Ganga Class 9 Chapter 3 PDF: संवादहीन – शेखर जोशी (गद्य खंड)

Ganga Class 9 Hindi Chapter 3, संवादहीन (Samvadheen) by शेखर जोशी, tells the deeply moving story of an elderly woman (Tai) living alone in the deserted ancestral house of her village, whose only companion is a clever hill parrot named Mitthu.

Ganga Class 9 Chapter 3 (संवादहीन): पाठ का सार और मुख्य बिंदु

ताई और मिट्ठू का आत्मीय संसार बेटे-बहुओं के शहर बस जाने और बेटियों के ससुराल चले जाने के बाद सूने खंडहर-से बड़े घर में गनपत द्वारा लाया गया पहाड़ी तोता ‘मिट्ठू’ ही ताई के बुढ़ापे का सहारा बनता है।

मिट्ठू की बोलियाँ और अकेलेपन की पीड़ा मिट्ठू सुबह ‘हर हर गंगे’ और ‘सीताराम बोल’ कहकर ताई को जगाता है और ताई के पूछने पर ‘कटेगी! कटेगी!!’ कहकर उन्हें ढाढ़स बँधाता है, किंतु एक अनपेक्षित घटना उनके इस संवाद को तोड़ देती है।

लेखक परिचय: शेखर जोशी (1932–2022) अल्मोड़ा (उत्तराखंड) में जन्मे शेखर जोशी की प्रमुख रचनाओं में ‘कोसी का घटवार’, ‘दाज्यू’, ‘हलवाहा’ और ‘मेरा पहाड़’ शामिल हैं।

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FAQ

‘संवादहीन’ कहानी के मुख्य पात्र कौन हैं?
गाँव के पुराने बड़े घर में अकेली रहने वाली वृद्धा ‘ताई’ और उनका पहाड़ी तोता ‘मिट्ठू’।

ताई के सूने जीवन में रौनक किसके आने से लौटी?
गनपत द्वारा लाए गए पहाड़ी तोते ‘मिट्ठू’ के आने से, जो ताई की हर बात का उत्तर देता था।