DAV Board Class 5 Hindi (भाषा माधुरी) | 100% Authentic Textbook Solutions
DAV Class 5 Hindi Chapter 9 अजंता की सैर Solutions
Complete authentic solutions for DAV Class 5 Hindi Bhasha Madhuri (भाषा माधुरी) Chapter 9: अजंता की सैर (Ajanta Ki Sair – पत्र प्रारूप). This comprehensive study guide features the detailed summary of the travel letter (पाठ का विस्तृत सार), word meanings (कठिन शब्दों के अर्थ), textbook question answers (अभ्यास प्रश्न-उत्तर), True/False, discussion questions (बातचीत के लिए), cultural heritage table (अनुमान और कल्पना), grammar exercises (भाषा की बात: नुक्ता, लिंग, विलोम शब्द), and life values (जीवन मूल्य) solved strictly according to DAV Education Board standards.
| कक्षा (Class) | विषय (Subject) | पाठ्यपुस्तक (Textbook) | पाठ (Chapter) | विधा (Genre) |
|---|---|---|---|---|
| कक्षा 5 (Class 5) | हिंदी (Hindi) | भाषा माधुरी (Bhasha Madhuri) | पाठ 9: अजंता की सैर | पत्र (Letter / Travelogue) |
1. पाठ का विस्तृत सार (Detailed Story Summary)
- पत्र का प्रारूप व यात्रा की शुरुआत: यह पाठ एक पत्र के रूप में लिखा गया है, जिसे अनुपमा (8/14 नीमड़ी कॉलोनी, अशोक विहार, दिल्ली) ने अपनी प्रिय सहेली मधु को लिखा है। अनुपमा दशहरे की छुट्टियों में अपने माता-पिता और छोटे भाई रोहित के साथ रेलगाड़ी द्वारा महाराष्ट्र में अपने मामाजी के घर गई थी।
- अजंता की गुफाओं की विशेषताएँ: मामाजी के घर जाने का मुख्य उद्देश्य महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले में स्थित विश्वप्रसिद्ध अजंता की गुफाओं की अद्भुत चित्रकारी और शिल्पकला को देखना था। अजंता की गुफाएँ एक अत्यंत रमणीक (सुंदर और शांत) पहाड़ी स्थल पर स्थित हैं और ये लगभग 2,000 से 1,600 वर्ष प्राचीन हैं।
- निर्माता और उद्देश्य: इन गुफाओं का निर्माण तत्कालीन धनी व्यापारियों, राजाओं और संपन्न किसानों ने करवाया था। इनका मुख्य उद्देश्य बौद्ध भिक्षुओं (साधुओं) के एकांत में रहने, अध्ययन करने और उपासना (ध्यान) लगाने के लिए उपयुक्त स्थान उपलब्ध कराना था।
- चित्रकला व शिल्पकला: गुफाओं की विशाल चट्टानी दीवारों और छतों पर बौद्ध धर्म और भगवान बुद्ध के पूर्व जन्मों से जुड़ी प्रसिद्ध जातक कथाओं के अत्यंत मनमोहक चित्र और सजीव मूर्तियाँ उकेरी गई हैं। इन चित्रों से प्राचीन काल के लोगों के सौंदर्य-बोध, रहन-सहन और प्रकृति-प्रेम का जीवंत प्रमाण मिलता है।
- प्राकृतिक रंगों का रहस्य: इन ऐतिहासिक चित्रों में प्रयुक्त सभी रंग पूरी तरह प्राकृतिक थे, जिन्हें विभिन्न पत्थरों, खनिजों, वनस्पतियों और गोंद के मिश्रण से तैयार किया गया था (जैसे गहरे नीले रंग के लिए बहुमूल्य लाज़वर्दी पत्थर यानी लैपिस लाज़ुली का उपयोग किया गया था)। यही कारण है कि सैकड़ों वर्षों के बीत जाने के बाद भी ये रंग आज भी उतने ही ताज़ा और चमकदार दिखाई देते हैं।
2. कठिन शब्दों के अर्थ (Word Meanings)
| कठिन शब्द | अर्थ (Meaning in Hindi) |
|---|---|
| रमणीक | मनोहर / सुंदर / मन को लुभाने वाला |
| सभागृह | सभा या विचार-विमर्श के लिए बड़ा हॉल |
| जातक कथाएँ | भगवान बुद्ध के पूर्व जन्मों की पौराणिक कहानियाँ |
| उत्कृष्ट | सर्वश्रेष्ठ / उच्च कोटि का |
| समृद्ध | संपन्न / वैभवशाली / खुशहाल |
3. अभ्यास प्रश्न-उत्तर (Complete Textbook Solutions)
प्रश्न 1. अजंता की गुफाएँ किसने और क्यों बनवाईं?
