DAV Board Class 5 Hindi (भाषा माधुरी) | 100% Authentic Textbook Solutions
DAV Class 5 Hindi Chapter 16 चाँद का कुर्ता Solutions
Complete authentic solutions for DAV Class 5 Hindi Bhasha Madhuri (भाषा माधुरी) Chapter 16: चाँद का कुर्ता (Chand Ka Kurta – बाल कविता by राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’). This comprehensive study guide features the detailed poem summary (कविता का विस्तृत सार), word meanings (कठिन शब्दों के अर्थ), textbook question answers (अभ्यास प्रश्न-उत्तर: कविता में से), discussion questions (बातचीत के लिए), imagination questions (अनुमान और कल्पना), grammar exercises (भाषा की बात: कारक चिह्न, युग्म शब्द), and life values (जीवन मूल्य) solved strictly according to DAV Education Board standards.
| कक्षा (Class) | विषय (Subject) | पाठ्यपुस्तक (Textbook) | पाठ (Chapter) | रचनाकार (Poet) |
|---|---|---|---|---|
| कक्षा 5 (Class 5) | हिंदी (Hindi) | भाषा माधुरी (Bhasha Madhuri) | पाठ 16: चाँद का कुर्ता | रामधारी सिंह ‘दिनकर’ |
1. कविता का विस्तृत सार (Detailed Poem Summary)
- कवि परिचय: राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ द्वारा रचित यह एक अत्यंत रोचक और बाल-सुलभ भावनाओं से ओत-प्रोत कविता है।
- चाँद की हठ और समस्या: एक दिन बालक चाँद अपनी माँ से हठ (ज़िद) करके कहता है कि उसे ठंड से बचने के लिए ऊन का एक मोटा झिंगोला (ढीला-ढाला कुर्ता) सिलवा दिया जाए। वह अपनी माँ को बताता है कि रात भर सन-सन तेज़ ठंडी हवा चलती है और वह जाड़े से ठिठुर-ठिठुर कर किसी तरह अपनी आकाश की यात्रा पूरी करता है। चाँद यहाँ तक कहता है कि यदि नया कुर्ता सिलवाना संभव न हो, तो उसे किराए (भाड़े) का ही कोई कुर्ता ला दिया जाए।
- माँ की ममता और विवशता: माँ अपने प्यारे सलोने (सुंदर) बच्चे की बात सुनकर उसे दुलारती है और भगवान से प्रार्थना करती है कि उसे किसी की बुरी नज़र या जादू-टोना न लगे। माँ कहती है कि जाड़े और ठंड की बात तो ठीक है, लेकिन उसके सामने सबसे बड़ी समस्या यह है कि चाँद का आकार कभी एक जैसा नहीं रहता।
- चाँद का घटता-बढ़ता आकार: चाँद कभी एक अंगुल भर चौड़ा हो जाता है, तो कभी एक फुट मोटा। किसी दिन (पूर्णिमा) वह बहुत बड़ा और गोल दिखाई देता है, तो किसी दिन बहुत छोटा। अमावस्या के दिन तो वह आसमान में बिल्कुल भी दिखाई नहीं देता।
- माँ का निष्कर्ष: माँ प्रेमपूर्वक पूछती है कि वह किस दिन उसका नाप ले, क्योंकि उसका आकार रोज़ बदलता रहता है। ऐसा कौन-सा झिंगोला सिला जाए जो उसके शरीर में हर रोज़ पूरा आ सके?
2. कठिन शब्दों के अर्थ (Word Meanings)
| कठिन शब्द (Word) | अर्थ (Meaning) |
|---|---|
| झिंगोला | पहनने का ढीला-ढाला कपड़ा / ऊनी कुर्ता |
| भाड़े | किराए पर |
| अंगुल | अँगूठे से लेकर छोटी अँगुली तक का नाप / उँगली भर चौड़ाई |
| फुट | लंबाई नापने की मानक इकाई |
| सलोने | सुंदर / प्यारा |
| हठ | ज़िद / आग्रह |
| जाड़ा | सर्दी / ठंड का मौसम |
3. अभ्यास प्रश्न-उत्तर (कविता में से – Page 91)
प्रश्न 1. चाँद ने किस चीज़ के लिए हठ की?
उत्तर: चाँद ने अपनी माँ से ठंड से बचने के लिए ऊन का एक मोटा झिंगोला (कुर्ता) सिलवाने के लिए हठ की।
प्रश्न 2. माँ को किस बात का डर था?
उत्तर: माँ को इस बात का डर था कि चाँद का आकार प्रतिदिन बदलता रहता है – वह कभी एक नाप में नहीं रहता, कभी बड़ा, कभी छोटा और कभी बिल्कुल गायब हो जाता है; इसलिए उसका सही नाप लेकर कुर्ता कैसे सिला जाए।
प्रश्न 3. जाड़े में चाँद का क्या हाल होता है?
उत्तर: जाड़े में रात भर सन-सन तेज़ ठंडी हवा चलती है, जिससे चाँद ठंड से काँपता है और ठिठुर-ठिठुर कर किसी तरह अपनी आकाश की यात्रा पूरी करता है।
प्रश्न 4. नीचे दिए गए वाक्य किसने, किससे कहे, लिखिए :
- (क) “भाड़े पर ही कुर्ता ला दो।”
किसने कहा: चाँद ने
किससे कहा: अपनी माँ से - (ख) “किसी दिन बड़ा और किसी दिन छोटा हो जाता है।”
किसने कहा: माँ ने
किससे कहा: चाँद से
4. बातचीत के लिए (Discussion Questions – Page 91)
प्रश्न 1. अपने शिक्षक, माता-पिता, दादा-दादी, नाना-नानी या किसी बड़े से पता कीजिए कि चाँद :
- (क) कब पूरा गोल हो जाता है?
