कक्षा 3 हमारा अद्भुत संसार अध्याय 12, क्या और कैसे करें इसका?: यह अध्याय कचरा प्रबंधन, सफाई के महत्व, ‘स्वच्छ भारत अभियान’ और 30 जनवरी को मनाए जाने वाले ‘राष्ट्रीय स्वच्छता दिवस’ पर आधारित है। इसमें अरुणाचल प्रदेश के सिल्लकु गाँव, देश के पहले कचरा-मुक्त गाँव ‘छोटा नरेना’, मैसूर और इंदौर जैसे स्थानों के उदाहरण देकर कचरा कम करने, पुनः उपयोग (reuse) तथा हरे व नीले कूड़ेदान द्वारा पुनर्चक्रण (recycle) के तरीके बताए गए हैं।
कक्षा 3 हमारा अद्भुत संसार अध्याय 12 (क्या और कैसे करें इसका?): मुख्य बिंदु
कचरा और उससे होने वाले खतरे खुले में पड़ा कचरा, प्लास्टिक और गंदा पानी पर्यावरण तथा जीवों के लिए अत्यंत हानिकारक होता है। भोजन के साथ प्लास्टिक खाने से गायों की मृत्यु हो सकती है, इसे जलाने से विषैली गैसें निकलती हैं और रुके पानी में मच्छर व जीवाणु पनपते हैं।
कचरा कम करना और पुनः उपयोग कचरा प्रबंधन का मुख्य नियम कम कचरा उत्पन्न करना तथा पुरानी वस्तुओं का पुनः उपयोग करना है। जैसे हमारे दादा-दादी पुरानी साड़ियों से रजाइयाँ और कपड़ों से थैले बनाते थे, वैसे ही हमें भी अनावश्यक सामान खरीदने से बचना चाहिए।
कूड़ेदान और पुनर्चक्रण कचरे के सही निपटान के लिए रसोई के गीले कचरे को हरे कूड़ेदान में डालकर खाद बनाई जाती है। धातु, कांच, प्लास्टिक और कागज जैसी वस्तुओं को नीले कूड़ेदान में एकत्र करके पुनर्चक्रण (recycling) के लिए भेजा जाता है।
देश के स्वच्छ गाँव और शहर अरुणाचल प्रदेश का सिल्लकु गाँव और ‘छोटा नरेना’ गाँव (देश का पहला कचरा-मुक्त गाँव) अपने बेहतरीन कचरा प्रबंधन के लिए प्रसिद्ध हैं। इसी प्रकार मैसूर और इंदौर शहर भी अपनी विशेष स्वच्छता के उदाहरण प्रस्तुत करते हैं।
अध्याय 12 के अभ्यास
- अपने घर और विद्यालय में सफाई के लिए प्रयोग किए जाने वाले उपकरणों (जैसे झाड़ू, पोछा, कूड़ेदान) के चित्र बनाना तथा उनकी सूची तैयार करना।
- दो छात्रों द्वारा एक स्वच्छ शहर और एक प्रदूषित शहर की भूमिका निभाकर (रोल-प्ले) आपस में बातचीत करना।
- घर में बिना कचरा उत्पन्न किए जन्मदिन की पार्टी आयोजित करने के उपाय सोचना तथा सफाई में मदद करने वाले व्यक्ति के लिए धन्यवाद उपहार बनाना।
कक्षा 3 हमारा अद्भुत संसार अध्याय 12 के प्रश्न-उत्तर (हल)
प्रश्न 1. राष्ट्रीय स्वच्छता दिवस कब मनाया जाता है?
उत्तर: राष्ट्रीय स्वच्छता दिवस 30 जनवरी को मनाया जाता है।
प्रश्न 2. कचरे में पड़ी प्लास्टिक को खाने से जानवरों पर क्या प्रभाव पड़ सकता है?
उत्तर: कचरे में पड़ी प्लास्टिक को भोजन के साथ खाने से गाय और अन्य जानवरों की मृत्यु हो सकती है।
प्रश्न 3. प्लास्टिक को जलाने से क्या नुकसान होता है?
उत्तर: प्लास्टिक को जलाने से विषैली और हानिकारक गैसें निकलती हैं जो स्वास्थ्य और पर्यावरण को नुकसान पहुँचाती हैं।
प्रश्न 4. सड़कों पर बहते हुए गंदे पानी और नालों से कौन-कौन से खतरे होते हैं?
उत्तर: गंदे पानी से मच्छर पैदा होते हैं जिनके काटने से बीमारियाँ फैलती हैं तथा इसमें बीमारियाँ फैलाने वाले जीवाणु होते हैं।
प्रश्न 5. कचरा प्रबंधन का पहला नियम क्या है?
उत्तर: कम से कम कचरा उत्पन्न करना कचरा प्रबंधन का पहला नियम है।
प्रश्न 6. हमारे दादा-दादी/नाना-नानी पुराने कपड़ों का पुनः उपयोग किस प्रकार करते थे?
