Class 8 Maths Chapter 5 in Hindi PDF: संख्याओं का खेल (गणित प्रकाश)

कक्षा 8 गणित प्रकाश अध्याय 5, संख्याओं का खेल: यह अध्याय संख्याओं के प्रतिरूपों, विभाज्यता के नियमों, अंकीय मूल और गूढ़कलन (क्रिप्टारिथम) पहेलियों के गणितीय खेल के बारे में है। इसमें अंशु, तथागत, श्रीकथा और दीपक जैसे पात्र क्रमागत संख्याओं के योग, विभाज्यता जाँच, आर्यभट्ट द्वितीय के ‘महासिद्धान्त’ के अंकीय मूल और नवाकांकरी (सयालूमाने आटा) खेल के ज़रिए गणित सीखते हैं।

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कक्षा 8 गणित प्रकाश अध्याय 5 (संख्याओं का खेल): मुख्य बिंदु

5.1 क्या यह गुणज है? अंशु 7 = 3 + 4 और 10 = 1 + 2 + 3 + 4 जैसे क्रमागत संख्याओं के योग खोजता है। किसी भी 4 क्रमागत संख्याओं के बीच ‘+’ और ‘-‘ चिह्न लगाकर बने 8 व्यंजकों का मान सदैव सम संख्या प्राप्त होता है।

5.2 विभाज्यता की शीघ्र जाँच 10 से विभाज्यता के लिए विस्तृत रूप …+100c+10b+a में इकाई अंक a = 0 होना अनिवार्य है। 9 से विभाज्यता के लिए अंकों का योग देखा जाता है, जैसे 427 में 4 + 2 + 7 = 13 को 9 से विभाजित करने पर शेषफल 4 मिलता है।

अंकीय मूल और महासिद्धान्त किसी संख्या के अंकों को बार-बार तब तक जोड़ना जब तक एक अंक न मिले अंकीय मूल कहलाता है, जैसे 489710 का अंकीय मूल 2 है। आर्यभट्ट द्वितीय (लगभग 950 संवत) के ग्रंथ ‘महासिद्धान्त’ में अंकीय मूल का उपयोग गणनाओं की जाँच के लिए बताया गया है।

5.3 छुपे हुए अंकों की पहेली गूढ़कलन समीकरणों में प्रत्येक अक्षर एक अंक होता है जैसे A1 + 1B = B0, GH × H = 9K तथा BYE × 6 = RAY। अध्याय के अंत में नवाकांकरी (सयालूमाने आटा या चर-पर) नामक 9-9 मोहरों वाले पारंपरिक भारतीय पट्ट खेल के नियमों का वर्णन किया गया है।

अध्याय 5 के अभ्यास

  • विद्यार्थी 4 क्रमागत संख्याओं के बीच ‘+’ और ‘-‘ चिह्न लगाकर बनने वाले व्यंजकों का मान निकालकर उनकी समता की जाँच करते हैं।
  • छात्र दी गई संख्याओं जैसे 320185 और 328105 के एकांतर अंकों के योग और उनके अंतर से 11 की विभाज्यता व शेषफल ज्ञात करते हैं।
  • छात्र ‘आइए, पता लगाएँ’ अभ्यास में गूढ़कलन समीकरणों (जैसे UT × 3 = PUT, X4 × 4 = ZX) को हल करते हैं तथा नवाकांकरी खेल खेलने का अभ्यास करते हैं।

कक्षा 8 गणित प्रकाश अध्याय 5 के प्रश्न-उत्तर (हल)

प्रश्न 1. चार क्रमागत संख्याओं का योग 34 है। ये कौन-सी संख्याएँ हैं?
उत्तर: माना 4 क्रमागत संख्याएँ n, n+1, n+2, n+3 हैं
इनका योग = n + (n+1) + (n+2) + (n+3) = 4n + 6 = 34
4n = 34 – 6 = 28 ⇒ n = 7
अतः 4 क्रमागत संख्याएँ 7, 8, 9, 10 हैं
उत्तर: 7, 8, 9, 10।

प्रश्न 2. यदि 31z5, 9 का गुणज है जहाँ z एक अंक है, तब z का मान क्या होगा?
उत्तर: 9 से विभाज्यता नियम के अनुसार अंकों का योग 9 से विभाज्य होना चाहिए
अंकों का योग = 3 + 1 + z + 5 = 9 + z
चूंकि z एक एकल अंक (0 से 9) है, अतः 9 + z = 9 या 9 + z = 18 हो सकता है
यदि 9 + z = 9 ⇒ z = 0
यदि 9 + z = 18 ⇒ z = 9
उत्तर: z = 0 या z = 9।

