- (क) राजा × रंक (प्रजा)
- (ख) सिलना × उधेड़ना
- (ग) सुंदर × कुरूप (बदसूरत)
- (घ) डरपोक × निडर (साहसी)
- (ङ) दिन × रात
- (च) नया × पुराना
अभ्यास 6: दिए गए शब्दों से वाक्य बनाइए (Make Sentences)
- 1. टोपी: चूहे ने सिर पर चमकीली और गोटेदार टोपी पहनी।
- 2. दर्जी: दर्जी ने बहुत सुंदर और आकर्षक पोशाक सिली।
- 3. सितारे: रात के समय खुले आकाश में अनगिनत सितारे टिमटिमाते हैं।
- 4. महल: राजा का भव्य महल बहुत ऊँचा और सुंदर था।
- 5. गोटा: माँ ने अपनी नई साड़ी के किनारे पर सुनहरा गोटा लगवाया।
अभ्यास 7: जीवन मूल्य व नाटक की सीख (Moral of the Play)
प्रश्न: ‘चूँ-चूँ की टोपी’ बाल नाटक से हमें क्या सीख मिलती है?
उत्तर: इस रोचक बाल नाटक से हमें यह सीख मिलती है कि यदि हमारे मन में किसी कार्य को पूरा करने का दृढ़ निश्चय और आत्मविश्वास हो, तो छोटा व्यक्ति भी अपने कौशल और सूझबूझ से अपना काम करवा सकता है। साथ ही, हमें किसी छोटे प्राणी को तुच्छ या असहाय समझकर उसका तिरस्कार नहीं करना चाहिए।
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- चूहा: “दर्जी भैया! ज़रा इस लाल कपड़े की एक सुंदर टोपी सिल दो।”
- दर्जी: “हट यहाँ से! मेरे पास तुम्हारी टोपी सिलने की फुर्सत नहीं है।”
- चूहा: “अच्छा! नहीं सिलोगे? रात को आऊँगा, अपनी पूरी फौज लाऊँगा, तुम्हारे सारे कपड़े कुतर डालूँगा।”
- दर्जी: (डरकर हाथ जोड़ते हुए) “अरे नहीं-नहीं चूहे राजा! गुस्सा मत हो, मैं अभी तुम्हारी सुंदर टोपी सिल देता हूँ।”
अभ्यास 4: संयुक्त व्यंजन वाले शब्द लिखिए (क्ष, त्र, ज्ञ, श्र)
नियम: क्ष (क् + ष), त्र (त् + र), ज्ञ (ज् + ञ), श्र (श् + र) हिंदी वर्णमाला के चार प्रमुख संयुक्त व्यंजन हैं।
| संयुक्त व्यंजन | पहला शब्द | दूसरा शब्द |
|---|---|---|
| क्ष | क्षमा | रक्षा / कक्षा |
| त्र | पत्र | मित्र / चित्र |
| ज्ञ | ज्ञान | ज्ञानी / अज्ञात |
| श्र | श्रम | विश्राम / श्रमिक |
अभ्यास 5: उल्टे अर्थ वाले (विलोम) शब्द लिखिए (Antonyms)
- (क) राजा × रंक (प्रजा)
- (ख) सिलना × उधेड़ना
- (ग) सुंदर × कुरूप (बदसूरत)
- (घ) डरपोक × निडर (साहसी)
- (ङ) दिन × रात
- (च) नया × पुराना
अभ्यास 6: दिए गए शब्दों से वाक्य बनाइए (Make Sentences)
- 1. टोपी: चूहे ने सिर पर चमकीली और गोटेदार टोपी पहनी।
- 2. दर्जी: दर्जी ने बहुत सुंदर और आकर्षक पोशाक सिली।
- 3. सितारे: रात के समय खुले आकाश में अनगिनत सितारे टिमटिमाते हैं।
- 4. महल: राजा का भव्य महल बहुत ऊँचा और सुंदर था।
- 5. गोटा: माँ ने अपनी नई साड़ी के किनारे पर सुनहरा गोटा लगवाया।
अभ्यास 7: जीवन मूल्य व नाटक की सीख (Moral of the Play)
प्रश्न: ‘चूँ-चूँ की टोपी’ बाल नाटक से हमें क्या सीख मिलती है?
