DAV Board Class 3 Hindi (भाषा माधुरी) | 100% Authentic Textbook Solutions
DAV Class 3 Hindi Chapter 13 Solutions ऐसे थे लाल बहादुर शास्त्री
Complete authentic, textbook-accurate solutions for DAV Class 3 Hindi Bhasha Madhuri (भाषा माधुरी) Chapter 13: ऐसे थे लाल बहादुर शास्त्री (Aise The Lal Bahadur Shastri). This guide includes the chapter summary, word meanings (कठिन शब्दार्थ), textbook questions & answers (अभ्यास प्रश्न-उत्तर), discussion questions (बातचीत के लिए), grammar practice (भाषा की बात – विशेषण, संज्ञा, वाक्य प्रयोग), and value-based questions (जीवन मूल्य – सादगी, ईमानदारी व देशभक्ति) strictly adhering to the DAV Education Board curriculum.
| कक्षा (Class) | विषय (Subject) | पाठ्यपुस्तक (Textbook) | पाठ (Chapter) | विधा (Genre) |
|---|---|---|---|---|
| कक्षा 3 (Class 3) | हिंदी (Hindi) | भाषा माधुरी (Bhasha Madhuri) | पाठ 13: ऐसे थे लाल बहादुर शास्त्री | प्रेरक जीवनी / बाल प्रसंग (Biography) |
1. पाठ का विस्तृत सार (Story Summary)
पाठ ‘ऐसे थे लाल बहादुर शास्त्री’ भारत के द्वितीय प्रधानमंत्री, सादगी और शुचिता के प्रतीक लाल बहादुर शास्त्री के बचपन की एक अत्यंत प्रेरक घटना पर आधारित है:
- बचपन का नाम ‘नन्हे’: लाल बहादुर शास्त्रीजी का जन्म 2 अक्टूबर 1904 को मुगलसराय (उत्तर प्रदेश) में हुआ था। बचपन में घर के सभी लोग उन्हें प्यार से ‘नन्हे’ कहकर पुकारते थे। जब वे बहुत छोटे थे, तभी उनके पूज्य पिताजी का देहांत हो गया था।
- गुलाब के बाग की घटना: एक दिन नन्हे अपने कुछ शरारती सहपाठियों के साथ एक सुंदर बगीचे में गए। साथियों ने माली की नज़र बचाकर पेड़ों से बहुत सारे गुलाब के फूल और फल तोड़े। नन्हे ने केवल एक सुंदर गुलाब का फूल तोड़ा और उसे निहारने लगे।
- माली का आगमन: तभी बगीचे का माली लाठी लेकर आ धमका। नन्हे के सभी साथी दीवार कूदकर भाग गए, लेकिन नन्हे भागे नहीं और सत्य का सामना करने के लिए वहीं शांत खड़े रहे। माली ने उन्हें पकड़ लिया और दो-तीन थप्पड़ लगा दिए।
- माली की जीवन बदलने वाली सीख: रोते हुए नन्हे ने कहा—”मेरे तो पिता भी नहीं हैं, फिर आप मुझे क्यों मार रहे हैं?” यह सुनकर माली का हृदय पसीज गया। उसने नन्हे को समझाते हुए स्नेह से कहा—“बेटा! जब तुम्हारे पिता नहीं हैं, तब तो तुम्हें और भी अधिक ईमानदार, ज़िम्मेदार और नेक बनना चाहिए ताकि तुम्हारे आचरण पर कोई उंगली न उठा सके!”
- जीवन का संकल्प और परिणाम: माली की यह अमूल्य सीख नन्हे के बाल-मन में गहराई से उतर गई। उन्होंने जीवनभर सत्य, कर्तव्यनिष्ठा और ईमानदारी का मार्ग नहीं छोड़ा। आगे चलकर वे स्वतंत्र भारत के प्रधानमंत्री बने और 1965 के युद्ध के समय देश को “जय जवान, जय किसान” का अमर नारा दिया।
2. कठिन शब्दों के अर्थ (Word Meanings)
| कठिन शब्द | अर्थ (Meaning in Hindi) |
|---|---|
| देहांत | मृत्यु / स्वर्गवास |
| माली | बगीचे की देखभाल और पौधों की रक्षा करने वाला |
| नेक | अच्छा / भला / सच्चा इंसान |
| आचरण | व्यवहार / चरित्र |
| कर्तव्यनिष्ठा | अपने काम और फर्ज़ के प्रति पूर्ण वफ़ादारी |
| सादगी | सरलता / आडंबरहीनता |
3. अभ्यास प्रश्न-उत्तर (Textbook Questions and Answers)
प्रश्न 1. लाल बहादुर शास्त्रीजी को बचपन में किस नाम से पुकारा जाता था?