प्रश्न 3. 8 अंकों की एक संख्या का अंकीय मूल 5 है। उस संख्या से 10 अधिक संख्या का अंकीय मूल क्या होगा?
उत्तर: दी गई संख्या का अंकीय मूल = 5
संख्या में 10 जोड़ने पर, 10 का अंकीय मूल 1 + 0 = 1 होता है
अतः नई संख्या का अंकीय मूल = (5 + 1) का अंकीय मूल = 6
उत्तर: 6।

प्रश्न 4. संख्या 9a + 36b + 13 का अंकीय मूल क्या होगा?
उत्तर: 9a तथा 36b (9 × 4b) दोनों 9 के गुणज हैं, अतः 9 से विभाजित करने पर इनका शेषफल 0 होता है
13 को लिख सकते हैं 9 + 4, जिससे 9 से विभाजित करने पर शेषफल 4 मिलता है
व्यंजक = 9a + 36b + 9 + 4 = 9(a + 4b + 1) + 4
अतः 9 से भाग देने पर प्राप्त शेषफल अर्थात अंकीय मूल 4 होगा
उत्तर: 4।

प्रश्न 5. क्रिप्टारिथम A1 + 1B = B0 में A और B का मान ज्ञात कीजिए।
उत्तर: इकाई स्तंभ से: 1 + B = 0 (इकाई अंक), जिससे 1 + B = 10 ⇒ B = 9 (हासिल 1)
दहाई स्तंभ से: 1 (हासिल) + A + 1 = B ⇒ A + 2 = 9 ⇒ A = 7
जाँच: 71 + 19 = 90
उत्तर: A = 7, B = 9।

प्रश्न 6. गूढ़ समीकरण UT × 3 = PUT को हल कीजिए।
उत्तर: इकाई स्थान पर: T × 3 का इकाई अंक T होना चाहिए, जो T = 0 पर संभव है (0 × 3 = 0)
दहाई स्थान पर: U × 3 का इकाई अंक U होना चाहिए, जो U = 5 (गैर-शून्य अंक) पर संभव है (5 × 3 = 15)
सैकड़ा स्थान पर: 150 में P = 1 प्राप्त होता है
समीकरण: 50 × 3 = 150
उत्तर: U = 5, T = 0, P = 1।

प्रश्न 7. गूढ़ समीकरण X4 × 4 = ZX को हल कीजिए।
उत्तर: इकाई स्थान पर: 4 × 4 = 16, अतः इकाई अंक X = 6 और हासिल 1 प्राप्त होता है
दहाई स्थान पर: (4 × X) + 1 = (4 × 6) + 1 = 25
अतः ZX = 256, जिससे Z = 2 प्राप्त होता है
जाँच: 64 × 4 = 256
उत्तर: X = 6, Z = 2।

प्रश्न 8. यदि 48a23b, 18 का एक गुणज है तो a और b के सभी संभव मानों के युग्मों की सूची बनाइए।
उत्तर: 18 से विभाज्यता हेतु संख्या 2 और 9 दोनों से विभाज्य होनी चाहिए
2 से विभाज्यता हेतु इकाई अंक b सम होना चाहिए: b ∈ {0, 2, 4, 6, 8}
9 से विभाज्यता हेतु अंकों का योग 4 + 8 + a + 2 + 3 + b = 17 + a + b, 9 से विभाज्य (18 या 27) होना चाहिए
यदि 17 + a + b = 18 ⇒ a + b = 1, तो b = 0 पर a = 1, युग्म (1,0)
यदि 17 + a + b = 27 ⇒ a + b = 10, तो b = 2 पर a = 8, युग्म (8,2); b = 4 पर a = 6, युग्म (6,4); b = 6 पर a = 4, युग्म (4,6); b = 8 पर a = 2, युग्म (2,8)
उत्तर: (a, b) के युग्म = (1, 0), (8, 2), (6, 4), (4, 6), (2, 8)।