उत्तर: इस रोचक बाल नाटक से हमें यह सीख मिलती है कि यदि हमारे मन में किसी कार्य को पूरा करने का दृढ़ निश्चय और आत्मविश्वास हो, तो छोटा व्यक्ति भी अपने कौशल और सूझबूझ से अपना काम करवा सकता है। साथ ही, हमें किसी छोटे प्राणी को तुच्छ या असहाय समझकर उसका तिरस्कार नहीं करना चाहिए।
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- (क) नन्हे चूहे को रास्ते में पड़ा हुआ एक लाल कपड़ा मिला।
- (ख) चूहा उस कपड़े को लेकर टोपी सिलवाने के लिए दर्जी के पास गया।
- (ग) टोपी पर सुनहरे सितारे और किनारी लगवाने वह गोटे वाले की दुकान पर गया।
- (घ) चमकीली और सुंदर टोपी पहनकर चूहा बहुत प्रसन्न हुआ।
- (ङ) चूहा अपनी सुंदर टोपी लेकर सीधे राजा के महल में पहुँच गया।
अभ्यास 2: विशेषण और विशेष्य का सही मिलान कीजिए (Match Adjectives and Nouns)
| विशेषण (Adjective) | विशेष्य (Noun) | सार्थक पदबंध (Combined Phrase) |
|---|---|---|
| लाल | कपड़ा | लाल कपड़ा |
| चमकीली | टोपी | चमकीली टोपी |
| सुनहरे | सितारे | सुनहरे सितारे |
| चतुर | चूहा | चतुर चूहा |
| बड़ा | महल | बड़ा महल |
| सुंदर | गोटा | सुंदर गोटा |
अभ्यास 3: संवाद पूरा कीजिए (Dialogue Completion)
चूहे और दर्जी के बीच बातचीत (संवाद) को उचित शब्दों से पूर्ण कीजिए:
- चूहा: “दर्जी भैया! ज़रा इस लाल कपड़े की एक सुंदर टोपी सिल दो।”
- दर्जी: “हट यहाँ से! मेरे पास तुम्हारी टोपी सिलने की फुर्सत नहीं है।”
- चूहा: “अच्छा! नहीं सिलोगे? रात को आऊँगा, अपनी पूरी फौज लाऊँगा, तुम्हारे सारे कपड़े कुतर डालूँगा।”
- दर्जी: (डरकर हाथ जोड़ते हुए) “अरे नहीं-नहीं चूहे राजा! गुस्सा मत हो, मैं अभी तुम्हारी सुंदर टोपी सिल देता हूँ।”
अभ्यास 4: संयुक्त व्यंजन वाले शब्द लिखिए (क्ष, त्र, ज्ञ, श्र)
नियम: क्ष (क् + ष), त्र (त् + र), ज्ञ (ज् + ञ), श्र (श् + र) हिंदी वर्णमाला के चार प्रमुख संयुक्त व्यंजन हैं।
| संयुक्त व्यंजन | पहला शब्द | दूसरा शब्द |
|---|---|---|
| क्ष | क्षमा | रक्षा / कक्षा |
| त्र | पत्र | मित्र / चित्र |
| ज्ञ | ज्ञान | ज्ञानी / अज्ञात |
| श्र | श्रम | विश्राम / श्रमिक |
अभ्यास 5: उल्टे अर्थ वाले (विलोम) शब्द लिखिए (Antonyms)
- (क) राजा × रंक (प्रजा)
- (ख) सिलना × उधेड़ना
- (ग) सुंदर × कुरूप (बदसूरत)
- (घ) डरपोक × निडर (साहसी)
- (ङ) दिन × रात
- (च) नया × पुराना
अभ्यास 6: दिए गए शब्दों से वाक्य बनाइए (Make Sentences)
- 1. टोपी: चूहे ने सिर पर चमकीली और गोटेदार टोपी पहनी।
- 2. दर्जी: दर्जी ने बहुत सुंदर और आकर्षक पोशाक सिली।
- 3. सितारे: रात के समय खुले आकाश में अनगिनत सितारे टिमटिमाते हैं।
- 4. महल: राजा का भव्य महल बहुत ऊँचा और सुंदर था।
- 5. गोटा: माँ ने अपनी नई साड़ी के किनारे पर सुनहरा गोटा लगवाया।
अभ्यास 7: जीवन मूल्य व नाटक की सीख (Moral of the Play)
प्रश्न: ‘चूँ-चूँ की टोपी’ बाल नाटक से हमें क्या सीख मिलती है?
