Class 8 Maths Chapter 9 in Hindi PDF: बौधायन-पाइथागोरस प्रमेय (गणित प्रकाश, भाग 2)

कक्षा 8 गणित प्रकाश अध्याय 2, बौधायन-पाइथागोरस प्रमेय: यह अध्याय बौधायन-पाइथागोरस प्रमेय की अवधारणा, इसके ऐतिहासिक संदर्भ, वर्ग को दोगुना व आधा करने की विधियों तथा समकोण त्रिभुज की भुजाओं के संबंधों को समझाने के बारे में है। इसमें प्राचीन गणितज्ञ बौधायन के शुल्बसूत्र, यूक्लिड, फ़र्मा और एंड्र्यू वाइल्स के इतिहास के साथ भास्कराचार्य की लीलावती ग्रंथ से चक्र व क्रौंच पक्षियों से घिरी झील और कमल के फूल वाली पहेली तथा कागज़ मोड़ने की गतिविधियों का प्रयोग किया गया है।

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कक्षा 8 गणित प्रकाश अध्याय 9 (भाग 2 अध्याय 2) (बौधायन-पाइथागोरस प्रमेय): मुख्य बिंदु

2.1 वर्ग को दोगुना करना और आधा करना बौधायन ने शुल्बसूत्र (लगभग 800 सामान्य संवत पूर्व) में वर्ग के विकर्ण पर नया वर्ग बनाकर उसका क्षेत्रफल मूल वर्ग से दोगुना करने का समाधान प्रस्तुत किया। इसके साथ ही कागज़ के वर्ग को मोड़कर भुज-मध्य बिंदुओं से PQRS वर्ग बनाकर क्षेत्रफल को आधा करने की गतिविधि भी दिखाई गई है।

2.3 समद्विबाहु समकोण त्रिभुज का कर्ण और √2 1 इकाई भुजा वाले वर्ग के विकर्ण ER की लंबाई c के लिए सूत्र c² = 2 बनता है, जिससे कर्ण की लंबाई √2 इकाई प्राप्त होती है। यूक्लिड ने अपनी पुस्तक एलिमेंट्स (लगभग 300 सामान्य संवत पूर्व) में सिद्ध किया था कि √2 को m/n भिन्न के रूप में व्यक्त नहीं किया जा सकता और इसका दशमलव प्रसार असांत (1.41421356…) होता है।

2.5 पूर्णांक भुजाओं वाले समकोण त्रिभुज (बौधायन त्रिक) बौधायन ने (3, 4, 5), (5, 12, 13) और (8, 15, 17) जैसे पूर्णांक त्रिकों की सूची दी जिन्हें बौधायन-पाइथागोरस त्रिक कहा जाता है। यदि (a, b, c) एक आद्य त्रिक है तो (ka, kb, kc) उसका गुणित रूप कहलाता है और nवीं विषम संख्या (2n – 1) का उपयोग करके नए त्रिक बनाए जा सकते हैं।

2.6 व 2.7 फ़र्मा का प्रमेय और लीलावती का प्रश्न फ़र्मा के अंतिम प्रमेय xⁿ + yⁿ = zⁿ (n > 2) को 10 वर्षीय बालक एंड्र्यू वाइल्स ने 1963 में पुस्तक पढ़कर जाना और वर्ष 1994 में इसे सिद्ध किया। भास्कराचार्य की लीलावती के प्रश्न में जल से 1 इकाई ऊपर उठे कमल के तने के हवा से 3 इकाई दूर झुकने पर प्रमेय द्वारा झील की गहराई x = 4 इकाई ज्ञात की जाती है।

अध्याय 9 के अभ्यास

  • विद्यार्थी कागज़ के वर्गाकार टुकड़ों को काटकर और मोड़कर दोगुना या आधा क्षेत्रफल वाला वर्ग बनाने की गतिविधि करते हैं।
  • विद्यार्थी समकोण त्रिभुज की छोटी भुजाओं 3 cm व 4 cm को नापकर और बौधायन प्रमेय से c² = 3² + 4² का प्रयोग करके सिद्ध करते हैं कि कर्ण 5 cm है।
  • विद्यार्थी प्रथम n विषम संख्याओं के योग के समीकरण (n – 1)² + (2n – 1) = n² में मान प्रतिस्थापित करके नए बौधायन त्रिक खोजते हैं।

कक्षा 8 गणित प्रकाश अध्याय 9 के प्रश्न-उत्तर (हल)