प्रश्न 9. पाँच क्रमागत सम संख्याओं के अनुक्रम में मध्य की संख्या 5p है। अनुक्रम में अन्य चार संख्याओं को p के पदों में व्यक्त कीजिए।
उत्तर: क्रमागत सम संख्याओं में 2 का अंतर होता है
मध्य (तीसरी) संख्या = 5p
प्रथम संख्या = 5p – 4
द्वितीय संख्या = 5p – 2
चतुर्थ संख्या = 5p + 2
पाँचवीं संख्या = 5p + 4
उत्तर: 5p – 4, 5p – 2, 5p + 2, 5p + 4।

प्रश्न 10. विभाजित किए बिना ज्ञात कीजिए कि क्या दी गई संख्याएँ 9 से विभाज्य हैं: (i) 123 (ii) 405 (iii) 8888 (iv) 93547 (v) 358095
उत्तर: 9 से विभाज्यता हेतु अंकों का योग 9 से विभाज्य होना चाहिए
(i) 123: 1 + 2 + 3 = 6 (विभाज्य नहीं)
(ii) 405: 4 + 0 + 5 = 9 (विभाज्य है)
(iii) 8888: 8 + 8 + 8 + 8 = 32 (विभाज्य नहीं)
(iv) 93547: 9 + 3 + 5 + 4 + 7 = 28 (विभाज्य नहीं)
(v) 358095: 3 + 5 + 8 + 0 + 9 + 5 = 30 (विभाज्य नहीं)
उत्तर: केवल (ii) 405 संख्या 9 से विभाज्य है।

प्रश्न 11. 9 का सबसे छोटा गुणज ज्ञात कीजिए जिसमें कोई विषम अंक न हो।
उत्तर: 9 से विभाज्यता हेतु अंकों का योग 9 से विभाज्य होना चाहिए और सभी अंक सम (0, 2, 4, 6, 8) होने चाहिए
चूंकि सभी अंक सम हैं, अंकों का योग भी सम होगा, अतः न्यूनतम संभव योग 18 है
सबसे छोटी 3-अंकीय संख्या के लिए पहला अंक 2 चुनने पर शेष अंकों का योग 18 – 2 = 16 होना चाहिए
अधिकतम सम अंक 8 है, अतः 8 + 8 = 16, जिससे संख्या 288 प्राप्त होती है
288 ÷ 9 = 32, और इसके सभी अंक (2, 8, 8) सम हैं
उत्तर: 288।

प्रश्न 12. गूढ़ समीकरण EF × E = GGG को हल कीजिए।
उत्तर: (10E + F) × E = 111 × G = 3 × 37 × G
37 एक अभाज्य संख्या है, अतः 2-अंकीय संख्या EF को 37 का गुणज होना चाहिए
37 के 2-अंकीय गुणज 37 और 74 हैं
यदि EF = 37, तो E = 3 और F = 7, जिससे 37 × 3 = 111 प्राप्त होता है (जहाँ G = 1)
यदि EF = 74, तो 74 × 7 = 518 (GGG रूप नहीं है)
उत्तर: E = 3, F = 7, G = 1 (समीकरण: 37 × 3 = 111)।

कक्षा 8 अध्याय 5 PDF ऑनलाइन पढ़ें

अन्य अध्याय

FAQ

4 क्रमागत संख्याओं के बीच ‘+’ और ‘-‘ लगाने पर परिणाम सदैव सम संख्या क्यों होता है?
जब व्यंजक के एक चिह्न ‘+’ को ‘-‘ में बदला जाता है तो मान में 2b का अंतर आता है जो एक सम संख्या है। इसलिए सभी 8 व्यंजकों की समता (even parity) सदैव समान और सम होती है।

‘अंकीय मूल’ क्या है और गणित के इतिहास में इसका क्या महत्व है?
किसी संख्या के अंकों को तब तक बार-बार जोड़ा जाता है जब तक एक अंक प्राप्त न हो जाए, वही उसका अंकीय मूल होता है। आर्यभट्ट द्वितीय ने 950 सामान्य संवत के ग्रंथ ‘महासिद्धान्त’ में अंकगणितीय गणनाओं की जाँच के लिए इसका वर्णन किया था।

नवाकांकरी खेल क्या है और इसे कैसे खेला जाता है?
नवाकांकरी (सयालूमाने आटा या चर-पर) दो खिलाड़ियों का पारंपरिक भारतीय पट्ट खेल है जो ‘नाइन मेन्स मॉरिस’ के समान है। इसमें दोनों खिलाड़ी 9-9 मोहरों से 3 मोहरों की सीधी रेखा बनाकर प्रतिद्वंद्वी की गोटियाँ हटाते हैं।

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