कक्षा 3 गणित मेला अध्याय 9, सैकड़ों का घर-2: यह अध्याय 500 से 1000 तक की बड़ी संख्याओं, स्थान-मान, संख्या-रेखा और ऐतिहासिक भूत-संख्या (शब्द-संख्यांक) प्रणाली की समझ विकसित करता है। इसमें अकबर और बीरबल के कौवों की गिनती की कहानी, ट्रक चालक की चावल की बोरियों का हिसाब, सारस के भोजन की खोज और तंबोला खेल जैसी गतिविधियाँ शामिल हैं।
कक्षा 3 गणित मेला अध्याय 9 (सैकड़ों का घर-2): मुख्य बिंदु
अकबर-बीरबल की कहानी और कौवों की गिनती अकबर ने अपने शहर में उड़ते कौवों की संख्या पता लगाने वाले को पुरस्कार देने की घोषणा की। बीरबल ने सोच-विचार कर उत्तर दिया कि शहर में पूरे नौ सौ त्रेसठ (963) कौवे हैं और यदि कम या अधिक हुए तो वे छुट्टी पर गए होंगे या अन्य स्थान से आए होंगे।
चावल की बोरियाँ और सारस का भोजन ट्रक चालक 100, 10 और 1 मान वाले टाइल्स का उपयोग करके चावल की बोरियों की संख्या (जैसे 832, 947 आदि) प्रदर्शित करता है। सारस पक्षी संख्या-रेखा पर कदम आगे-पीछे चलकर 650 पर कीड़े और 700 पर मछली तक पहुँचने का हिसाब लगाता है।
तंबोला खेल और संख्या जासूस तंबोला खेल में विद्यार्थी 570 से 630 तक के ग्रिड में दी गई स्थितियों (जैसे 595 से 605 के बीच या दहाई अंक 1) के अनुसार संख्याएँ काटते हैं। ‘संख्या जासूस’ गतिविधि में 123, 345, 789 जैसे बढ़ते प्रतिरूपों और 353, 868 जैसी बाएँ-दाएँ समान (पैलिनड्रोम) संख्याओं की पहचान की जाती है।
पर्चियों से संख्याएँ और भूत-संख्या प्रणाली 100, 10 और 1 मान वाली 6 पर्चियों का उपयोग करके 600, 420 या 231 जैसी विभिन्न संख्याएँ बनाई जाती हैं। प्राचीन भारत में शब्दों से संख्या दर्शाने के लिए ‘भूत-संख्या’ (शब्द संख्यांक) का प्रयोग होता था, जहाँ ‘चंद्रमा’ का अर्थ 1, ‘आँखें’ का अर्थ 2, ‘त्रिकाल’ का अर्थ 3 और ‘हथेली’ का अर्थ 5 होता है।
अध्याय 9 के अभ्यास
- विद्यार्थी दी गई संख्याओं (जैसे 468, 183) के समीपवर्ती सौ, समीपवर्ती पचास और समीपवर्ती दस की संख्याएँ लिखते हैं।
- विद्यार्थी 100, 10 और 1 मान वाली 6 पर्चियों से बनने वाली सबसे बड़ी और सबसे छोटी संख्याओं की पहचान करते हैं।
- विद्यार्थी ‘भूत-संख्या’ (शब्द संख्यांक) प्रणाली के प्रतीकों जैसे ‘सात स्वर’ (7), ‘दिशाएँ’ (8) और ‘ज्ञानेंद्रियाँ’ (5) का मिलान करके संख्याएँ लिखते हैं।
कक्षा 3 गणित मेला अध्याय 9 के प्रश्न-उत्तर (हल)
प्रश्न 1. अकबर और बीरबल की कहानी में बीरबल के अनुसार शहर में कुल कितने कौवे थे?
उत्तर: बीरबल के अनुसार शहर में पूरे नौ सौ त्रेसठ (963) कौवे थे।
प्रश्न 2. 100, 10 या 1 लिखी हुई 6 पर्चियों का उपयोग करके कौन-सी सबसे बड़ी संख्या बनाई जा सकती है?
उत्तर: 100 मान वाली सभी 6 पर्चियों का उपयोग करने पर 6 × 100 = 600
अतः सबसे बड़ी संख्या 600 बनाई जा सकती है।
प्रश्न 3. 100, 10 या 1 लिखी हुई 6 पर्चियों का उपयोग करके कौन-सी सबसे छोटी संख्या बनाई जा सकती है?
उत्तर: 1 मान वाली सभी 6 पर्चियों का उपयोग करने पर 6 × 1 = 6
अतः सबसे छोटी संख्या 6 बनाई जा सकती है।
प्रश्न 4. 100, 10 या 1 लिखी हुई 6 पर्चियों से संख्या 231 बनाने के लिए आप पर्चियों पर क्या-क्या लिखेंगे?
