Class 6 Social Science Chapter 5 in Hindi PDF: भारत, अर्थात इंडिया (समाज का अध्ययन)

कक्षा 6 समाज का अध्ययन अध्याय 5, भारत, अर्थात इंडिया: यह अध्याय इतिहास के विभिन्न कालखंडों में भारत को दिए गए विविध नामों तथा इसके भौगोलिक विस्तार और सांस्कृतिक पहचान के क्रमिक विकास को समझाता है। इसमें श्री अरविंद का कथन, साँची स्तूप का उत्तरी द्वार, महाभारत व विष्णु पुराण जैसे प्राचीन ग्रंथ, सम्राट अशोक का अभिलेख तथा चीनी यात्री ज़ुआनज़ैंग (ह्वेनसांग) की भारत यात्रा जैसे उदाहरण शामिल हैं।

कक्षा 6 समाज का अध्ययन अध्याय 5 (भारत, अर्थात इंडिया): मुख्य बिंदु

सप्त सैंधव, भारतवर्ष और जम्बूद्वीप ऋग्वेद में उपमहाद्वीप के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र को ‘सप्त सैंधव’ अर्थात सात नदियों की भूमि कहा गया है। बाद के साहित्य में ‘भारतवर्ष’ (भरत का देश) शब्द आया, जबकि जामुन वृक्ष के नाम पर पड़ा ‘जम्बूद्वीप’ संपूर्ण उपमहाद्वीप का पर्याय बना जिसका उल्लेख लगभग 250 सा.सं.पूर्व में सम्राट अशोक के शिलालेख में मिलता है।

प्राचीन ग्रंथ और भौगोलिक विस्तार महाभारत में कश्मीर, कुरुक्षेत्र, वंग, प्राग्ज्योतिष, कच्छ और केरल जैसे क्षेत्रों की सूची दी गई है। विष्णु पुराण और 2000 वर्ष पुराने तमिल साहित्य में भारत को दक्षिण में केप कुमारी से लेकर उत्तर में हिमाच्छादित पर्वतों तथा दोनों महासागरों के बीच स्थित प्रदेश के रूप में वर्णित किया गया है।

विदेशी नाम – हिंदू, इंडिया और हिंदुस्तान 6ठी शताब्दी सा.सं.पूर्व में फारसियों ने ‘सिंधु’ नदी क्षेत्र को ‘हिंदू’ नाम दिया, जिसके आधार पर यूनानियों ने इसे ‘इंडोई’ या ‘इंडिके’ तथा अंग्रेजों ने ‘इंडिया’ कहा। लगभग 1800 वर्ष पूर्व एक फारसी शिलालेख में ‘हिंदुस्तान’ शब्द का प्रयोग हुआ, जबकि 7वीं शताब्दी में ज़ुआनज़ैंग 17 वर्ष की भारत यात्रा के बाद संस्कृत बौद्ध ग्रंथ चीन ले गए जहाँ भारत को ‘तियनज़ू’ (स्वर्गतुल्य स्वामी) कहा गया।

भारतीय संविधान में नामीकरण भारतीय संविधान के प्रथम अनुच्छेद की शुरुआत में ही ‘इंडिया, अर्थात भारत’ (India, that is Bharat) वाक्यांश का प्रयोग किया गया है। 1950 में लागू हुए इस संविधान के मूल पृष्ठ में देश के राज्य-क्षेत्रों और उसके मूलभूत सिद्धांतों का उल्लेख मिलता है।

अध्याय 5 के अभ्यास

  • विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के मानचित्र में महाभारतकालीन क्षेत्रों (कश्मीर, कुरुक्षेत्र, वंग, कच्छ, केरल) को पहचानते हैं और अपने द्वारा सुने गए क्षेत्रों की सूची बनाते हैं।
  • विद्यार्थी विभिन्न विदेशी भाषाओं (फारसी, यूनानी, लैटिन, चीनी, अरबी, अंग्रेजी, फ्रेंच) में भारत के लिए प्रयुक्त नामों की तालिका को पूरा करते हैं।
  • विद्यार्थी 2000 वर्ष पूर्व जन्म लेने की कल्पना करके देश के नामकरण तथा प्राचीन काल में विदेशियों द्वारा भारत यात्रा करने के 4-5 प्रमुख उद्देश्यों पर चर्चा करते हैं।