उत्तर: अजंता की गुफाएँ आसपास के नगरों के धनी व्यापारियों और किसानों ने बौद्ध भिक्षुओं के रहने, पढ़ने-लिखने और शांत वातावरण में ध्यान (उपासना) लगाने के लिए बनवाई थीं।
प्रश्न 2. अजंता के चित्रों में नज़र आने वाले रंग इतने दिनों तक कैसे टिक पाए?
उत्तर: अजंता के चित्रों में प्रयुक्त सभी रंग प्राकृतिक पत्थरों, खनिजों और पौधों के अर्क से तैयार किए गए थे। ये प्राकृतिक रंग गुफाओं के वातावरण के अनुकूल थे, जिसके कारण सैकड़ों वर्ष बीत जाने के बाद भी वे आज तक सुरक्षित और चमकदार बने हुए हैं।
उचित उत्तर पर सही (✓) का निशान लगाइए
(क) अनुपमा दशहरे की छुट्टियों में कहाँ गई?
(i) चेन्नई
(ii) शिमला
(iii) महाराष्ट्र [✓]
उत्तर: महाराष्ट्र
(ख) अनुपमा सपरिवार अपने मामाजी के घर कैसे गई?
(i) बस से
(ii) रेलगाड़ी से [✓]
(iii) हवाई जहाज़ से
उत्तर: रेलगाड़ी से
सही (✓) या गलत (×) कथन
प्रश्न 4. पाठ के आधार पर नीचे लिखे कथनों के सामने सही (✓) या गलत (×) का निशान लगाइए :
- (क) अजंता की गुफाएँ एक अत्यंत रमणीक जगह पर बनी हुई हैं। → (✓)
- (ख) वे लोग लंबी और पतली आँख को सुंदर नहीं मानते थे। → (×)
- (ग) अजंता के चित्र अनेक कलाकारों की मिली-जुली प्रतिभा के उत्कृष्ट नमूने हैं। → (✓)
- (घ) हमारी संस्कृति कितनी समृद्ध है – अजंता इस बात का प्रमाण है। → (✓)
- (ङ) अजंता में सबसे अधिक लाल रंग का प्रयोग हुआ है। → (×)
4. बातचीत के लिए (Discussion Questions)
प्रश्न 1. अजंता की गुफाओं में बने चित्रों का क्या विषय था? इन चित्रों को देखकर क्या पता चलता है?
उत्तर: अजंता की गुफाओं के चित्रों का मुख्य विषय भगवान बुद्ध का जीवन, जातक कथाएँ और बौद्ध दर्शन था। इन चित्रों को देखकर तत्कालीन समाज की समृद्ध संस्कृति, लोगों की वेशभूषा, आभूषण, शिल्पकला और प्राचीन भारतीय कलाकारों के असाधारण हुनर का पता चलता है।
प्रश्न 2. आप अपने घर, कमरे की दीवारों को किस तरह सजाना चाहते हैं?
उत्तर: मैं अपने कमरे की दीवारों पर प्राकृतिक दृश्यों के सुंदर चित्र, महापुरुषों के सुविचार और अपने हाथों से बनाई गई चित्रकृतियों को फ्रेम कराकर सजाना चाहता/चाहती हूँ।
प्रश्न 3. आपको किस तरह की जगहों पर जाना पसंद है और क्यों?
