DAV Board Class 5 Hindi (भाषा माधुरी) | 100% Authentic Textbook Solutions
DAV Class 5 Hindi Chapter 12 मनभावन सावन Solutions
Complete authentic solutions for DAV Class 5 Hindi Bhasha Madhuri (भाषा माधुरी) Chapter 12: मनभावन सावन (Manbhavan Sawan – कविता by सुमित्रानंदन पंत). This comprehensive guide features the detailed poem central idea and summary (कविता का भावार्थ व सार), word meanings (कठिन शब्दों के अर्थ), textbook question answers (अभ्यास प्रश्न-उत्तर), discussion questions (बातचीत के लिए), imagination questions (आपकी कल्पना), grammar exercises (भाषा की बात: बहुवचन रूप, ध्वन्यात्मक शब्द), and life values (जीवन मूल्य) solved strictly according to DAV Education Board standards.
| कक्षा (Class) | विषय (Subject) | पाठ्यपुस्तक (Textbook) | पाठ (Chapter) | कवि (Poet) |
|---|---|---|---|---|
| कक्षा 5 (Class 5) | हिंदी (Hindi) | भाषा माधुरी (Bhasha Madhuri) | पाठ 12: मनभावन सावन | सुमित्रानंदन पंत |
1. कविता का विस्तृत सार एवं भावार्थ (Poem Summary & Meaning)
प्रकृति के सुकुमार कवि सुमित्रानंदन पंत द्वारा रचित कविता ‘मनभावन सावन’ में सावन की रिमझिम वर्षा, वनस्पतियों के उल्लास और संपूर्ण जीव-जगत के आनंद का अत्यंत मनोरम व संगीतमय वर्णन किया गया है:
- प्राकृतिक सौंदर्य और वर्षा का आगमन: सावन मास में गगन में घने काले बादल झम-झम बरसते हैं। पेड़ों के पत्तों से छन-छनकर वर्षा की निर्मल बूँदें छम-छम गिरती हैं। बादलों के उर (हृदय) में चंचला (बिजली) चम-चम चमकती है और दिन के अंधकार में भी मनुष्य के मन में सुंदर-सुंदर आशा भरे सपने जाग उठते हैं।
- वनस्पतियों और पेड़ों का उल्लास: ताड़ के वृक्ष के पत्ते पंखों के समान फैले हैं, जिनकी लंबी उँगलियों और चौड़ी हथेलियों पर पानी की चंचल धार तड़-तड़ पड़ती है। नीम का पेड़ अति प्रसन्नता से विह्वल होकर झूम-झूमकर अपना सिर हिलाता है। हरसिंगार के सुगंधित फूल झरते हैं, बेला की कोमल कलियाँ प्रतिपल खिलती हैं और हरी-भरी प्रकृति में पक्षियों का समूह (खगकुल) प्रसन्न होकर मंगल गान करता है।
- जीव-जंतुओं का आनंद: वर्षा का स्वागत करते हुए मेंढक (दादुर) टर-टर करते हैं, झिंगुर झन-झन की ध्वनि करते हैं, मयूर (मोर) म्याव-म्याव और चातक पक्षी पीउ-पीउ की मधुर पुकार लगाते हैं। आकाश में मेघ घुमड़-घुमड़कर गर्जन भरते हैं।
- कवि का भाव और आह्वान: रिमझिम गिरती बूँदों के स्वर से मन में रोमांच भर जाता है। धरती पर जल की अजस्र धाराएँ बहती हैं और मिट्टी के प्रत्येक कण से नए तिनके (तृण) अंकुरित होकर पुलकित हो उठते हैं। कवि का मन वर्षा की शीतल धार को पकड़कर झूलना चाहता है। वे सभी देशवासियों को आमंत्रित करते हैं कि आओ, सब मिलकर सावन के मल्हार गाएँ और सतरंगी इंद्रधनुष के झूले में झूलें, ताकि ऐसा मनभावन सावन हमारे जीवन में बार-बार आए।
2. कठिन शब्दों के अर्थ (Word Meanings)
| कठिन शब्द | अर्थ (Meaning in Hindi) |
|---|---|
| तरु | वृक्ष / पेड़ |
| उर | हृदय / दिल |
| तम | अंधकार / अँधेरा |
| वारि | जल / पानी |
| विह्वल | अत्यधिक भावुक / खुशी से व्याकुल |
| खगकुल | पक्षियों का समूह / पक्षी-परिवार |
| दादुर | मेंढक |
| झिल्ली | झिंगुर |
| आर्द्र | गीला / नम |
| क्रंदन | रोना / चीत्कार या पुकार |
| तृण | तिनका / घास का अंकुर |
3. अभ्यास प्रश्न-उत्तर (Complete Textbook Solutions)
प्रश्न 1. सावन के महीने में आपके आस-पास के वातावरण में क्या-क्या परिवर्तन होते हैं?
उत्तर: सावन के महीने में वातावरण पूरी तरह बदल जाता है: आकाश में सघन काले मेघ घिर आते हैं और मूसलाधार वर्षा होती है, ग्रीष्म ऋतु की भीषण तपन शांत हो जाती है, चारों ओर धरती हरी चादर ओढ़ लेती है, नदियाँ और तालाब लबालब भर जाते हैं तथा पक्षी व जीव-जंतु उल्लास से भर जाते हैं।
प्रश्न 2. वर्षा आने पर कौन-से पशु-पक्षी अधिक प्रसन्न दिखाई देते हैं?