प्रश्न 1. यदि किसी समद्विबाहु समकोण त्रिभुज की समान भुजाओं की लंबाई 12 इकाई हो, तो उसका कर्ण ज्ञात कीजिए।
उत्तर: दिया है समान भुजा a = 12 इकाई
समद्विबाहु समकोण त्रिभुज के सूत्र c² = 2a² से c² = 2 × (12)² = 2 × 144 = 288
c = √288 इकाई
चूँकि 16² = 256 और 17² = 289 हैं, अतः कर्ण की लंबाई 16 और 17 इकाई के बीच (√288 इकाई) होगी।

प्रश्न 2. यदि एक समद्विबाहु समकोण त्रिभुज का कर्ण √72 है, तो अन्य दो भुजाएँ ज्ञात कीजिए।
उत्तर: दिया है कर्ण c = √72
सूत्र c² = 2a² का प्रयोग करने पर (√72)² = 2a² ⇒ 72 = 2a² ⇒ a² = 36 ⇒ a = 6
अतः अन्य दोनों समान भुजाओं में से प्रत्येक की लंबाई 6 इकाई होगी।

प्रश्न 3. किसी समद्विबाहु समकोण त्रिभुज में कर्ण की लंबाई 10 है। इसकी अन्य दो भुजाओं की लंबाई क्या होगी?
उत्तर: दिया है कर्ण c = 10
सूत्र c² = 2a² से 10² = 2a² ⇒ 100 = 2a² ⇒ a² = 50 ⇒ a = √50
चूँकि 7² = 49 और 8² = 64 हैं, अतः प्रत्येक भुजा की लंबाई √50 इकाई (लगभग 7.07 इकाई) होगी।

प्रश्न 4. यदि किसी समकोण त्रिभुज की छोटी भुजाओं की लंबाई 5 cm और 12 cm हो तो इसके कर्ण की लंबाई क्या होगी?
उत्तर: दिया है a = 5 cm और b = 12 cm
बौधायन प्रमेय c² = a² + b² से c² = 5² + 12² = 25 + 144 = 169
c = √169 = 13 cm
अतः कर्ण की लंबाई 13 cm होगी।

प्रश्न 5. यदि एक समकोण त्रिभुज की एक छोटी भुजा की लंबाई 8 cm तथा कर्ण की लंबाई 17 cm है तो तीसरी भुजा की लंबाई क्या होगी?
उत्तर: दिया है a = 8 cm और कर्ण c = 17 cm
बौधायन प्रमेय c² = a² + b² से 17² = 8² + b² ⇒ 289 = 64 + b² ⇒ b² = 289 – 64 = 225
b = √225 = 15 cm
अतः तीसरी भुजा की लंबाई 15 cm होगी।

प्रश्न 6. माना a, b और c एक समकोण त्रिभुज की भुजाओं की लंबाई को व्यक्त करते हैं, जहाँ c कर्ण की लंबाई है। यदि a = 5, b = 7 हो तो c की लंबाई ज्ञात कीजिए।
उत्तर: बौधायन प्रमेय c² = a² + b² से c² = 5² + 7² = 25 + 49 = 74
c = √74
चूँकि 8² = 64 और 9² = 81 हैं, अतः कर्ण c की लंबाई √74 (लगभग 8.6 इकाई) होगी।

प्रश्न 7. माना a, b और c एक समकोण त्रिभुज की भुजाओं की लंबाई को व्यक्त करते हैं, जहाँ c कर्ण है। यदि a = 9, c = 15 हो तो अज्ञात भुजा b की लंबाई ज्ञात कीजिए।
उत्तर: बौधायन प्रमेय c² = a² + b² से 15² = 9² + b² ⇒ 225 = 81 + b² ⇒ b² = 225 – 81 =Q: 1 इकाई भुजा वाले वर्ग के विकर्ण की लंबाई क्या होगी? || A: दिया है वर्ग की भुजा a = 1 इकाई
बौधायन प्रमेय से विकर्ण c² = 1² + 1² = 2
c = √2 इकाई
अतः विकर्ण की लंबाई √2 इकाई होगी।

प्रश्न 8. समकोण त्रिभुज की भुजाओं a, b, c में यदि a = 9, c = 15 हो तो अज्ञात भुजा b की लंबाई ज्ञात कीजिए।
उत्तर: दिया है a = 9 और c = 15
सूत्र c² = a² + b²Q: 1 इकाई भुजा वाले वर्ग के विकर्ण पर बने वर्ग का क्षेत्रफल और विकर्ण की लंबाई c क्या होगी? || A: 1 इकाई भुजा वाले वर्ग का क्षेत्रफल 1 वर्ग इकाई होता है
इसके विकर्ण c पर बने वर्ग का क्षेत्रफल 2 वर्ग इकाई होगा
सूत्र c² = 2 से विकर्ण की लंबाई c = √2 इकाई प्राप्त होती है।

