DAV Class 3 Hindi Chapter 7 Solutions दादाजी

DAV Board Class 3 Hindi (भाषा माधुरी) | 100% Authentic Textbook Solutions

DAV Class 3 Hindi Chapter 7 Solutions दादाजी

Complete authentic, textbook-accurate solutions for DAV Class 3 Hindi Bhasha Madhuri (भाषा माधुरी) Chapter 7: दादाजी (Dadaji). This guide includes the story summary, word meanings (कठिन शब्दार्थ), textbook questions & answers (अभ्यास प्रश्न-उत्तर), discussion questions (बातचीत के लिए), grammar practice (भाषा की बात – विलोम, विशेषण, वाक्य प्रयोग), and value-based questions (जीवन मूल्य – बड़ों का आदर व सेवा) strictly adhering to the DAV Education Board curriculum.

कक्षा (Class)विषय (Subject)पाठ्यपुस्तक (Textbook)पाठ (Chapter)विधा (Genre)
कक्षा 3 (Class 3)हिंदी (Hindi)भाषा माधुरी (Bhasha Madhuri)पाठ 7: दादाजीपारिवारिक एवं प्रेरक कहानी

1. पाठ का विस्तृत सार (Story Summary)

पाठ ‘दादाजी’ बच्चों में पारिवारिक प्रेम, बुजुर्गों की सेवा और संवेदना का भाव जगाने वाली एक अत्यंत भावुक और सुंदर कहानी है:

  • पहाड़ी वादी और सोनाली: सोनाली सुंदर पहाड़ी घाटी के एक छोटे से गाँव में रहती है। उसके दादाजी गाँव के सबसे आदरणीय बुजुर्ग हैं, जो रोज़ सुबह मस्जिद में जाकर अज़ान देते हैं जिससे पूरे गाँव की सुबह होती है।
  • दादाजी की बीमारी: कड़ाके की ठंड और बर्फबारी के कारण दादाजी अचानक बीमार पड़ गए और उन्हें तेज़ बुखार आ गया। वे बिस्तर से उठ भी नहीं पा रहे थे। जब सुबह अज़ान की आवाज़ नहीं गूँजी, तो सोनाली समझ गई कि दादाजी अस्वस्थ हैं।
  • अखरोट लाने की ठानना: डॉक्टर ने दादाजी को गर्म रहने और पौष्टिक अखरोट खाने की सलाह दी। सोनाली ने सोचा कि दादाजी को अखरोट बहुत पसंद हैं और इनसे उन्हें ताकत मिलेगी। वह कड़ाके की ठंडी हवा और बर्फ की परवाह किए बिना घाटी में स्थित अखरोट के बगीचे की ओर चल पड़ी।
  • रास्ते की कठिनाइयाँ और सेवाभाव: रास्ते में ठिठुरती ठंड में भी सोनाली रुकी नहीं। बगीचे में पहुँचकर उसने पेड़ से गिरे हुए ताज़े और सख्त अखरोट अपनी छोटी-सी टोकरी में चुने और खुशी-खुशी घर लौट आई।
  • दादाजी का आशीर्वाद: जब सोनाली ने प्यार से दादाजी के हाथ में अखरोट दिए और उनकी सेवा की, तो दादाजी की आँखें खुशी से छलक आईं। उन्होंने सोनाली के सिर पर हाथ फेरकर ढेर सारा प्यार और अनमोल दुआएँ दीं। दादाजी जल्दी ही स्वस्थ हो गए।

2. कठिन शब्दों के अर्थ (Word Meanings)

कठिन शब्दअर्थ (Meaning in Hindi)
अखरोटएक अत्यंत पौष्टिक और गुणकारी सूखा मेवा (Walnut)
वादीपहाड़ों के बीच की निचली घाटी
ठिठुरनाअत्यधिक ठंड के कारण काँपना
अज़ानमस्जिद से नमाज़ के लिए पुकारने की धार्मिक आवाज़
दुआप्रार्थना / आशीर्वाद
अस्वस्थबीमार / जिसका स्वास्थ्य ठीक न हो

