कक्षा 6 समाज का अध्ययन अध्याय 7, भारत की सांस्कृतिक जड़ें: यह अध्याय वेदों, वैदिक संस्कृति, उपनिषदों के विचारों, बौद्ध व जैन दर्शनों तथा लोक एवं जनजातीय परंपराओं के माध्यम से भारतीय संस्कृति की विविध जड़ों का वर्णन करता है। इसमें ऋषि उद्दालक आरुणि और श्वेतकेतु, नचिकेता व यम, गार्गी व याज्ञवल्क्य, सिद्धार्थ गौतम (बुद्ध), वर्धमान महावीर, वानर-राज की जातक कथा तथा रोहिणेय चोर की जैन कथा जैसे पात्रों और आख्यानों का उल्लेख किया गया है।
कक्षा 6 समाज का अध्ययन अध्याय 7 (भारत की सांस्कृतिक जड़ें): मुख्य बिंदु
वेद और वैदिक संस्कृति ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद भारत के प्राचीनतम ग्रंथ हैं जिनकी रचना सप्तसिंधु क्षेत्र में ऋषियों और ऋषिकाओं द्वारा की गई थी। वर्ष 2008 में यूनेस्को ने इस वैदिक पाठशैली को ‘मानवीयता के मौखिक और अमूर्त विरासत’ के रूप में मान्यता दी तथा इसमें भरत, पुरु, कुरु, यदु और तुर्वश जैसे 30 से अधिक जनों का उल्लेख मिलता है।
उपनिषद और उपनिषदों की कथाएँ उपनिषदों में पुनर्जन्म, कर्म और ‘अहम ब्रह्मास्मि’ तथा ‘तत् त्वम असि’ जैसे वेदांत दर्शन के सिद्धांतों की व्याख्या की गई है। इसमें नचिकेता द्वारा यम से मृत्यु के बाद आत्मा का रहस्य पूछने तथा गार्गी द्वारा राजा जनक के दरबार में याज्ञवल्क्य से ब्रह्म के स्वरूप पर शास्त्रार्थ करने की प्रसिद्ध कथाएँ वर्णित हैं।
बौद्ध और जैन मत सिद्धार्थ गौतम ने 29 वर्ष की आयु में गृहत्याग कर बोधगया में पीपल के वृक्ष के नीचे ज्ञान प्राप्त किया और अहिंसा का उपदेश देकर संघ की स्थापना की। वहीं 6ठी शताब्दी सा.सं.पू. में जन्मे वर्धमान महावीर ने 12 वर्ष की कठोर तपस्या के बाद ज्ञान प्राप्त किया तथा अहिंसा, अनेकांतवाद और अपरिग्रह के सिद्धांतों का प्रतिपादन किया।
लोक और जनजातीय जड़ें वर्ष 2011 के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार भारत में लगभग 104 मिलियन जनसंख्या वाली 705 जनजातियाँ निवास करती हैं। अरुणाचल प्रदेश की जनजातियाँ डोनीपोलो (सूर्य व चंद्रमा) की पूजा करती हैं, मुंडा व संथाल सिंगबोंगा की और तमिलनाडु की इराउला जनजाति नीलगिरि पर्वत की 30 से अधिक चोटियों को पवित्र मानती है।
अध्याय 7 के अभ्यास
- विद्यार्थी यह कल्पना करके 100-150 शब्दों में लिखते हैं कि यदि वे नचिकेता होते तो मृत्यु के देवता यम से कौन-से प्रश्न पूछते।
- विद्यार्थी बुद्ध के इस उद्धरण “जल से व्यक्ति शुद्ध नहीं हो सकता, जब तक कई लोग यहाँ स्नान करते हैं” का अर्थ समझने के लिए कक्षा में चर्चा करते हैं।
- विद्यार्थी कक्षा की गतिविधि के रूप में अपने क्षेत्र या राज्य के दो-तीन जनजातीय समूहों की सूची बनाकर उनकी परंपराओं और विश्वास प्रणालियों का विवरण लिखते हैं।
कक्षा 6 समाज का अध्ययन अध्याय 7 के प्रश्न-उत्तर (हल)
प्रश्न 1. वेद क्या हैं और इनका मुख्य संदेश क्या है?
उत्तर: वेद भारत के सबसे प्राचीन ग्रंथ हैं जिनका अर्थ 'ज्ञान' है
इनका मुख्य संदेश 'एकं सत् विप्रा बहुधा वदन्ति' (परम सत्य एक ही है, किंतु विद्वान इसे अनेक नाम देते हैं) तथा समाज में एकता और सत्य का पालन करना है।
प्रश्न 2. बौद्ध मत के मुख्य विचार क्या हैं?
उत्तर: बौद्ध मत का मुख्य विचार अविद्या और मोह को कष्टों का मूल कारण मानकर आंतरिक अनुशासन से इनका निवारण करना है
यह अहिंसा (किसी जीव को नुकसान न पहुँचाना), आत्म-नियंत्रण तथा सत्य व धर्म के आचरण पर बल देता है।
प्रश्न 3. जैन मत के मुख्य विचार क्या हैं?
उत्तर: जैन मत के मुख्य विचारों में अहिंसा (सभी प्राणियों के प्रति दया), अनेकांतवाद (सत्य के अनेक दृष्टिकोण होना) और अपरिग्रह (सांसारिक वस्तुओं का असंग्रह) शामिल हैं
यह सभी जीवों की आपसी संबद्धता और परस्पर निर्भरता पर बल देता है।
प्रश्न 4. कथन "वैदिक ऋचाओं को ताड़-पत्र की पांडुलिपियों पर लिखा गया है" सही है या गलत?
