DAV Class 5 Hindi Chapter 1 दिमागी लड़ाई Solutions

DAV Board Class 5 Hindi (भाषा माधुरी) | 100% Authentic Textbook Solutions

DAV Class 5 Hindi Chapter 1 दिमागी लड़ाई Solutions

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कक्षा (Class)विषय (Subject)पाठ्यपुस्तक (Textbook)पाठ (Chapter)विधा (Genre)
कक्षा 5 (Class 5)हिंदी (Hindi)भाषा माधुरी (Bhasha Madhuri)पाठ 1: दिमागी लड़ाईचित्रकथा (Comic / Illustrated Story)

1. पाठ का विस्तृत सार (Detailed Story Summary)

पाठ ‘दिमागी लड़ाई’ (अनुवादक : शशी राठी, नसिरुद्दीन होझा की प्रसिद्ध कहानी पर आधारित) एक मनोरंजक और बुद्धिमत्ता से भरी चित्रकथा है:

  • दूत का आगमन और रहस्यमय घेरा: एक दिन बगदाद के सुलतान के दरबार में पड़ोसी देश के सुलतान का दूत आया। उसने जेब से खड़िया (चौक) का एक टुकड़ा निकाला और बिना कुछ बोले सुलतान के तख़्त (सिंहासन) के चारों ओर एक गोल लकीर खींच दी और चुपचाप चला गया।
  • दरबारियों की घबराहट: सुलतान और उनके सभी दरबारी अत्यंत चिंतित और परेशान हो गए। उन्होंने घेरे का बारीक निरीक्षण किया और बहुत मगज़पच्ची की, लेकिन कोई भी इस पहेली का अर्थ नहीं समझ पाया।
  • होझा को बुलवाना: एक समझदार दरबारी की सलाह पर सुलतान ने सल्तनत के सबसे अक्लमंद और सयाने व्यक्ति ‘होझा’ को तुरंत दरबार में बुलवाया।
  • होझा की तैयारी: हरकारे (संदेशवाहक) के माध्यम से पूरा मामला समझने के बाद होझा ने अपने साथ बच्चों के खेलने के छोटे-छोटे खिलौने और एक पालतू चूज़ा लिया और महल की ओर चल पड़ा।
  • दिमागी लड़ाई (सांकेतिक मुकाबला): जब पड़ोसी सुलतान का दूत दोबारा दरबार में उपस्थित हुआ, तो होझा ने दूत के पैरों के पास बच्चों का खिलौना फेंक दिया। इसके प्रत्युत्तर में दूत ने अपनी जेब से चावल के दाने निकालकर ज़मीन पर बिखेर दिए। होझा ने तुरंत अपने चूज़े को छोड़ दिया, जिसने पलक झपकते ही सारे चावल के दाने चुग लिए। यह देखकर दूत भयभीत होकर दुम दबाकर भाग खड़ा हुआ।
  • पहेली का वास्तविक अर्थ: होझा ने सुलतान को पूरी सांकेतिक घटना का अर्थ समझाया:
    1. तख़्त के चारों ओर लकीर: पड़ोसी सुलतान चेतावनी दे रहा था कि वह अपनी सेना लेकर बगदाद को चारों तरफ से घेर लेगा।
    2. खिलौना फेंकना: होझा ने संदेश दिया कि “तुम हमारे सामने निरे बच्चे हो, जाओ घर पर खिलौनों से खेलो।”
    3. चावल के दाने बिखेरना: पड़ोसी सुलतान जता रहा था कि उसके पास चावल के दानों की तरह अनगिनत (बेशुमार) सैनिक हैं।
    4. चूज़े द्वारा दाने चुगना: होझा ने करारा जवाब दिया कि यदि पड़ोसी देश ने युद्ध छेड़ा, तो उनका एक भी सिपाही जीवित नहीं बचेगा।
  • निष्कर्ष: सुलतान होझा की अद्भुत सूझ-बूझ से अत्यंत प्रसन्न हुए और उसे अपना वज़ीर (मंत्री) बनाना चाहा। परंतु होझा ने यह कहकर विनम्रतापूर्वक मना कर दिया कि वह आराम करने में मशगूल रहता है।

2. कठिन शब्दों के अर्थ (Word Meanings)

