- (क) जंगल + ई = जंगली
- (ख) मेहनत + ई = मेहनती
- (ग) पंजाब + ई = पंजाबी
- (घ) साहस + ई = साहसी
- (ङ) शहर + ई = शहरी
- (च) पहाड़ + ई = पहाड़ी
- (छ) भारत + ई + य = भारतीय
- (ज) धन + ई = धनी
अभ्यास 5: अशुद्ध वाक्यों को शुद्ध करके लिखिए (Sentence Correction)
प्रश्न: दिए गए अशुद्ध वाक्यों में व्याकरण की त्रुटियों को सुधारकर शुद्ध रूप में लिखिए:
| क्र. | अशुद्ध वाक्य | शुद्ध वाक्य (आदर व सही क्रिया सहित) |
|---|---|---|
| 1. | दादाजी अखबार पढ़ता है। | दादाजी अखबार पढ़ते हैं। (आदरसूचक बहुवचन) |
| 2. | सोनाली ने अखरोट लाया। | सोनाली अखरोट लाई। |
| 3. | हम खाना खा लिया। | हमने खाना खा लिया। |
| 4. | पेड़ में मीठे फल लगा है। | पेड़ पर मीठे फल लगे हैं। |
| 5. | बच्चे मैदान में दौड़ता है। | बच्चे मैदान में दौड़ते हैं। |
अभ्यास 6: रिश्तों के सही नाम लिखिए (Family Relationships)
| रिश्ता | सही संबोधन |
|---|---|
| पिताजी के पिताजी | दादाजी |
| पिताजी की माताजी | दादीजी |
| माताजी के पिताजी | नानाजी |
| माताजी की माताजी | नानीजी |
| पिताजी के छोटे भाई | चाचाजी |
| पिताजी की बहन | बुआजी |
| माताजी के भाई | मामाजी |
| माताजी की बहन | मौसी जी |
अभ्यास 7: दिए गए शब्दों से वाक्य बनाइए (Make Sentences)
- 1. अखरोट: अखरोट खाने से हमारा मस्तिष्क तेज़ और शरीर स्वस्थ रहता है।
- 2. सैर: प्रातःकाल की ताज़ी हवा में सैर करना स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी है।
- 3. गाँव: दादाजी का गाँव बहुत सुंदर, हरा-भरा और प्रदूषण मुक्त है।
- 4. छड़ी: दादाजी सैर करते समय हाथ में मजबूत छड़ी रखते हैं।
- 5. आशीर्वाद: हमें प्रतिदिन सुबह अपने माता-पिता और बड़ों का आशीर्वाद लेना चाहिए।
अभ्यास 8: जीवन मूल्य (Value-Based Question)
प्रश्न: घर के दादा-दादी या बुजुर्गों की देखभाल करना हमारा कर्तव्य क्यों है? हमें उनके साथ कैसा व्यवहार करना चाहिए?
उत्तर: दादा-दादी और बुजुर्ग हमारे परिवार की मजबूत नींव होते हैं। वे हमें असीम स्नेह, संस्कार और जीवन की अच्छी सीख देते हैं। वृद्धावस्था में उन्हें हमारे प्रेम, समय और सहयोग की आवश्यकता होती है। हमें उनके साथ सदा आदरपूर्वक बोलना चाहिए, उनके छोटे-मोटे कार्यों में हाथ बँटाना चाहिए और प्रतिदिन उनके पास बैठकर बातें करनी चाहिए।
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- (क) सोनाली के दादाजी एक सुंदर और शांत गाँव में रहते थे।
- (ख) दादाजी रोज़ सुबह हरी-भरी पगडंडियों पर सैर करने जाते थे।
- (ग) दादाजी हाथ में सहारा लेने के लिए एक सुंदर छड़ी रखते थे।
- (घ) सोनाली अपने प्यारे दादाजी के लिए ताज़े अखरोट लेकर गई।
- (ङ) दादाजी ने सोनाली को गले लगाया और उसे बहुत सारा प्यार और आशीर्वाद दिया।
अभ्यास 2: संबंधबोधक शब्दों का सही प्रयोग कीजिए (Postpositions)
दिए गए संबंधबोधक शब्दों (के साथ, के ऊपर, के सामने, के नीचे, के पीछे) से वाक्य पूरे कीजिए:
| क्र. सं. | अधूरा वाक्य | सही संबंधबोधक शब्द | पूर्ण वाक्य |
|---|---|---|---|
| (क) | सोनाली दादाजी _______ सुबह सैर पर जाती थी। | के साथ | सोनाली दादाजी के साथ सुबह सैर पर जाती थी। |