कक्षा 6 समाज का अध्ययन अध्याय 5 के प्रश्न-उत्तर (हल)

प्रश्न 1. भारत के कुछ प्राचीन नाम क्या थे?
उत्तर: भारत के प्राचीन नामों में 'सप्त सैंधव', 'भारतवर्ष', 'जम्बूद्वीप', 'हिंद', 'इंडीके/इंडोई', 'तियनज़ू' तथा 'हिंदुस्तान' शामिल हैं।

प्रश्न 2. ऋग्वेद में भारत के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र को क्या नाम दिया गया है?
उत्तर: ऋग्वेद में उपमहाद्वीप के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र को 'सप्त सैंधव' अर्थात 'सात नदियों की भूमि' नाम दिया गया है।

प्रश्न 3. 'भारतवर्ष' शब्द का क्या अर्थ है और यह सर्वप्रथम कहाँ उल्लेखित हुआ था?
उत्तर: 'भारतवर्ष' से आशय 'भरत के देश' से है, तथा 'भरत' नाम का सर्वप्रथम उल्लेख ऋग्वेद में एक प्रमुख वैदिक जन-समूह के रूप में हुआ था।

प्रश्न 4. 'जम्बूद्वीप' शब्द का क्या अर्थ है और अशोक के शिलालेख में इसका उल्लेख किस संदर्भ में मिलता है?
उत्तर: 'जम्बूद्वीप' का अर्थ 'जामुन वृक्ष के फल का द्वीप' है
सम्राट अशोक ने लगभग 250 सा.सं.पू. के अपने शिलालेख में संपूर्ण भारत (जिसमें बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के क्षेत्र शामिल थे) का वर्णन करने के लिए इस नाम का उपयोग किया था।

प्रश्न 5. 'विष्णु पुराण' में भारत का वर्णन किस प्रकार किया गया है?
उत्तर: विष्णु पुराण के अनुसार जो देश समुद्र के उत्तर में और हिमाच्छादित पर्वतों के दक्षिण में स्थित है, उसे भारत कहा जाता है।

प्रश्न 6. प्राचीन फारसी शिलालेखों में 'हिंदू' शब्द का प्रयोग किस अर्थ में हुआ था?
उत्तर: प्राचीन फारसी में 'हिंदू' शब्द सिंधु नदी के क्षेत्र के लिए प्रयुक्त एक पूर्णतया भौगोलिक शब्द था, जिसका किसी धर्म से संदर्भ नहीं था।

प्रश्न 7. यूनानियों ने भारत के लिए 'इंडोई' या 'इंडिके' नाम किस प्रकार दिया?
उत्तर: फारसी स्रोतों के आधार पर यूनानियों ने 'हिंदू' शब्द के पहले अक्षर 'ह' को हटाकर (क्योंकि 'ह' अक्षर यूनानी भाषा में नहीं था) इस क्षेत्र को 'इंडोई' या 'इंडिके' नाम दिया।

प्रश्न 8. 'हिंदुस्तान' शब्द का सर्वप्रथम प्रयोग कब और कहाँ हुआ था?
उत्तर: 'हिंदुस्तान' शब्द का सर्वप्रथम प्रयोग आज से लगभग 1800 वर्ष पूर्व एक फारसी शिलालेख में किया गया था।

प्रश्न 9. कथन "ऋग्वेद में भारत के संपूर्ण भूगोल का वर्णन किया गया है" सही है या गलत?
उत्तर: गलत
ऋग्वेद में केवल उपमहाद्वीप के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र 'सप्त सैंधव' का वर्णन किया गया है, संपूर्ण भूगोल का नहीं।

