Class 5 EVS Chapter 1 in Hindi PDF: जल — जीवन का आधार (हमारा अद्भुत संसार)

कक्षा 5 हमारा अद्भुत संसार अध्याय 1, जल — जीवन का आधार: इस अध्याय में आफरीन और ज्योति खिड़की के काँच से वर्षा की बूँदें गिरते देखकर जल की यात्रा तथा उसके विभिन्न रूपों के बारे में चर्चा करती हैं । इसमें पृथ्वी पर खारे व मीठे जल के अनुपात, जल-चक्र तथा ड्रैगन फ्लाई, मेढ़क व बगुला जैसे जलीय जीवों और पौधों का वर्णन किया गया है ।

कक्षा 5 हमारा अद्भुत संसार अध्याय 1 (जल — जीवन का आधार): मुख्य बिंदु

जल के विभिन्न रूप पृथ्वी पर मौजूद कुल जल (200 मिलीलीटर) की तुलना में मीठे जल की मात्रा केवल एक चम्मच (5 मिलीलीटर) के बराबर दिखाई गई है । आफरीन और ज्योति स्टील के गिलास में बर्फ के टुकड़े डालकर जल के ठोस, द्रव और वाष्प रूपों के परिवर्तनों का अवलोकन करती हैं ।

जल-चक्र और भूमिगत जल पारदर्शी थैली पर मार्कर से सूर्य, बादल व वृक्ष बनाकर तथा पानी भरकर धूप में रखकर जल-चक्र की प्रक्रिया समझाई गई है । आधी मिट्टी से भरे गिलास में पानी डालकर दिखाया गया है कि वर्षा का जल भूमि में रिसकर कुएँ, नलकूप और हैंडपंप द्वारा निकालने योग्य भूमिगत जल बनता है ।

सतही जल मोड़कर बनाए गए समाचार-पत्र के ढाल पर सरसों के दाने डालकर नदियों के ऊँचे पहाड़ों से नीचे की ओर बहने के मार्ग को दर्शाया गया है । राजस्थान की अरावली पर्वत श्रृंखला से निकलने वाली लूनी नदी किसी सागर में न गिरकर गुजरात के कच्छ के रण की दलदली भूमि में समाप्त हो जाती है ।

जल में जीवन आफरीन और ज्योति विद्यालय के पास वर्षा से भरे तालाब में नन्हीं मछलियाँ और कमल की पत्ती पर बैठा मेढ़क देखती हैं । इसमें मच्छरों को खाने वाली व्याध पतंग (ड्रैगन फ्लाई), पुच्छ नलिका से श्वास लेने वाले जलीय बिच्छू तथा जलकुंभी जैसे पौधों की अनुकूलन विशेषताओं का वर्णन है ।

अध्याय 1 के अभ्यास

  • विद्यार्थी स्टील के गिलास में बर्फ के टुकड़े डालकर गिलास की बाहरी सतह पर जलकणों के प्रकट होने का अवलोकन करते हैं ।
  • विद्यार्थी पुराने समाचार-पत्र को मोड़कर ढाल बनाते हैं और उस पर सरसों के दाने उढ़ेलकर नदियों के बहने के मार्ग का अध्ययन करते हैं ।
  • विद्यार्थी ‘आइए विचार करें’ खंड में दिए गए चरणों का पालन करते हुए कागज़ को मोड़कर एक मछली बनाते हैं ।

कक्षा 5 हमारा अद्भुत संसार अध्याय 1 के प्रश्न-उत्तर (हल)

प्रश्न 1. क्या आपको लगता है कि हम महासागर में उपस्थित जल को पी सकते हैं?
उत्तर: नहीं, हम महासागर में उपस्थित जल को नहीं पी सकते हैं क्योंकि यह अधिकांशतः लवणीय (खारा) जल होता है।

प्रश्न 2. महासागरीय जल का उपयोग किस हेतु किया जा सकता है?
उत्तर: महासागरीय जल का उपयोग तटीय क्षेत्रों (लवण-पटोल) में जल को सुखाकर नमक एकत्र करने के लिए किया जाता है।

प्रश्न 3. ये जलकण कहाँ से आए?
उत्तर: वायु में उपस्थित जलवाष्प बर्फ से ठंडे हुए गिलास की सतह के संपर्क में आकर संघनित हो जाती है और जलकण बनाती है।