| (ख) | पेड़ _______ मीठे फल लटक रहे थे। | के ऊपर | पेड़ के ऊपर मीठे फल लटक रहे थे। |
| (ग) | दादाजी के घर _______ एक बड़ा बगीचा था। | के सामने | दादाजी के घर के सामने एक बड़ा बगीचा था। |
| (घ) | घनी झाड़ियों _______ खरगोश छिप गया। | के पीछे | घनी झाड़ियों के पीछे खरगोश छिप गया। |
| (ङ) | विशाल बरगद _______ मुसाफिर आराम कर रहे थे। | के नीचे | विशाल बरगद के नीचे मुसाफिर आराम कर रहे थे। |
अभ्यास 3: उपसर्ग जोड़कर नए शब्द बनाइए (Prefixes – ‘अ’, ‘सु’, ‘अन’)
नियम: जो शब्दांश किसी मूल शब्द के पहले जुड़कर उसका अर्थ बदल देते हैं, उन्हें उपसर्ग कहते हैं।
| उपसर्ग | मूल शब्द | नया शब्द |
|---|---|---|
| अ | प्रसन्न | अप्रसन्न |
| अ | शांत | अशांत |
| सु | पुत्र | सुपुत्र |
| सु | विचार | सुविचार |
| अन | पढ़ | अनपढ़ |
| अन | देखा | अनदेखा |
| सु | गंध | सुगंध |
| अ | सत्य | असत्य |
अभ्यास 4: प्रत्यय ‘ई’ जोड़कर नए शब्द बनाइए (Suffix Formation)
नियम: जो शब्दांश मूल शब्द के अंत में जुड़कर नए शब्द की रचना करते हैं, उन्हें प्रत्यय कहते हैं।
- (क) जंगल + ई = जंगली
- (ख) मेहनत + ई = मेहनती
- (ग) पंजाब + ई = पंजाबी
- (घ) साहस + ई = साहसी
- (ङ) शहर + ई = शहरी
- (च) पहाड़ + ई = पहाड़ी
- (छ) भारत + ई + य = भारतीय
- (ज) धन + ई = धनी
अभ्यास 5: अशुद्ध वाक्यों को शुद्ध करके लिखिए (Sentence Correction)
प्रश्न: दिए गए अशुद्ध वाक्यों में व्याकरण की त्रुटियों को सुधारकर शुद्ध रूप में लिखिए:
| क्र. | अशुद्ध वाक्य | शुद्ध वाक्य (आदर व सही क्रिया सहित) |
|---|---|---|
| 1. | दादाजी अखबार पढ़ता है। | दादाजी अखबार पढ़ते हैं। (आदरसूचक बहुवचन) |
| 2. | सोनाली ने अखरोट लाया। | सोनाली अखरोट लाई। |
| 3. | हम खाना खा लिया। | हमने खाना खा लिया। |
| 4. | पेड़ में मीठे फल लगा है। | पेड़ पर मीठे फल लगे हैं। |
| 5. | बच्चे मैदान में दौड़ता है। | बच्चे मैदान में दौड़ते हैं। |
अभ्यास 6: रिश्तों के सही नाम लिखिए (Family Relationships)
| रिश्ता | सही संबोधन |
|---|---|
| पिताजी के पिताजी | दादाजी |
| पिताजी की माताजी | दादीजी |
| माताजी के पिताजी | नानाजी |
| माताजी की माताजी | नानीजी |
| पिताजी के छोटे भाई | चाचाजी |
| पिताजी की बहन | बुआजी |
| माताजी के भाई | मामाजी |
| माताजी की बहन | मौसी जी |
अभ्यास 7: दिए गए शब्दों से वाक्य बनाइए (Make Sentences)
- 1. अखरोट: अखरोट खाने से हमारा मस्तिष्क तेज़ और शरीर स्वस्थ रहता है।
- 2. सैर: प्रातःकाल की ताज़ी हवा में सैर करना स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी है।
- 3. गाँव: दादाजी का गाँव बहुत सुंदर, हरा-भरा और प्रदूषण मुक्त है।
- 4. छड़ी: दादाजी सैर करते समय हाथ में मजबूत छड़ी रखते हैं।
- 5. आशीर्वाद: हमें प्रतिदिन सुबह अपने माता-पिता और बड़ों का आशीर्वाद लेना चाहिए।
अभ्यास 8: जीवन मूल्य (Value-Based Question)
प्रश्न: घर के दादा-दादी या बुजुर्गों की देखभाल करना हमारा कर्तव्य क्यों है? हमें उनके साथ कैसा व्यवहार करना चाहिए?
