Sharada Class 9 Chapter 4 PDF: न खलु वयस्तेजसो हेतुः (चतुर्थः पाठः)

Sharada Class 9 Sanskrit Chapter 4, न खलु वयस्तेजसो हेतुः (‘Age is certainly not the cause of valour’), narrates the life and supreme sacrifice of the young revolutionary Khudiram Bose (खुदीराम बोस) in India’s freedom struggle.

Sharada Class 9 Chapter 4 (न खलु वयस्तेजसो हेतुः): पाठ-सार और मुख्य बिंदु

खुदीराम बोस का जन्म और बाल्यकाल बंगाल के मेदिनीपुर जिले के मोहोबनी गाँव में ३ दिसम्बर १८८९ को माता लक्ष्मीप्रिया देवी और पिता त्रैलोक्यनाथ के घर जन्मे खुदीराम का पालन-पोषण उनकी बड़ी बहन अपरूपा देवी ने किया।

स्वतंत्रता संग्राम और बलिदान बंगाल विभाजन के विरुद्ध ‘वन्दे मातरम्’ का उद्घोष करते हुए अल्पायु में ही खुदीराम बोस ने क्रांतिकारी आंदोलन में भाग लिया और सिद्ध कर दिया कि तेज और देशभक्ति के लिए आयु कोई बंधन नहीं है (‘न खलु वयस्तेजसो हेतुः’)।

जीवन-परिचय खुदीराम बोस का जन्म 3 दिसंबर 1889 को बंगाल के मेदिनीपुर जिले के मोहोबनी गाँव में हुआ। पिता त्रैलोक्यनाथ और माता लक्ष्मीप्रिया देवी का बचपन में ही देहांत हो गया, इसलिए बड़ी बहन अपरूपा देवी ने उन्हें पाला। 1905 में वायसराय कर्ज़न द्वारा बंगाल के विभाजन से ‘बंग-भंग आंदोलन’ छिड़ा, जिसमें बालक खुदीराम भी कूद पड़े। पाठ स्वतंत्रता के अमृत महोत्सव के संदर्भ में अज्ञात क्रांतिवीरों को याद करता है।

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FAQ

‘न खलु वयस्तेजसो हेतुः’ पाठ में किस क्रांतिवीर का जीवन-चरित वर्णित है?
महान युवा क्रांतिकारी खुदीराम बोस (1889–1908) का जीवन-चरित और देशभक्ति वर्णित है।

खुदीराम बोस का जन्म कब और कहाँ हुआ था?
३ दिसम्बर १८८९ को बंगाल के मेदिनीपुर जनपद के मोहोबनी ग्राम में।

खुदीराम बोस का जन्म कब और कहाँ हुआ?
3 दिसंबर 1889 को बंगाल के मेदिनीपुर जिले के मोहोबनी गाँव में।