उत्तर: इस रोचक बाल नाटक से हमें यह सीख मिलती है कि यदि हमारे मन में किसी कार्य को पूरा करने का दृढ़ निश्चय और आत्मविश्वास हो, तो छोटा व्यक्ति भी अपने कौशल और सूझबूझ से अपना काम करवा सकता है। साथ ही, हमें किसी छोटे प्राणी को तुच्छ या असहाय समझकर उसका तिरस्कार नहीं करना चाहिए।
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DAV Class 3 Hindi Bhasha Abhyas Chapter 11 Solutions चूँ-चूँ की टोपी
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| कक्षा (Class) | विषय (Subject) | कार्यपुस्तिका (Workbook) | पाठ (Chapter) | मुख्य व्याकरण विषय (Key Focus) |
|---|---|---|---|---|
| कक्षा 3 (Class 3) | हिंदी (Hindi) | भाषा अभ्यास (Bhasha Abhyas) | पाठ 11: चूँ-चूँ की टोपी | संवाद लेखन, विशेषण-विशेष्य, संयुक्त वर्ण (क्ष, त्र, ज्ञ, श्र), विलोम |
अभ्यास 1: कहानी के आधार पर रिक्त स्थान भरिए (Fill in the Blanks)
दिए गए शब्दों (लाल कपड़ा, दर्जी, गोटे वाले, टोपी, राजा) की सहायता से वाक्य पूरे कीजिए:
- (क) नन्हे चूहे को रास्ते में पड़ा हुआ एक लाल कपड़ा मिला।
- (ख) चूहा उस कपड़े को लेकर टोपी सिलवाने के लिए दर्जी के पास गया।
- (ग) टोपी पर सुनहरे सितारे और किनारी लगवाने वह गोटे वाले की दुकान पर गया।
- (घ) चमकीली और सुंदर टोपी पहनकर चूहा बहुत प्रसन्न हुआ।
- (ङ) चूहा अपनी सुंदर टोपी लेकर सीधे राजा के महल में पहुँच गया।
अभ्यास 2: विशेषण और विशेष्य का सही मिलान कीजिए (Match Adjectives and Nouns)
| विशेषण (Adjective) | विशेष्य (Noun) | सार्थक पदबंध (Combined Phrase) |
|---|---|---|
| लाल | कपड़ा | लाल कपड़ा |
| चमकीली | टोपी | चमकीली टोपी |
| सुनहरे | सितारे | सुनहरे सितारे |
| चतुर | चूहा | चतुर चूहा |
| बड़ा | महल | बड़ा महल |
| सुंदर | गोटा | सुंदर गोटा |
अभ्यास 3: संवाद पूरा कीजिए (Dialogue Completion)
चूहे और दर्जी के बीच बातचीत (संवाद) को उचित शब्दों से पूर्ण कीजिए:
- चूहा: “दर्जी भैया! ज़रा इस लाल कपड़े की एक सुंदर टोपी सिल दो।”
- दर्जी: “हट यहाँ से! मेरे पास तुम्हारी टोपी सिलने की फुर्सत नहीं है।”
- चूहा: “अच्छा! नहीं सिलोगे? रात को आऊँगा, अपनी पूरी फौज लाऊँगा, तुम्हारे सारे कपड़े कुतर डालूँगा।”
- दर्जी: (डरकर हाथ जोड़ते हुए) “अरे नहीं-नहीं चूहे राजा! गुस्सा मत हो, मैं अभी तुम्हारी सुंदर टोपी सिल देता हूँ।”
अभ्यास 4: संयुक्त व्यंजन वाले शब्द लिखिए (क्ष, त्र, ज्ञ, श्र)
नियम: क्ष (क् + ष), त्र (त् + र), ज्ञ (ज् + ञ), श्र (श् + र) हिंदी वर्णमाला के चार प्रमुख संयुक्त व्यंजन हैं।
| संयुक्त व्यंजन | पहला शब्द | दूसरा शब्द |
|---|---|---|
| क्ष | क्षमा | रक्षा / कक्षा |
| त्र | पत्र | मित्र / चित्र |
| ज्ञ | ज्ञान | ज्ञानी / अज्ञात |
| श्र | श्रम | विश्राम / श्रमिक |
अभ्यास 5: उल्टे अर्थ वाले (विलोम) शब्द लिखिए (Antonyms)
- (क) राजा × रंक (प्रजा)
- (ख) सिलना × उधेड़ना
- (ग) सुंदर × कुरूप (बदसूरत)
- (घ) डरपोक × निडर (साहसी)
- (ङ) दिन × रात
- (च) नया × पुराना
अभ्यास 6: दिए गए शब्दों से वाक्य बनाइए (Make Sentences)
- 1. टोपी: चूहे ने सिर पर चमकीली और गोटेदार टोपी पहनी।
- 2. दर्जी: दर्जी ने बहुत सुंदर और आकर्षक पोशाक सिली।
- 3. सितारे: रात के समय खुले आकाश में अनगिनत सितारे टिमटिमाते हैं।
- 4. महल: राजा का भव्य महल बहुत ऊँचा और सुंदर था।
- 5. गोटा: माँ ने अपनी नई साड़ी के किनारे पर सुनहरा गोटा लगवाया।
अभ्यास 7: जीवन मूल्य व नाटक की सीख (Moral of the Play)
प्रश्न: ‘चूँ-चूँ की टोपी’ बाल नाटक से हमें क्या सीख मिलती है?
उत्तर: इस रोचक बाल नाटक से हमें यह सीख मिलती है कि यदि हमारे मन में किसी कार्य को पूरा करने का दृढ़ निश्चय और आत्मविश्वास हो, तो छोटा व्यक्ति भी अपने कौशल और सूझबूझ से अपना काम करवा सकता है। साथ ही, हमें किसी छोटे प्राणी को तुच्छ या असहाय समझकर उसका तिरस्कार नहीं करना चाहिए।
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