प्रश्न 10. कथन "अशोक के समय जम्बूद्वीप में आज का भारत, अफगानिस्तान के कुछ क्षेत्र, बांग्लादेश और पाकिस्तान सम्मिलित थे" सही है या गलत?
उत्तर: सही
सम्राट अशोक के अभिलेखों के अनुसार उस समय जम्बूद्वीप में भारत के साथ-साथ बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के क्षेत्र शामिल थे।

प्रश्न 11. कथन "हिंदुस्तान शब्द का प्रयोग 2000 वर्ष से भी पहले सर्वप्रथम एक यूनानी शिलालेख में किया गया था" सही है या गलत?
उत्तर: गलत
'हिंदुस्तान' शब्द का सर्वप्रथम प्रयोग लगभग 1800 वर्ष पूर्व एक फारसी शिलालेख में हुआ था, न कि यूनानी शिलालेख में।

प्रश्न 12. प्राचीन काल में विश्व के विभिन्न भागों से लोग भारत की यात्रा किन मुख्य उद्देश्यों से करते थे?
उत्तर: प्राचीन काल में लोग व्यापार करने, बौद्ध एवं अन्य धार्मिक ग्रंथों के अध्ययन व संग्रह, ज्ञान प्राप्त करने, तीर्थयात्रा करने तथा भौगोलिक अन्वेषण के उद्देश्य से भारत आते थे।

कक्षा 6 अध्याय 5 PDF ऑनलाइन पढ़ें

अन्य अध्याय

FAQ

भारत को प्राचीन काल में ‘जम्बूद्वीप’ क्यों कहा जाता था?
‘जम्बूद्वीप’ का अर्थ ‘जामुन वृक्ष के फल का द्वीप’ है, जो भारत में पाया जाने वाला एक सामान्य वृक्ष है। सम्राट अशोक ने लगभग 250 सा.सं.पूर्व के अपने अभिलेख में संपूर्ण भारत (जिसमें बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान शामिल थे) का वर्णन करने के लिए इसी नाम का उपयोग किया था।

‘इंडिया’ और ‘हिंदुस्तान’ शब्दों की उत्पत्ति कैसे हुई?
‘हिंदुस्तान’ शब्द का सर्वप्रथम प्रयोग लगभग 1800 वर्ष पूर्व एक फारसी शिलालेख में हुआ था। फारसियों द्वारा ‘सिंधु’ नदी को ‘हिंदू’ कहे जाने के आधार पर यूनानियों ने ‘ह’ अक्षर हटाकर ‘इंडोई’ या ‘इंडिके’ नाम दिया, जिससे कालांतर में अंग्रेजी का ‘इंडिया’ शब्द बना।

चीनी यात्री ज़ुआनज़ैंग (ह्वेनसांग) ने भारत के संबंध में क्या योगदान दिया?
7वीं शताब्दी में ज़ुआनज़ैंग ने चीन से भारत आकर 17 वर्षों तक भ्रमण किया और बौद्ध ग्रंथों को एकत्र किया। चीन वापस लौटकर उन्होंने संस्कृत पांडुलिपियों का चीनी भाषा में अनुवाद किया, जिससे चीनी ग्रंथों में भारत को ‘तियनज़ू’ (स्वर्गतुल्य स्वामी) के रूप में सम्मान दिया गया।

Updated 2026–27 NCERT Class 6 Books & Chapter-Wise PDFs

Looking for all chapters and the latest 2026–27 NCF NCERT textbooks for Class 6? Open any chapter below to download its official PDF or read our Read Online & Notes study guide, or visit the complete NCERT Class 6 Books PDF (2026–27 Main Page) for all subjects or All NCERT Books PDF (Class 1 to 12).

Class 6 Hindi Book: Malhar 13 chapters

Download full book PDF

Leave a Reply

📑 Chapter Navigation Directory

Add as a preferred source on Google
See ncertbookspdf.com first in Google Search
Class 6 Samaj ka Adhyayan: Bharat aur Uske Aage (समाज का अध्ययन) (2026-27)