प्रश्न 4. बर्फ के टुकड़ों को कुछ समय के लिए गिलास में ही छोड़ देने पर उनका क्या होगा?
उत्तर: बर्फ के टुकड़े पिघलकर द्रव जल में परिवर्तित हो जाएँगे।

प्रश्न 5. यदि हम जल को गर्म करें तो उसका क्या होगा?
उत्तर: जल को गर्म करने पर वह जलवाष्प (भाप) में परिवर्तित हो जाएगा।

प्रश्न 6. सरसों के दानों पर की गई गतिविधि 6 के आधार पर चर्चा कीजिए कि क्यों कुछ नदियाँ अरब सागर की ओर बहती हैं जबकि कुछ बंगाल की खाड़ी की ओर बहती हैं।
उत्तर: नदियाँ भू-आकृतियों की ढाल के अनुसार बहती हैं, इसलिए धरातल के ढलान की दिशा के अनुसार कुछ नदियाँ अरब सागर की ओर तथा कुछ बंगाल की खाड़ी की ओर बहती हैं।

प्रश्न 7. निम्नलिखित को सुमेलित कीजिए— (i) महासागरीय जल (ii) बर्फ (iii) वाष्प (iv) वर्षा जल
उत्तर: (i) महासागरीय जल — (ग) पीने के लिए अनुपयुक्त
(ii) बर्फ — (क) जल का ठोस रूप
(iii) वाष्प — (ख) जल का वाष्प रूप
(iv) वर्षा जल — (घ) पेय जल

प्रश्न 8. आपके विचार से पृथ्वी पर पाया जाने वाला अधिकांश जल पीने हेतु अथवा कृषि हेतु उपयोग में क्यों नहीं लाया जा सकता है?
उत्तर: क्योंकि पृथ्वी पर मौजूद अधिकांश जल महासागरों में स्थित खारा (लवणीय) जल है, जबकि पीने व कृषि योग्य मीठा (अलवणीय) जल बहुत ही कम मात्रा में उपलब्ध है।

प्रश्न 9. ऐसा क्यों है कि जलीय निकायों के आस-पास बड़ी संख्या में सजीव प्रजातियाँ निवास करती हैं?
उत्तर: क्योंकि जल सभी जीवों के जीवित रहने के लिए अनिवार्य है और जलीय निकाय जीवों को पीने का पानी, अनुकूल आवास तथा भोजन उपलब्ध कराते हैं।

प्रश्न 10. यदि आपके क्षेत्र में दो वर्ष तक वर्षा नहीं हो तो क्या होगा?
उत्तर: भूमिगत जल का पुनर्भरण रुक जाएगा, कुएँ व नलकूप सूख जाएँगे, पीने के पानी और कृषि सिंचाई के लिए भारी जल संकट उत्पन्न हो जाएगा।

प्रश्न 11. आपके अनुसार शहर की तुलना में वन में वर्षा जल का क्या होता है?
उत्तर: वन की खुली और अननावृत मिट्टी वर्षा जल को आसानी से सोख लेती है जिससे भूजल का पुनर्भरण होता है, जबकि शहरों में कंक्रीट की पक्की सतहों के कारण जल भूमि में नहीं रिस पाता।

कक्षा 5 अध्याय 1 PDF ऑनलाइन पढ़ें

अन्य अध्याय

FAQ

पृथ्वी पर कुल जल में से मीठे जल की मात्रा कितनी है?
पृथ्वी पर उपस्थित अधिकांश जल खारा है और यदि कुल जल 200 मिलीलीटर माना जाए तो मीठा पानी केवल 5 मिलीलीटर (एक चम्मच) के बराबर है ।

लूनी नदी की क्या विशेषता है?
राजस्थान की अरावली पर्वत श्रृंखला से निकलने वाली लूनी नदी समुद्र में नहीं गिरती है । यह गुजरात में कच्छ के रण की दलदली भूमि में जाकर समाप्त हो जाती है ।

व्याध पतंग (ड्रैगन फ्लाई) और जलीय बिच्छू की क्या विशेषताएँ हैं?
व्याध पतंग तेजी से उड़कर जल के पास अंडे देती है और मच्छरों को खाती है । जलीय बिच्छू जल के अंदर रहता है और अपनी पुच्छ नलिका द्वारा श्वास लेता है ।

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