्य रामस्वरूप अपनी बी.ए. पास बेटी उमा की उच्च शिक्षा को लड़के के पिता गोपाल प्रसाद और उसके बेटे शंकर से छिपाते हैं, क्योंकि गोपाल प्रसाद को ‘कम पढ़ी-लिखी’ बहू चाहिए।

उमा का आत्मसम्मान और शंकर की पोल जब गोपाल प्रसाद उमा से गाना-बजाना, पेंटिंग और सिलाई के सवाल पूछकर उसे किसी वस्तु की तरह परखते हैं, तब उमा निर्भीकता से बोल उठती है और लड़कियों के हॉस्टल के इर्द-गिर्द चक्कर लगाने वाले चरित्रहीन और झुकी कमर वाले शंकर की सच्चाई उजागर कर देती है।

लेखक परिचय: जगदीशचंद्र माथुर (1917–1978) ‘भोर का तारा’, ‘कोणार्क’ और ‘ओ मेरे सपने’ उनके प्रसिद्ध नाटक व एकांकी संग्रह हैं।

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FAQ

‘रीढ़ की हड्डी’ एकांकी की मुख्य पात्र कौन है और शीर्षक का क्या अर्थ है?
मुख्य पात्र शिक्षित व स्वाभिमानी युवती ‘उमा’ है; ‘रीढ़ की हड्डी’ का न होना शंकर की शारीरिक कमजोरी के साथ-साथ उसके चरित्र और आत्मबल के अभाव का प्रतीक है।

गोपाल प्रसाद लड़कियों की उच्च शिक्षा के विरुद्ध क्यों हैं?
रूढ़िवादी मानसिकता के कारण वे मानते हैं कि अधिक पढ़ी-लिखी लड़कियाँ गृहस्थी में दबकर नहीं रहतीं और अपने अधिकार माँगती हैं।