उत्तर: वे पुरानी साड़ियों से रजाइयाँ और पुराने कपड़ों से थैले बनाते थे तथा ज़रूरतमंद लोगों को दे देते थे।
प्रश्न 7. कचरा कम करने के लिए प्लास्टिक की थैलियों के स्थान पर किसका उपयोग करना चाहिए?
उत्तर: प्लास्टिक की थैलियों के स्थान पर कपड़े के थैलों का उपयोग करना चाहिए।
प्रश्न 8. रसोईघर के गीले कचरे को किस रंग के कूड़ेदान में डाला जाता है और इससे क्या बनाया जाता है?
उत्तर: रसोईघर के गीले कचरे को हरे रंग के कूड़ेदान में डाला जाता है और इससे खाद बनाई जाती है।
प्रश्न 9. नीले कूड़ेदान में किस प्रकार की वस्तुएँ फेंकी जाती हैं?
उत्तर: नीले कूड़ेदान में धातु, काँच, प्लास्टिक और कागज़ से बनी वस्तुएँ फेंकी जाती हैं।
प्रश्न 10. पुनर्चक्रण (रिसाइकिलिंग) किसे कहते हैं?
उत्तर: फेंकी गई पुरानी धातु, काँच, प्लास्टिक और कागज़ जैसी वस्तुओं से नई वस्तुएँ बनाने की प्रक्रिया को पुनर्चक्रण कहते हैं।
प्रश्न 11. देश का पहला कचरा-मुक्त गाँव कौन-सा था?
उत्तर: 'छोटा नरेना' देश का पहला कचरा-मुक्त गाँव था।
प्रश्न 12. हरे व नीले कूड़ेदानों में फेंकी जाने वाली तीन-तीन वस्तुओं के नाम लिखिए।
उत्तर: हरे कूड़ेदान में फेंकी जाने वाली वस्तुएँ: सब्जी के छिलके, बचा हुआ भोजन और फल के अवशेष
नीले कूड़ेदान में फेंकी जाने वाली वस्तुएँ: प्लास्टिक की बोतलें, काँच की शीशियाँ और धातु के डिब्बे।
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अन्य अध्याय
- Previous: Chapter 11: कैसे बनीं ये वस्तुएँ?
- All EVS (Hindi Medium) chapters and the other Class 3 books: Class 3 NCERT books 2026-27
FAQ
प्लास्टिक के कचरे से जानवरों और स्वास्थ्य पर क्या बुरा प्रभाव पड़ता है?
भोजन में पड़ी प्लास्टिक खाने से गायों की मृत्यु हो सकती है और इसे जलाने से हानिकारक गैसें निकलती हैं। खुले में पड़ा कचरा और गंदा पानी मच्छर व जीवाणु पैदा करता है जिससे लोग बीमार पड़ते हैं।
हरे और नीले कूड़ेदान में किस प्रकार का कचरा डाला जाता है?
हरे कूड़ेदान में रसोई का गीला कचरा डाला जाता है जिससे खाद बनती है। नीले कूड़ेदान में धातु, कांच, प्लास्टिक और कागज डाला जाता है जिन्हें पुनर्चक्रण (recycling) के लिए भेजा जाता है।
भारत के कौन-से गाँव और शहर अपनी विशेष स्वच्छता के लिए जाने जाते हैं?
अरुणाचल प्रदेश का सिल्लकु गाँव तथा देश का पहला कचरा-मुक्त गाँव ‘छोटा नरेना’ अपनी स्वच्छता के लिए जाने जाते हैं। इसके अलावा मैसूर और इंदौर जैसे शहर भी अपने बेहतरीन कचरा प्रबंधन के लिए प्रसिद्ध हैं।
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Class 3 EVS Book: Our Wondrous World 12 chapters
- Chapter 1: My Family and Friends — Read Online & Notes
- Chapter 2: Going to the Mela — Read Online & Notes
- Chapter 3: Celebrating Festivals — Read Online & Notes
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- Chapter 5: Plants and Animals Live Together — Read Online & Notes
- Chapter 6: Living in Harmony — Read Online & Notes
- Chapter 7: Water — A Precious Gift — Read Online & Notes
- Chapter 8: Food We Eat — Read Online & Notes
- Chapter 9: Staying Healthy and Happy — Read Online & Notes
- Chapter 10: This World of Things — Read Online & Notes
- Chapter 11: Making Things — Read Online & Notes
- Chapter 12: Taking Charge of Waste — Read Online & Notes
Class 3 EVS Book (Hindi Medium): Hamara Adbhut Sansar 12 chapters
- Chapter 1: मेरा परिवार और मित्र
- Chapter 2: मेले में हम
- Chapter 3: त्योहार मनाएँ एक साथ
- Chapter 4: कुछ खोज पेड़-पौधों की
- Chapter 5: पेड़-पौधे और पशु-पक्षी हैं साथ
- Chapter 6: निर्भरता एक-दूसरे पर
- Chapter 7: पानी है अनमोल
- Chapter 8: हमारा भोजन
- Chapter 9: स्वस्थ रहो, प्रसन्न रहो
- Chapter 10: वस्तुओं की दुनिया
- Chapter 11: कैसे बनीं ये वस्तुएँ?
- Chapter 12: क्या और कैसे करें इसका?