कठिन शब्दअर्थ (Meaning in Hindi)
तख़्तसिंहासन / राजा का बैठने का आसन
खड़ियासफेद मिट्टी का टुकड़ा / चौक
सल्तनतसाम्राज्य / राज्य / बादशाही
सयानाचतुर / बुद्धिमान / समझदार
मगज़पच्चीबहुत सोच-विचार करना / दिमाग़ लड़ाना
ताज्जुबआश्चर्य / अचरज / हैरानी
हरकारासंदेशवाहक / डाक लाने-ले जाने वाला दूत
निरेबिल्कुल / सिर्फ / केवल
मशगूलव्यस्त / किसी काम में मग्न
वज़ीरमंत्री / दीवान
बेशुमारअनगिनत / जिसकी गिनती न हो सके

3. अभ्यास प्रश्न-उत्तर (Complete Textbook Solutions)

प्रश्न 1. होझा ने चलते समय अपने साथ क्या-क्या सामान लिया?
उत्तर: होझा ने दरबार की ओर चलते समय अपने साथ बच्चों के खेलने के कुछ छोटे-छोटे खिलौने और एक पालतू चूज़ा साथ में लिया।

प्रश्न 2. बादशाह होझा को क्या बनाना चाहता था और क्यों?
उत्तर: बादशाह होझा को अपना वज़ीर (मंत्री) बनाना चाहता था क्योंकि होझा ने अपनी असाधारण बुद्धिमत्ता और सूझ-बूझ से पड़ोसी सुलतान के दूत के रहस्यमयी घेरे की पहेली को सुलझाकर बगदाद की सल्तनत को युद्ध और संकट से बचा लिया था।

प्रश्न 3. होझा ने बादशाह के प्रस्ताव को क्यों ठुकरा दिया?
उत्तर: होझा ने बादशाह के वज़ीर बनने के प्रस्ताव को इसलिए ठुकरा दिया क्योंकि वह स्वतंत्रतापूर्वक अपने घर पर रहकर आराम करने में मशगूल रहता था और राज-काज के बंधनों में नहीं बँधना चाहता था।

प्रश्न 4. चित्रकथा के अनुसार नीचे दिए गए कामों का क्या मतलब है, लिखिए:

सांकेतिक कामवास्तविक अर्थ / मतलब
(क) तख़्त के चारों ओर घेरा लगानाइसका मतलब था कि पड़ोसी सुलतान बगदाद की राजधानी पर चढ़ाई करके उसे चारों तरफ से घेर लेगा।
(ख) चावल के दाने फेंकनाइसका मतलब था कि पड़ोसी सुलतान के पास चावल के दानों की तरह अनगिनत (बेशुमार) फ़ौजी और सिपाही हैं।
(ग) चूज़े द्वारा चावल के दाने चुग लेनाइसका मतलब था कि यदि पड़ोसी देश ने युद्ध छेड़ा, तो उनकी विशाल सेना का एक भी सिपाही जीवित नहीं बचेगा।

प्रश्न 5. उचित उत्तर पर सही (✓) का निशान लगाइए:

(क) पड़ोसी सुलतान के दूत ने अपनी जेब में से क्या निकालकर सुलतान के तख़्त के चारों ओर गोल लकीर खींच दी?
(i) पेन
(ii) खड़िया [✓]
(iii) कलम
उत्तर: खड़िया

(ख) घेरे की पहेली सुलझाने के लिए किसे बुलाया गया?
(i) हरकारा
(ii) दूत
(iii) होझा [✓]
उत्तर: होझा

4. बातचीत के लिए (Discussion Questions)

प्रश्न 1. कोई ऐसी घटना बताइए जब आपने अपनी चतुराई से किसी समस्या को हल किया हो।
उत्तर: एक बार हमारे विद्यालय के खेल के मैदान में एक छोटा बच्चा झूले की रस्सियों में फँस गया था और भयभीत होकर रो रहा था। सभी बच्चे घबरा रहे थे, परंतु मैंने शांत रहकर धैर्यपूर्वक झूले की गाँठ और रस्सी को थोड़ा ढीला किया और बच्चे को बिना किसी चोट के सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

प्रश्न 2. होझा की तरह अपनी चतुराई तथा बुद्धिमानी के लिए और कौन-कौन से व्यक्ति प्रसिद्ध हैं, चर्चा कीजिए।
उत्तर: होझा की तरह अपनी हाजिरजवाबी, चतुराई और बुद्धिमानी के लिए भारतीय और विश्व साहित्य में बीरबल, तेनालीराम, मुल्ला नसीरुद्दीन और गोपाल भांड अत्यंत प्रसिद्ध हैं।