3. अभ्यास प्रश्न-उत्तर (Textbook Questions and Answers)

प्रश्न 1. रोज़ सुबह पूरे गाँव के लोगों की नींद कैसे खुलती थी?
उत्तर: रोज़ सुबह सोनाली के दादाजी द्वारा मस्जिद में दी जाने वाली सुरीली अज़ान की आवाज़ सुनकर पूरे गाँव के लोगों की नींद खुलती थी।


प्रश्न 2. सोनाली को कैसे पता चला कि दादाजी अस्वस्थ (बीमार) हैं?
उत्तर: सुबह जब दादाजी की अज़ान की आवाज़ नहीं आई, तो सोनाली उनके कमरे में गई और देखा कि दादाजी रज़ाई ओढ़े काँप रहे थे और उन्हें तेज़ बुखार था।


प्रश्न 3. सोनाली कड़ाके की ठंड में घाटी की ओर क्यों गई?
उत्तर: सोनाली अपने बीमार दादाजी के लिए ताज़े और पौष्टिक अखरोट चुनकर लाने के लिए कड़ाके की ठंड में घाटी की ओर गई।


प्रश्न 4. दादाजी ने सोनाली को क्या दिया?
उत्तर: दादाजी ने सोनाली के असीम प्रेम और सेवाभाव से भावुक होकर उसके सिर पर हाथ रखा और उसे ढेर सारा प्यार तथा दुआएँ (आशीर्वाद) दीं।

4. बातचीत के लिए (Discussion Questions)

प्रश्न 1. जब आपके घर में दादाजी, दादीजी या कोई बुजुर्ग बीमार होते हैं, तो आप उनकी देखभाल कैसे करते हैं?
उत्तर: हम उनके पास बैठकर उनसे बातें करते हैं, उन्हें समय पर दवा और गर्म पानी देते हैं, उनके कमरे में शांति बनाए रखते हैं और उनके आराम का पूरा ध्यान रखते हैं।

प्रश्न 2. अखरोट खाने से हमारे शरीर को क्या लाभ मिलते हैं?
उत्तर: अखरोट खाने से दिमाग तेज़ होता है, शरीर को भरपूर ऊर्जा और गर्मी मिलती है तथा हड्डियाँ व मांसपेशियाँ मजबूत होती हैं।

5. भाषा की बात (Grammar Practice)

प्रश्न 1. उल्टे अर्थ वाले शब्द (विलोम शब्द) लिखिए:

शब्दविलोम शब्द (Opposite)
बीमारस्वस्थ
ठंडगर्मी
सुबहशाम
प्यारनफ़रत

प्रश्न 2. दिए गए शब्दों से सार्थक वाक्य बनाइए:

  • (क) अखरोट: अखरोट खाने से सर्दियों में शरीर में चुस्ती और गर्मी बनी रहती है।
  • (ख) दुआ: हमें बड़ों की सेवा करके उनका आशीर्वाद और दुआएँ लेनी चाहिए।
  • (ग) घाटी: बर्फ से ढकी कश्मीर की हरी-भरी घाटी अत्यंत मनोरम लगती है।

6. जीवन मूल्य (Values and Life Skills)

प्रश्न: “परिवार में दादा-दादी और बुजुर्गों का क्या महत्व है? हमें उनके प्रति कैसा व्यवहार रखना चाहिए?”
उत्तर: दादा-दादी परिवार की मजबूत नींव और अनुभवों का अनमोल खज़ाना होते हैं। वे बच्चों को अच्छे संस्कार और कहानियाँ सुनाते हैं। हमारा कर्तव्य है कि हम सदा उनका आदर करें, उनसे विनम्रतापूर्वक बात करें, उनके अनुभवों से सीखें और बुढ़ापे में उनकी पूरी निष्ठा से सेवा करें।


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