उत्तर: दादा-दादी और बुजुर्ग हमारे परिवार की मजबूत नींव होते हैं। वे हमें असीम स्नेह, संस्कार और जीवन की अच्छी सीख देते हैं। वृद्धावस्था में उन्हें हमारे प्रेम, समय और सहयोग की आवश्यकता होती है। हमें उनके साथ सदा आदरपूर्वक बोलना चाहिए, उनके छोटे-मोटे कार्यों में हाथ बँटाना चाहिए और प्रतिदिन उनके पास बैठकर बातें करनी चाहिए।
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DAV Board Class 3 Hindi (भाषा अभ्यास) | 100% Authentic Workbook Solutions
DAV Class 3 Hindi Bhasha Abhyas Chapter 7 Solutions दादाजी
Get complete, authentic, textbook-grounded solutions for DAV Class 3 Hindi Bhasha Abhyas (भाषा अभ्यास) Chapter 7: दादाजी (Dadaji). All exercises, worksheets, Postposition words (संबंधबोधक शब्द), Prefix & Suffix drills (उपसर्ग ‘अ, सु, अन’ व प्रत्यय ‘ई’), Sentence correction (वाक्य शुद्धिकरण), Family relations (पारिवारिक रिश्ते), and Sentence creation tasks are thoroughly solved according to DAV CMC syllabus.
| कक्षा (Class) | विषय (Subject) | कार्यपुस्तिका (Workbook) | पाठ (Chapter) | मुख्य व्याकरण विषय (Key Focus) |
|---|---|---|---|---|
| कक्षा 3 (Class 3) | हिंदी (Hindi) | भाषा अभ्यास (Bhasha Abhyas) | पाठ 7: दादाजी | संबंधबोधक शब्द, उपसर्ग व प्रत्यय, वाक्य शुद्धिकरण, रिश्ते-नाते |
अभ्यास 1: कहानी के आधार पर रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए (Fill in the Blanks)
दिए गए शब्दों (गाँव, सैर, अखरोट, छड़ी, प्यार) से रिक्त स्थान भरिए:
- (क) सोनाली के दादाजी एक सुंदर और शांत गाँव में रहते थे।
- (ख) दादाजी रोज़ सुबह हरी-भरी पगडंडियों पर सैर करने जाते थे।
- (ग) दादाजी हाथ में सहारा लेने के लिए एक सुंदर छड़ी रखते थे।
- (घ) सोनाली अपने प्यारे दादाजी के लिए ताज़े अखरोट लेकर गई।
- (ङ) दादाजी ने सोनाली को गले लगाया और उसे बहुत सारा प्यार और आशीर्वाद दिया।
अभ्यास 2: संबंधबोधक शब्दों का सही प्रयोग कीजिए (Postpositions)
दिए गए संबंधबोधक शब्दों (के साथ, के ऊपर, के सामने, के नीचे, के पीछे) से वाक्य पूरे कीजिए:
| क्र. सं. | अधूरा वाक्य | सही संबंधबोधक शब्द | पूर्ण वाक्य |
|---|---|---|---|
| (क) | सोनाली दादाजी _______ सुबह सैर पर जाती थी। | के साथ | सोनाली दादाजी के साथ सुबह सैर पर जाती थी। |
| (ख) | पेड़ _______ मीठे फल लटक रहे थे। | के ऊपर | पेड़ के ऊपर मीठे फल लटक रहे थे। |
| (ग) | दादाजी के घर _______ एक बड़ा बगीचा था। | के सामने | दादाजी के घर के सामने एक बड़ा बगीचा था। |
| (घ) | घनी झाड़ियों _______ खरगोश छिप गया। | के पीछे | घनी झाड़ियों के पीछे खरगोश छिप गया। |
| (ङ) | विशाल बरगद _______ मुसाफिर आराम कर रहे थे। | के नीचे | विशाल बरगद के नीचे मुसाफिर आराम कर रहे थे। |
अभ्यास 3: उपसर्ग जोड़कर नए शब्द बनाइए (Prefixes – ‘अ’, ‘सु’, ‘अन’)