उत्तर: वर्षा आने पर मोर, चातक पक्षी, सोनबलाक (बगुले), मेंढक (दादुर) और झिंगुर अत्यधिक प्रसन्न दिखाई देते हैं।
प्रश्न 3. कविता में किन-किन पेड़ों के नाम आए हैं?
उत्तर: कविता में ताड़, नीम और हरसिंगार के वृक्षों तथा बेला की लताओं के नाम आए हैं।
प्रश्न 4. “पकड़ वारि की धार ……………… सावन मनभावन।”
- (क) कवि का मन कैसे झूल रहा है?
उत्तर: कवि का मन वर्षा के निर्मल जल (वारि) की गिरती धार को पकड़कर झूले के समान झूल रहा है। - (ख) कवि सब लोगों से मिलकर क्या करने के लिए कह रहे हैं?
उत्तर: कवि सब लोगों से मिलकर उन्हें घेरकर सावन के गीत गाने और सतरंगी इंद्रधनुष के झूले में झूलने का आग्रह कर रहे हैं।
4. बातचीत के लिए (Discussion Questions)
प्रश्न 1. यदि साल भर वर्षा न हो, तो जीवन कैसे चलेगा?
उत्तर: यदि पूरे वर्ष वर्षा न हो, तो भीषण सूखा और अकाल पड़ जाएगा। पीने के जल के सभी प्राकृतिक स्रोत सूख जाएँगे, कृषि फसलें नष्ट हो जाएँगी और पेड़-पौधों के अभाव में भोजन व चारे का विकराल संकट खड़ा हो जाएगा। अन्न-जल के बिना समस्त प्राणियों का जीवन संकट में पड़ जाएगा।
प्रश्न 2. आपको कौन-सा मौसम अच्छा लगता है, क्यों?
उत्तर: मुझे वर्षा ऋतु (सावन) सबसे अधिक प्रिय है क्योंकि इस मौसम में भीषण गर्मी से राहत मिलती है, चारों तरफ़ मनमोहक हरियाली छा जाती है, ठंडी पवन चलती है और वर्षा में भीगने व झूले झूलने का असीम आनंद मिलता है।
5. आपकी कल्पना (Imagination Questions)
प्रश्न 1. हल्की-हल्की वर्षा की रिमझिम फुहार और सामने इंद्रधनुष है और इंद्रधनुष के झूले पर आप और आपके मित्र/सखियाँ! इस दृश्य की कल्पना कीजिए और वर्णन कीजिए।
उत्तर: यह कल्पना अत्यंत मनोहारी और स्वप्निल है। नीले आकाश के छोर पर सात रंगों का विशाल इंद्रधनुष चमक रहा है और हलकी-हलकी रिमझिम बूँदें गिर रही हैं। मैं और मेरे मित्र उस इंद्रधनुषी झूले पर बैठकर बादलों के बीच पेंग बढ़ा रहे हैं। हम सब मिलकर सावन के मधुर गीत गा रहे हैं और नीचे हरी-भरी धरती आनंद से खिलखिला रही है।
प्रश्न 2. मूसलाधार बरसात हो रही है, स्कूल की छुट्टी हो गई, अब पैदल घर कैसे जाएँ?
उत्तर: मूसलाधार बारिश में विद्यालय की छुट्टी होने पर हम अपने छाते या बरसाती का सहारा लेंगे। जिन सहपाठियों के पास छाते नहीं होंगे, उन्हें अपने साथ साझा करेंगे। हम सभी मित्र सड़क के खुले नालों और गड्ढों से सतर्क रहते हुए एक-दूसरे का हाथ पकड़कर सुरक्षित पगडंडी से घर जाएँगे और रास्ते में पानी में कागज़ की नावें तैराते हुए आनंद लेंगे।
6. भाषा की बात (Grammar Exercises)
प्रश्न 1. निम्नलिखित शब्दों के उचित बहुवचन रूप पर सही (✓) का निशान लगाइए :
| एकवचन शब्द | उचित बहुवचन रूप |
|---|---|
| बूँद | बूँदें [✓] |
| कली | कलियाँ [✓] |
| सखी | सखियाँ [✓] |
| लहर | लहरें [✓] |
प्रश्न 2. ध्वन्यात्मक शब्द (आवाज़ों का अहसास कराने वाले शब्द) – सही मिलान कीजिए :
| ध्वनि शब्द | संबंधित आवाज़ / प्राकृतिक क्रिया |
|---|---|
| रिमझिम-रिमझिम | बूँदों के स्वर |
| छम-छम | गिरती बूँदें |
| तड़-तड़ | पड़ती धार |
| चम-चम | बिजली की चमक |
| घुमड़-घुमड़ | मेघ की गर्जन |
7. जीवन मूल्य (Values and Life Skills)
प्रश्न 1. हम दूसरों को किस प्रकार खुशी दे सकते हैं?
उत्तर: हम दूसरों के सुख-दुख में सहभागी बनकर, अभावग्रस्तों की निस्वार्थ सहायता करके, सभी के साथ मीठी और सम्मानजनक वाणी बोलकर तथा अपने संसाधनों और खुशियों को दूसरों के साथ बाँटकर उन्हें प्रसन्नता दे सकते हैं।
प्रश्न 2. दूसरों को खुशी देने से हमें कैसा लगता है और क्यों?
उत्तर: दूसरों को खुशी देने से हमारे मन को आंतरिक शांति, असीम संतोष और दिव्य आनंद मिलता है। जब हम किसी अन्य के मुख पर मुस्कान लाते हैं, तो हमारे भीतर प्रेम, सहानुभूति और सकारात्मकता का विस्तार होता है।
कक्षा 5 भाषा माधुरी के अन्य सभी पाठों के प्रामाणिक समाधान: