कक्षा 1 हिंदी सारंगी का पाठ 13 मेला (Mela) (इकाई 4: त्योहार और मेले, कवि: रमेश थानवी) घर के पास लगे रंग-बिरंगे मेले के चित्र और कविता का उत्सव है— जिसमें बच्चे चाट के ठेले पर चाट खाते हैं, बड़े झूले झूलते हैं और खिलौनेवाले से चार सलोने खिलौने खरीदकर छोटू का हाथ थामे घर लौटते हैं।
What Class 1 Hindi Chapter 13 Covers
कविता का भावार्थ — ‘घर के पास लगा था मेला’: घर के पास लगे मेले में चाट का ठेला, झूलेवाला और खिलौनेवाला आए हैं। गुड़िया और गुनगुन ने छोटू का हाथ पकड़कर चाट खाई, झूले झूले, चार रंग-बिरंगे खिलौने लिए और मन-भर मेला देखा।
मेले का चित्र-पठन और सुरक्षा: मेले में दिखने वाली दुकानों, झूलों, गुब्बारेवाले का अवलोकन तथा भीड़ में बड़ों या भाई-बहन का हाथ पकड़कर चलने की समझदारी।
तुकबंदी और शब्द अभ्यास (ठेला, मेला, ठाट, हाट, झूला): ‘ठे’, ‘मे’, ‘झू’ और ‘ख’ वर्णों से बने शब्द और वाक्य।
Exercises in Chapter 13
- बातचीत के लिए (पृष्ठ 79, 82): बच्चों ने मेले में क्या-क्या खाया, क्या खरीदा और छोटू का हाथ किसने पकड़ा था?
- शब्दों का खेल और चित्रकारी (पृष्ठ 82–84): मेले की चीज़ों के नाम लिखिए और मिट्टी/कागज़ से खिलौना बनाइए।
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FAQ
‘मेला’ कविता में बच्चों ने मेले में क्या-क्या किया?
बच्चों ने मेले में चाट खाई, झूले झूले, रंग-बिरंगे चार खिलौने खरीदे और सुंदर हाट देखा।
मेले में गुड़िया और गुनगुन के साथ कौन था?
गुड़िया और गुनगुन के साथ नन्हा छोटू था, जिसका हाथ उन्होंने पकड़ रखा था।