प्रश्न 9. किसी समद्विबाहु समकोण त्रिभुज का कर्ण ज्ञात कीजिए जिसकी समान भुजाओं की लंबाई 12 इकाई हो।
उत्तर: दिया है समान भुजा a = 12 इकाई
सूत्र c² = 2a² का प्रयोग करने पर c² = 2 × (12)² = 288
c = √288 इकाई
चूँकि 16² = 256 तथा 17² = 289 हैं, अतः कर्ण की लंबाई √288 इकाई (16 और 17 के बीच) होगी।

प्रश्न 10. समकोण त्रिभुज की भुजाओं a, b, c में यदि a = 9 और कर्ण c = 15 हो तो अज्ञात भुजा b का मान ज्ञात कीजिए।
उत्तर: दिया है a = 9 और c = 15
सूत्र c² = a² + b² से 15² = 9² + b² ⇒ 225 = 81 + b² ⇒ b² = 144 ⇒ b = 12
अतः अज्ञात भुजा b की लंबाई 12 होगी।

प्रश्न 11. लीलावती ग्रंथ के प्रश्न में जल से 1 इकाई ऊपर उठे कमल के तने के हवा से 3 इकाई दूर झुकने पर झील की गहराई ज्ञात कीजिए।
उत्तर: माना झील की गहराई x इकाई है, अतः तने की कुल लंबाई (x + 1) होगी
समकोण त्रिभुज में 3² + x² = (x + 1)² ⇒ 9 + x² = x² + 2x + 1 ⇒ 2x = 8 ⇒ x = 4
अतः झील की गहराई 4 इकाई है।

प्रश्न 12. उस वर्ग का विकर्ण ज्ञात कीजिए जिसकी भुजा की लंबाई 5 cm हो।
उत्तर: वर्ग की भुजा a = 5 cm
विकर्ण d² = 5² + 5² = 25 + 25 = 50 ⇒ d = √50 cm
अतः वर्ग के विकर्ण की लंबाई √50 cm (5√2 cm) होगी।

प्रश्न 13. एक समचतुर्भुज की भुजा की लंबाई ज्ञात कीजिए जिसके विकर्णों की लंबाई 24 इकाई और 70 इकाई है।
उत्तर: समचतुर्भुज के विकर्ण परस्पर लंब समद्विभाजित करते हैं, अतः समकोण त्रिभुज की भुजाएँ 12 और 35 इकाई होंगी
भुजा a² = 12² + 35² = 144 + 1225 = 1369 ⇒ a = √1369 = 37
अतः समचतुर्भुज की भुजा 37 इकाई होगी।

कक्षा 8 अध्याय 9 PDF ऑनलाइन पढ़ें

अन्य अध्याय

FAQ

बौधायन-पाइथागोरस प्रमेय क्या है और इसका सूत्र क्या है?
यदि किसी समकोण त्रिभुज की भुजाओं की लंबाई a, b और c हो (जहाँ c कर्ण है), तो प्रमेय के अनुसार a² + b² = c² होता है। इसका सर्वप्रथम उल्लेख बौधायन ने अपने ग्रंथ शुल्बसूत्र में किया था।

√2 का दशमलव निरूपण कैसा होता है और इसे भिन्न रूप में क्यों नहीं लिखा जा सकता?
√2 का मान 1.414 और 1.415 के बीच होता है और इसका दशमलव प्रसार असांत (1.41421356…) होता है। इसे भिन्न m/n के रूप में नहीं व्यक्त किया जा सकता क्योंकि समीकरण 2n² = m² में अभाज्य संख्या 2 एक तरफ विषम तथा दूसरी तरफ सम बार आती है जो कि असंभव है।

आद्य बौधायन त्रिक (Primitive Baudhāyana Triple) किसे कहते हैं?
जिस बौधायन त्रिक (a, b, c) में 1 से बड़ा कोई सार्व गुणनखंड नहीं होता, उसे आद्य बौधायन त्रिक कहते हैं। जैसे (3, 4, 5) एक आद्य त्रिक है, जबकि (9, 12, 15) इसका 3 से गुणा किया गया रूप है।

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