कक्षा 4 हिंदी वीणा का सातवाँ पाठ नकली हीरे (Nakli Heere) चित्रकथा (कॉमिक स्ट्रिप) शैली में काननपुर के वृद्ध राजा की कहानी है, जो अपने पुत्र के लिए एक सच्चा और निर्भीक सलाहकार चुनने के लिए दरबारियों की परीक्षा लेता है; इसके साथ खेल-कविता हवा और धूल दी गई है।
What Class 4 Hindi Chapter 7 Covers
चाटुकार दरबारी बनाम निर्भीक और ईमानदार दरबारी जब राजा पूछता है कि ‘क्या मैं संसार का सबसे बुद्धिमान और ईमानदार राजा हूँ?’, तो सभी दरबारी झूठी प्रशंसा करते हैं और राजा उन्हें एक-एक हीरा देता है। केवल एक दरबारी विनम्रता से सच कहता है कि महाराज गुणी हैं, किंतु इतिहास में उनसे भी श्रेष्ठ राजा हुए हैं।
नकली हीरों का रहस्य और सच्चे सलाहकार का चुनाव अगले दिन चाटुकार दरबारी शिकायत करते हैं कि उन्हें दिए गए हीरे नकली हैं। राजा मुस्कुराकर कहता है कि झूठी प्रशंसा के बदले नकली हीरे ही दिए गए थे, और सच बोलने वाले दरबारी को असली सम्मान व राजकुमार का मुख्य सलाहकार नियुक्त करता है।
Exercises in Chapter 7
- बातचीत के लिए, पाठ के भीतर / सोचिए और लिखिए बोध प्रश्न।
- भाषा की बात, अनुमान और कल्पना एवं रचनात्मक गतिविधियाँ।
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FAQ
राजा ने चाटुकार दरबारियों को नकली हीरे क्यों दिए?
क्योंकि उन दरबारियों ने राजा को प्रसन्न करने के लिए झूठी और नकली प्रशंसा की थी, इसलिए राजा ने भी उन्हें नकली हीरे दिए।
राजा ने अपने पुत्र के सलाहकार के रूप में किसे चुना और क्यों?
राजा ने उस एकमात्र दरबारी को चुना जिसने बिना डरे विनम्रतापूर्वक सच बोला था, क्योंकि एक सच्चा सलाहकार ही राजा को सही मार्ग दिखा सकता है।