प्रश्न 3. इनमें से किसी एक प्रसिद्ध व्यक्ति की चतुराई का कोई एक किस्सा सुनाइए।
उत्तर (बीरबल की चतुराई का किस्सा): एक बार बादशाह अकबर ने फर्श पर एक लकीर खींची और बीरबल से कहा कि इसे बिना छुए और बिना मिटाए छोटा करके दिखाओ। बीरबल ने तुरंत उस लकीर के बगल में उससे एक बड़ी लकीर खींच दी। इस प्रकार अकबर द्वारा खींची गई पहली लकीर बिना छुए अपने आप छोटी साबित हो गई।

5. भाषा की बात (Grammar & Vocabulary Exercises)

प्रश्न 1. पाठ में आए दस संज्ञा शब्द ढूँढकर शब्दकोश के क्रमानुसार (Alphabetical Order) लिखिए:

पाठ से चुने गए 10 संज्ञा शब्द: कपड़ा, खिलौना, चावल, चूज़ा, दरबार, दूत, बगदाद, महल, लकीर, सुलतान।
शब्दकोश क्रमानुसार सही उत्तर:
1. कपड़ा
2. खिलौना
3. चावल
4. चूज़ा
5. दरबार
6. दूत
7. बगदाद
8. महल
9. लकीर
10. सुलतान

प्रश्न 2. नीचे दिए गए रिक्त स्थानों में उचित क्रिया शब्द छाँटकर भरिए:

  • (क) अध्यापिका ने हमें समझाया कि मन लगाकर पढ़ाई करो। (समझाया / समझाओ)
  • (ख) राकेश बाज़ार से सामान लेने गया। (गए / गया)
  • (ग) नेहा ने अपनी माँ को सब सच-सच बताया। (बताया / बताई)
  • (घ) राहुल दौड़ प्रतियोगिता में बहुत तेज़ भागा। (भागी / भागा)
  • (ङ) रेखा ने सारे सवालों का सही जवाब दिया। (दिया / किया)
  • (च) मैंने एक सपना देखा। (बनाया / देखा)

प्रश्न 3. ‘जादू-वादू’ की तरह शब्द-युग्मों (निरर्थक/तुकांत युग्म) पर घेरा लगाइए:
दिए गए विकल्प: घर-घर, चाय-वाय, चाय-नाश्ता, नदी-वदी, घास-फूस, पापड़-वापड़।
उत्तर (जादू-वादू की तरह निरर्थक/तुकांत युग्म):
1. चाय-वाय
2. नदी-वदी
3. पापड़-वापड़

प्रश्न 4. ‘होझा’ शब्द के अक्षरों को अलग करने पर ‘हो जा’ बनता है। नीचे दिए गए शब्दों के अक्षरों को अलग करके नए सार्थक शब्द बनाइए:

  • (क) कालका → काल का
  • (ख) आना → आ ना
  • (ग) बादशाह → बाद शाह

प्रश्न 5. पाठ के संदर्भ में इनका क्या अर्थ है, लिखिए:

  • (क) चलता बना: बिना कुछ बोले वहाँ से चला गया / प्रस्थान कर गया।
  • (ख) माजरा क्या है?: असली घटना, परिस्थिति या मामला क्या है?
  • (ग) जताना चाहता है: सामने वाले को सचेत करना, अपनी शक्ति प्रकट करना या चेतावनी देना चाहता है।

6. जीवन मूल्य (Values and Life Skills)

प्रश्न: “होझा सल्तनत का सबसे सयाना आदमी है। उसने अपनी समझदारी और बुद्धिमानी से सल्तनत पर आई मुश्किल परिस्थिति को बदल दिया। हमें भी कठिन परिस्थिति में समझदारी और बुद्धिमानी से काम लेना चाहिए, क्यों?”
उत्तर: हमें किसी भी कठिन या चुनौतीपूर्ण परिस्थिति में घबराने या शारीरिक बल का प्रयोग करने के स्थान पर अपनी समझदारी और बुद्धिमानी से काम लेना चाहिए क्योंकि:
1. अहिंसक समाधान: बुद्धिबल से बिना किसी रक्तपात, युद्ध या भौतिक नुकसान के बड़े से बड़े संकट का शांतिपूर्ण समाधान निकाला जा सकता है।
2. धैर्य और विवेक: शांत मन और विवेक से लिया गया निर्णय कठिन से कठिन विपत्ति को आसानी से टाल देता है और भविष्य के लिए सुरक्षित मार्ग प्रशस्त करता है।


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