उत्तर: 231 = 100 + 100 + 10 + 10 + 10 + 1
अतः 100 की 2 पर्चियाँ, 10 की 3 पर्चियाँ और 1 की 1 पर्ची (कुल 6 पर्चियाँ) लिखेंगे।
प्रश्न 5. 100, 10 या 1 लिखी हुई 6 पर्चियों से संख्या 123 बनाने के लिए आप पर्चियों पर क्या-क्या लिखेंगे?
उत्तर: 123 = 100 + 10 + 10 + 1 + 1 + 1
अतः 100 की 1 पर्ची, 10 की 2 पर्चियाँ और 1 की 3 पर्चियाँ (कुल 6 पर्चियाँ) लिखेंगे।
प्रश्न 6. पहेली: "मेरे पास अंक के रूप में 2 शून्य हैं और मैं 99 के बहुत समीप हूँ। मैं कौन-सी संख्या हूँ?"
उत्तर: वह संख्या 100 है
क्योंकि 100 में दो शून्य हैं और यह 99 के अति समीप (99 + 1 = 100) है।
प्रश्न 7. पहेली: "मेरे पास 3 सैकड़ा, 6 दहाई और 7 इकाई हैं। मैं कौन-सी संख्या हूँ?"
उत्तर: 3 सैकड़ा = 300, 6 दहाई = 60, 7 इकाई = 7
कुल योग = 300 + 60 + 7 = 367
अतः वह संख्या 367 है।
प्रश्न 8. पहेली: "मैं एक सैकड़ा और एक आधा सैकड़ा हूँ। मैं कौन-सी संख्या हूँ?"
उत्तर: 1 सैकड़ा = 100 तथा आधा सैकड़ा = 50
कुल योग = 100 + 50 = 150
अतः वह संख्या 150 है।
प्रश्न 9. पहेली: "मैं 400 और 450 के बीच आता हूँ और मेरा एक अंक 5 है। मैं कौन-सी संख्या हूँ?"
उत्तर: 400 और 450 के बीच की संख्या 425 है जिसमें एक अंक 5 है
अतः वह संख्या 425 है।
प्रश्न 10. संख्या-रेखा पर 667 से 650 (कीड़े) तक पहुँचने के लिए सारस को कितने कदम पीछे चलना होगा?
उत्तर: 667 – 650 = 17
अतः सारस को 17 कदम पीछे चलना होगा।
प्रश्न 11. संख्या-रेखा पर 667 से 700 (मछली) तक पहुँचने के लिए सारस को कितने कदम आगे चलना होगा?
उत्तर: 700 – 667 = 33
अतः सारस को 33 कदम आगे चलना होगा।
प्रश्न 12. प्राचीन 'भूत-संख्या' (शब्द संख्यांक) पद्धति में 'चंद्रमा', 'आँखें' और 'त्रिकाल' शब्दों द्वारा कौन-सी संख्या प्रदर्शित होती है?
उत्तर: 'चंद्रमा' = 1, 'आँखें' = 2, 'त्रिकाल' = 3
इन शब्दों से संख्या 123 प्रदर्शित होती है।
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अन्य अध्याय
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FAQ
अकबर-बीरबल की कहानी में शहर में कुल कितने कौवे बताए गए हैं?
बीरबल ने शहर में पूरे नौ सौ त्रेसठ (963) कौवे बताए और तर्क दिया कि कम होने पर वे छुट्टी पर गए होंगे तथा अधिक होने पर दूसरे शहर से आए होंगे।
तंबोला खेल में विद्यार्थी किस प्रकार की संख्याओं का अभ्यास करते हैं?
विद्यार्थी 570 से 630 तक की संख्याओं के ग्रिड में दिए गए संकेतों जैसे दहाई अंक 1, या 610 से दो अधिक (612) के आधार पर संख्याएँ पहचान कर काटते हैं।
गणित में ‘भूत-संख्या’ (शब्द संख्यांक) क्या होती है?
भूत-संख्या शब्दों का उपयोग करके संख्याएँ व्यक्त करने की एक प्राचीन पद्धति है, जिसमें ‘चंद्रमा’ (1), ‘आँखें’ (2), ‘त्रिकाल’ (3), ‘ज्ञानेंद्रियाँ’ (5) और ‘दिशाएँ’ (8) जैसे शब्दों को अंकों के प्रतीक के रूप में लिया जाता है।
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- Chapter 4: नानी माँ के साथ छुट्टियाँ
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- Chapter 7: रक्षाबंधन
- Chapter 8: उचित हिस्सा
- Chapter 9: सैकड़ों का घर-2
- Chapter 10: कक्षा उत्सव का आनंद
- Chapter 11: भरना और उठाना
- Chapter 12: लेन-देन
- Chapter 13: समय-समय की बात
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