उत्तर: लाल बहादुर शास्त्रीजी को उनके बचपन में माता-पिता और परिजन प्यार से ‘नन्हे’ नाम से पुकारते थे।
प्रश्न 2. माली के आने पर नन्हे अपने साथियों की तरह क्यों नहीं भागे?
उत्तर: नन्हे स्वभाव से सच्चे और साहसी थे। उन्होंने चोरी-छिपे भागने के बजाय अपनी भूल को स्वीकार करने और सत्य का सामना करने का साहस दिखाया।
प्रश्न 3. माली ने नन्हे को क्या प्रेरणादायक सीख दी?
उत्तर: माली ने नन्हे को सीख दी कि जब तुम्हारे पिता नहीं हैं, तो तुम्हें और भी अधिक नेक, ईमानदार और ज़िम्मेदार बनना चाहिए ताकि कोई तुम्हारे ऊपर उंगली न उठा सके।
प्रश्न 4. शास्त्रीजी ने देश को कौन-सा अमर नारा दिया था?
उत्तर: शास्त्रीजी ने देश के जवानों और अन्नदाता किसानों के सम्मान में “जय जवान, जय किसान” का अमर नारा दिया था।
4. बातचीत के लिए (Discussion Questions)
प्रश्न 1. बिना पूछे किसी के बगीचे से फूल या फल तोड़ना क्या सही है?
उत्तर: नहीं, बिना अनुमति के किसी की वस्तु, फल या फूल तोड़ना अनुचित और चोरी के समान है। हमें सदा मालिक से पूछकर ही कोई वस्तु लेनी चाहिए।
प्रश्न 2. शास्त्रीजी के जीवन से हमें कौन-कौन से सद्गुण सीखने को मिलते हैं?
उत्तर: शास्त्रीजी के जीवन से हमें सादगी, ईमानदारी, विनम्रता, सत्यवादिता, राष्ट्रप्रेम और कठिन परिस्थितियों में भी दृढ़ रहने की प्रेरणा मिलती है।
5. भाषा की बात (Grammar Practice)
प्रश्न 1. विशेषण और विशेष्य छाँटकर लिखिए:
- (क) ईमानदार बालक → विशेषण: ईमानदार, विशेष्य: बालक
- (ख) सुंदर गुलाब → विशेषण: सुंदर, विशेष्य: गुलाब
- (ग) महान नेता → विशेषण: महान, विशेष्य: नेता
- (घ) नेक इंसान → विशेषण: नेक, विशेष्य: इंसान
प्रश्न 2. उल्टे अर्थ वाले शब्द (विलोम शब्द) लिखिए:
| शब्द | विलोम शब्द (Opposite) |
|---|---|
| सत्य | असत्य |
| ईमानदार | बेईमान |
| नेक | बद |
| साहसी | डरपोक |
प्रश्न 3. वाक्य प्रयोग कीजिए:
- (क) सादगी: शास्त्रीजी का पूरा जीवन सादगी और उच्च विचारों का प्रतीक था।
- (ख) नारा: स्वतंत्रता सेनानियों के नारों ने देश में नई ऊर्जा का संचार किया।
- (ग) संस्कार: अच्छे संस्कार बालक को भविष्य में महान नागरिक बनाते हैं।
6. जीवन मूल्य (Values and Life Skills)
प्रश्न: “ईमानदारी ही सर्वोत्तम नीति है (Honesty is the best policy)। अपने आचरण में सत्य और ईमानदारी को बनाए रखना क्यों आवश्यक है?”
उत्तर: ईमानदारी से किया गया कार्य मनुष्य को आत्मसंतोष, सम्मान और निर्भीकता प्रदान करता है। झूठे और बेईमान व्यक्ति का समाज में कभी विश्वास नहीं होता। शास्त्रीजी की तरह जो व्यक्ति कठिनाइयों में भी ईमानदारी का मार्ग चुनते हैं, इतिहास सदा उनका सम्मान करता है।
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