उत्तर: गलत
वैदिक ऋचाएँ आरंभ में ताड़-पत्र पर नहीं लिखी गई थीं, बल्कि गहन प्रशिक्षण द्वारा मौखिक रूप से एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में स्मृतिबद्ध की जाती थीं।
प्रश्न 5. कथन "वेद भारत के सबसे प्राचीन ग्रंथ हैं" सही है या गलत?
उत्तर: सही
वेद भारत के सबसे प्राचीन ग्रंथ हैं और इन्हें विश्व के सबसे प्राचीन ग्रंथों में भी माना जाता है।
प्रश्न 6. कथन "वैदिक कथन 'एकम् सत् विप्रा बहुधा वदन्ति' में ब्रह्मांड की शक्तियों की एकता की मान्यता प्रकट होती है" सही है या गलत?
उत्तर: सही
यह वैदिक मंत्र बताता है कि परम सत्य एक ही है जिसे मनीषी अलग-अलग नामों से पुकारते हैं।
प्रश्न 7. कथन "बौद्ध मत वेदों से अधिक पुराना है" सही है या गलत?
उत्तर: गलत
वेद बौद्ध मत से कहीं अधिक प्राचीन हैं, जबकि बौद्ध मत का प्रादुर्भाव लगभग 2500 वर्ष पूर्व हुआ था।
प्रश्न 8. कथन "जैन मत का उद्भव बौद्ध मत की एक शाखा के रूप में हुआ" सही है या गलत?
उत्तर: गलत
जैन मत एक स्वतंत्र और प्राचीन दर्शन है, इसका उद्भव बौद्ध मत की किसी शाखा से नहीं हुआ।
प्रश्न 9. कथन "बौद्ध और जैन मत दोनों ही शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व तथा सभी जीवों को नुकसान न पहुँचाने का समर्थन करते हैं" सही है या गलत?
उत्तर: सही
दोनों मत अहिंसा, करुणा तथा सभी सजीवों को कष्ट न पहुँचाने का पूर्ण समर्थन करते हैं।
प्रश्न 10. कथन "जनजातीय विश्वास परंपराएँ आत्मा और छोटे देवों तक सीमित हैं" सही है या गलत?
उत्तर: गलत
जनजातीय परंपराओं में भी सर्वोच्च ईश्वर या परमात्मा की उच्च संकल्पना मौजूद है, जैसे मुंडा व संथाल में 'सिंगबोंगा' और अरुणाचल में 'दोनीपोलो'।
प्रश्न 11. वर्ष 2011 के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार भारत में कितनी जनजातियाँ और उनकी कुल जनसंख्या कितनी थी?
उत्तर: वर्ष 2011 के आंकड़ों के अनुसार भारत में 705 जनजातियाँ निवास करती थीं, जिनकी कुल जनसंख्या लगभग 104 मिलियन (10.4 करोड़) थी।
प्रश्न 12. तमिलनाडु की इरूला जनजाति नीलगिरि पर्वत के बारे में क्या मानती है?
उत्तर: इरूला जनजाति नीलगिरि पर्वत के 30 से अधिक शिखरों को देवी-देवताओं का पवित्र निवास स्थान मानती है और सम्मानवश अपनी अंगुली से भी उनकी ओर इशारा नहीं करती।
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FAQ
यूनेस्को द्वारा वैदिक पाठशैली को क्या मान्यता दी गई है?
वर्ष 2008 में यूनेस्को ने हजारों वर्षों से व्यवस्थित रूप से चले आ रहे वैदिक मौखिक पाठ को ‘मानवीयता के मौखिक और अमूर्त विरासत की अनुपम कोटि’ के रूप में मान्यता दी।
उपनिषद में नचिकेता और यम की कथा से क्या सीख मिलती है?
कठोपनिषद की इस कथा में नचिकेता यमलोक जाकर यम से मृत्यु के बाद आत्मा के रहस्य के बारे में पूछता है, जिस पर यम बताते हैं कि आत्मा अमर है और इसका न जन्म होता है न मृत्यु।
जैन दर्शन में ‘अनेकांतवाद’ और ‘अपरिग्रह’ का क्या अर्थ है?
अनेकांतवाद का अर्थ है कि सत्य के अनेक पहलू होते हैं और इसे केवल एक दृष्टिकोण से नहीं समझा जा सकता। अपरिग्रह का अर्थ है आवश्यकता से अधिक वस्तुओं का संग्रह न करना और केवल अनिवार्य वस्तुओं तक सीमित रहना।
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Class 6 Social Science Book: Exploring Society India and Beyond 14 chapters
- Chapter 1: Locating Places on the Earth — Read Online & Notes
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- Chapter 6: The Beginnings of Indian Civilisation — Read Online & Notes
- Chapter 7: India's Cultural Roots — Read Online & Notes
- Chapter 8: Unity in Diversity, or 'Many in the One' — Read Online & Notes
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- Chapter 10: Grassroots Democracy — Part 1: Governance — Read Online & Notes
- Chapter 11: Grassroots Democracy — Part 2: Local Government in Rural Areas — Read Online & Notes
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- Chapter 14: Economic Activities Around Us — Read Online & Notes
Class 6 Social Science Book (Hindi Medium): Samaj ka Aadhyan Bharat or uske aage 14 chapters
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- Chapter 7: भारत की सांस्कृतिक जड़ें
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