नियम: जो शब्दांश किसी मूल शब्द के पहले जुड़कर उसका अर्थ बदल देते हैं, उन्हें उपसर्ग कहते हैं।
| उपसर्ग | मूल शब्द | नया शब्द |
|---|---|---|
| अ | प्रसन्न | अप्रसन्न |
| अ | शांत | अशांत |
| सु | पुत्र | सुपुत्र |
| सु | विचार | सुविचार |
| अन | पढ़ | अनपढ़ |
| अन | देखा | अनदेखा |
| सु | गंध | सुगंध |
| अ | सत्य | असत्य |
अभ्यास 4: प्रत्यय ‘ई’ जोड़कर नए शब्द बनाइए (Suffix Formation)
नियम: जो शब्दांश मूल शब्द के अंत में जुड़कर नए शब्द की रचना करते हैं, उन्हें प्रत्यय कहते हैं।
- (क) जंगल + ई = जंगली
- (ख) मेहनत + ई = मेहनती
- (ग) पंजाब + ई = पंजाबी
- (घ) साहस + ई = साहसी
- (ङ) शहर + ई = शहरी
- (च) पहाड़ + ई = पहाड़ी
- (छ) भारत + ई + य = भारतीय
- (ज) धन + ई = धनी
अभ्यास 5: अशुद्ध वाक्यों को शुद्ध करके लिखिए (Sentence Correction)
प्रश्न: दिए गए अशुद्ध वाक्यों में व्याकरण की त्रुटियों को सुधारकर शुद्ध रूप में लिखिए:
| क्र. | अशुद्ध वाक्य | शुद्ध वाक्य (आदर व सही क्रिया सहित) |
|---|---|---|
| 1. | दादाजी अखबार पढ़ता है। | दादाजी अखबार पढ़ते हैं। (आदरसूचक बहुवचन) |
| 2. | सोनाली ने अखरोट लाया। | सोनाली अखरोट लाई। |
| 3. | हम खाना खा लिया। | हमने खाना खा लिया। |
| 4. | पेड़ में मीठे फल लगा है। | पेड़ पर मीठे फल लगे हैं। |
| 5. | बच्चे मैदान में दौड़ता है। | बच्चे मैदान में दौड़ते हैं। |
अभ्यास 6: रिश्तों के सही नाम लिखिए (Family Relationships)
| रिश्ता | सही संबोधन |
|---|---|
| पिताजी के पिताजी | दादाजी |
| पिताजी की माताजी | दादीजी |
| माताजी के पिताजी | नानाजी |
| माताजी की माताजी | नानीजी |
| पिताजी के छोटे भाई | चाचाजी |
| पिताजी की बहन | बुआजी |
| माताजी के भाई | मामाजी |
| माताजी की बहन | मौसी जी |
अभ्यास 7: दिए गए शब्दों से वाक्य बनाइए (Make Sentences)
- 1. अखरोट: अखरोट खाने से हमारा मस्तिष्क तेज़ और शरीर स्वस्थ रहता है।
- 2. सैर: प्रातःकाल की ताज़ी हवा में सैर करना स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी है।
- 3. गाँव: दादाजी का गाँव बहुत सुंदर, हरा-भरा और प्रदूषण मुक्त है।
- 4. छड़ी: दादाजी सैर करते समय हाथ में मजबूत छड़ी रखते हैं।
- 5. आशीर्वाद: हमें प्रतिदिन सुबह अपने माता-पिता और बड़ों का आशीर्वाद लेना चाहिए।
अभ्यास 8: जीवन मूल्य (Value-Based Question)
प्रश्न: घर के दादा-दादी या बुजुर्गों की देखभाल करना हमारा कर्तव्य क्यों है? हमें उनके साथ कैसा व्यवहार करना चाहिए?
उत्तर: दादा-दादी और बुजुर्ग हमारे परिवार की मजबूत नींव होते हैं। वे हमें असीम स्नेह, संस्कार और जीवन की अच्छी सीख देते हैं। वृद्धावस्था में उन्हें हमारे प्रेम, समय और सहयोग की आवश्यकता होती है। हमें उनके साथ सदा आदरपूर्वक बोलना चाहिए, उनके छोटे-मोटे कार्यों में हाथ बँटाना चाहिए और प्रतिदिन उनके पास बैठकर बातें करनी चाहिए।
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