उत्तर: मुझे प्राचीन ऐतिहासिक स्मारकों, गुफाओं और प्राकृतिक पहाड़ी स्थलों पर जाना पसंद है क्योंकि वहाँ जाकर हमें अपनी प्राचीन संस्कृति को करीब से देखने और प्रकृति के शांत वातावरण का आनंद लेने का अवसर मिलता है।
प्रश्न 4. ‘अजंता की सैर’ पाठ पढ़ते-पढ़ते आपको भी अपनी कोई छोटी या लंबी यात्रा याद आ रही हो तो उसे कक्षा में सुनाइए।
उत्तर: पिछली छुट्टियों में मैं अपने माता-पिता के साथ आगरा का ताजमहल देखने गया/गई थी। श्वेत संगमरमर से बने उस भव्य स्मारक की पच्चीकारी और शिल्पकला को देखकर मैं मंत्रमुग्ध रह गया/गई थी।
5. अनुमान और कल्पना (Cultural Heritage Table)
प्रश्न 1. सांस्कृतिक धरोहरों के साथ लोग किस प्रकार का व्यवहार करते हैं? हमें किस तरह का व्यवहार करना चाहिए? नीचे दी गई तालिका में भरिए :
| लोगों का अनुचित व्यवहार | हमारा आदर्श व्यवहार |
|---|---|
| (क) दीवारों पर अपना नाम लिखना या कुरेदना | दीवारों पर कुछ भी न लिखना और उन्हें पूरी तरह साफ़ रखना। |
| (ख) धरोहरों के पास कचरा व प्लास्टिक की बोतलें फेंकना | कचरा हमेशा कूड़ेदान में डालना और परिसर में पूर्ण स्वच्छता बनाए रखना। |
| (ग) ऐतिहासिक मूर्तियों या कलाकृतियों को छूकर क्षति पहुँचाना | कलाकृतियों को छुए बिना उचित दूरी से देखकर उनका सम्मान करना। |
| (घ) ऐतिहासिक परिसरों में शोर-शराबा मचाना | परिसर की गरिमा और शांति बनाए रखना। |
| (ङ) सुरक्षा नियमों व दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करना | पुरातत्व विभाग के सभी नियमों का निष्ठापूर्वक पालन करना। |
6. भाषा की बात (Grammar Exercises)
प्रश्न 1. पाठ में आए इन शब्दों में उचित स्थान पर नुक्ता (. ) लगाकर शब्द को दोबारा लिखिए :
- (क) मजे → मज़े
- (ख) हजार → हज़ार
- (ग) लेपिज → लेपिज़
- (घ) ज्यादा → ज़्यादा
- (ङ) सफेद → सफ़ेद
प्रश्न 2. नीचे पाठ में से कुछ वाक्यों के अंश दिए गए हैं। इनमें रेखांकित शब्दों का लिंग पहचानकर लिखिए :
| वाक्य का अंश | लिंग (Gender) |
|---|---|
| (क) तुम्हारा पत्र मिला | पुल्लिंग |
| (ख) सपनों की दुनिया | स्त्रीलिंग |
| (ग) हजार साल पुरानी | स्त्रीलिंग |
| (घ) आस-पास के शहरों | पुल्लिंग |
| (ङ) ध्यान लगाना | पुल्लिंग |
| (च) हमारी संस्कृति | स्त्रीलिंग |
प्रश्न 3. नीचे लिखे शब्दों के विलोम शब्द पाठ में से ढूँढकर लिखिए :
- (क) धीरे × तेज़
- (ख) गाँव × शहर
- (ग) निर्जीव × सजीव
- (घ) बाहर × अंदर
7. जीवन मूल्य (Values and Life Skills)
“तब लोग अत्यधिक प्रकृति-प्रेमी थे।”
प्रश्न 1. क्या आप भी प्रकृति-प्रेमी हैं?
उत्तर: हाँ, मैं प्रकृति से अत्यंत प्रेम करता/करती हूँ और इसके संरक्षण के प्रति जागरूक हूँ।
प्रश्न 2. आप प्रकृति का ध्यान किस प्रकार रखते हैं?
उत्तर: मैं प्रकृति की रक्षा के लिए निम्नलिखित प्रयास करता/करती हूँ :
1. अपने घर के आँगन और विद्यालय में पौधे लगाना और उनकी नियमित देखभाल करना।
2. जल और विद्युत का अपव्यय न करना।
3. सिंगल-यूज़ प्लास्टिक का उपयोग न करके कचरे का सही प्रबंधन करना।
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