उत्तर: चाँद पूर्णिमा (Purnima) की रात को आकाश में पूरा गोल और चमकीला दिखाई देता है। - (ख) कब दिखाई ही नहीं देता?
उत्तर: चाँद अमावस्या (Amavasya) की रात को आकाश में बिल्कुल दिखाई नहीं देता।
प्रश्न 2. कविता की किन पंक्तियों से पता चलता है कि :
- (क) कविता में सर्दी के मौसम की बात की गई है।
उत्तर: “सन-सन चलती हवा रात भर, जाड़े से मरता हूँ,” तथा “आसमान का सफ़र और यह मौसम है जाड़े का,” पंक्तियों से पता चलता है। - (ख) चाँद बहुत सुंदर है।
उत्तर: “बच्चे की सुन बात कहा माता ने, अरे सलोने!” पंक्ति से पता चलता है। - (ग) चाँद का कोई एक नाप नहीं है।
उत्तर: “एक नाप में कभी नहीं तुझको देखा करती हूँ।” पंक्ति से पता चलता है।
5. अनुमान और कल्पना (Imagination Questions – Page 91)
अगर गर्मी होती तो :
- चाँद अपनी माँ से किस बात के लिए हठ करता और क्यों?
उत्तर: अगर गर्मी का मौसम होता, तो चाँद अपनी माँ से सूती का हल्का और ठंडा कुर्ता पहनने के लिए माँगता या ठंडी छाँव व पंखा माँगने की हठ करता, ताकि उसे रात भर गर्मी और पसीने से राहत मिल सके। - आप अपनी माँ से किस चीज़ की हठ करते और क्यों?
उत्तर: गर्मी के मौसम में हम अपनी माँ से ठंडी आइसक्रीम, कुल्फ़ी, आम का पना या तरबूज़ खाने-पीने और ठंडे पानी में नहाने व सूती कपड़े पहनने की हठ करते। - क्या सूरज की भी कोई माँग होती?
उत्तर: हाँ, गर्मी के दिनों में सूरज माँग करता कि उसे थोड़ी देर विश्राम करने के लिए बादलों का शीतल पर्दा मिल जाए ताकि वह अपनी अत्यधिक तपन को शांत कर सके।
6. भाषा की बात (Grammar Exercises – Page 92)
प्रश्न 1. कविता में प्रयुक्त हुए कारक चिह्नों को शब्दों के साथ लिखिए :
| क्रम | शब्द | प्रयुक्त कारक चिह्न |
|---|---|---|
| (क) | माता | ‘से’ (करण / अपादान कारक) |
| (ख) | बच्चे | ‘की’ (संबंध कारक) |
| (ग) | आँखों | ‘को’ (कर्म कारक) |
| (घ) | जाड़े | ‘का’ (संबंध कारक) |
| (ङ) | बदन | ‘में’ (अधिकरण कारक) |
| (च) | ऊन | ‘का’ (संबंध कारक) |
प्रश्न 2. युग्म शब्दों द्वारा वाक्य पूरे कीजिए :
(विकल्प: रात-दिन, मोटी-पतली, घटता-बढ़ता, ऊँचा-नीचा)
- (क) मज़दूर रात-दिन मेहनत करता है।
- (ख) आसमान में चाँद का आकार घटता-बढ़ता रहता है।
- (ग) पर्वतीय रास्ता ऊँचा-नीचा होता है।
- (घ) मेरे बस्ते में मोटी-पतली सभी तरह की पुस्तकें हैं।
7. जीवन मूल्य (Values and Life Skills – Page 92)
‘हठ कर बैठा चाँद एक दिन’ – इस कविता में चाँद ने अपनी माँ से हठ की।
प्रश्न 1. क्या आप भी अपने परिवार के सदस्यों से ज़िद करते हैं?
उत्तर: कभी-कभी हम भी खिलौने, ज्ञानवर्धक पुस्तकों या अपनी पसंदीदा खाने की चीज़ों के लिए परिवार के सदस्यों से ज़िद करते हैं।
प्रश्न 2. क्या हठ करना अच्छी आदत है? यदि ‘हाँ’ तो क्यों और नहीं तो क्यों?
उत्तर: हठ करना सामान्यतः अच्छी आदत नहीं है, क्योंकि अनुचित या असंभव चीज़ों (जैसे जंक फ़ूड खाना, टीवी-मोबाइल की ज़िद करना या अनावश्यक वस्तुएँ माँगना) के लिए हठ करने से माता-पिता परेशान होते हैं और हमारा अपना समय व स्वास्थ्य खराब होता है। केवल सकारात्मक बातों (जैसे पढ़ाई करने, अच्छी आदतें सीखने या खेलकूद में आगे बढ़ने का दृढ़ संकल्प) के लिए की गई ज़िद ही सही मानी जा सकती है।
कक्षा 5 भाषा माधुरी के अन्य सभी पाठों के प्रामाणिक समाधान: