DAV Class 5 Hindi Chapter 18 बेट्टीना का साहस Solutions

DAV Board Class 5 Hindi (भाषा माधुरी) | 100% Authentic Textbook Solutions

DAV Class 5 Hindi Chapter 18 बेट्टीना का साहस Solutions

Complete authentic solutions for DAV Class 5 Hindi Bhasha Madhuri (भाषा माधुरी) Chapter 18: बेट्टीना का साहस (Bettina Ka Sahas – प्रेरक प्रसंग / प्रेरणादायक सत्य कथा). This comprehensive study guide features the detailed biographical summary (पाठ का विस्तृत सार), word meanings (कठिन शब्दों के अर्थ), textbook question answers (अभ्यास प्रश्न-उत्तर), multiple choice & fill in the blanks (सही उत्तर व रिक्त स्थान), discussion questions (बातचीत के लिए), imagination questions (अनुमान और कल्पना), grammar exercises (भाषा की बात: विशेषण-विशेष्य, ‘र’ के विभिन्न रूप), and life values (जीवन मूल्य) solved strictly according to DAV Education Board standards.

कक्षा (Class)विषय (Subject)पाठ्यपुस्तक (Textbook)पाठ (Chapter)विधा / मुख्य संदेश
कक्षा 5 (Class 5)हिंदी (Hindi)भाषा माधुरी (Bhasha Madhuri)पाठ 18: बेट्टीना का साहसप्रेरक प्रसंग (“जहाँ चाह वहाँ राह”)

1. पाठ का विस्तृत सार (Detailed Story Summary)

  • बेट्टीना का परिचय व नृत्य के प्रति समर्पण: बेट्टीना बेचगार्ड इंग्लैंड के लंदन शहर की रहने वाली एक अत्यंत प्रतिभाशाली और कुशल नर्तकी थी। वह प्रसिद्ध नृत्य नाटिकाओं में प्रमुख भूमिकाएँ निभाती थी। नृत्य केवल उसकी आजीविका का साधन ही नहीं था, बल्कि उसका मुख्य शौक और उसके जीवन का सर्वस्व था।
  • भयानक सड़क दुर्घटना: जब बेट्टीना 19 वर्ष की थी, तब एक अवकाश के दिन भोजन की सामग्री लेने जाते समय सड़क पार करते हुए एक तेज़ गति से आ रही कार ने उसे भीषण टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भयानक थी कि वह कार के शीशे से टकराकर तीन मीटर ऊपर उछली और लोहे की सुरक्षा बाड़ से टकराकर अचेत सड़क पर गिर पड़ी। उसका सिर फट गया, चेहरा लहूलुहान हो गया और शरीर की कई हड्डियाँ टूट गईं।
  • आपातकालीन चिकित्सा व जीवन रक्षा: सड़क की दूसरी ओर से आ रहे लंदन के सुप्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. टेरेंस लेविस और उनकी पत्नी जिल ने तुरंत अपनी कार रोककर एम्बुलेंस बुलाई। एक अन्य कार चालक डैनफॉर्ड ने कृत्रिम साँस देकर उसकी नाड़ी चालू रखी। अस्पताल में कई घंटों की अत्यंत जटिल शल्य-चिकित्सा (सर्जरी) के बाद डॉक्टरों ने उसकी जान बचाई। उसकी दाईं टाँग आठ जगह से और बाईं भुजा दो जगह से टूट चुकी थी।
  • घोर निराशा और जीवन-परिवर्तनकारी शब्द: अत्यधिक दवाओं के सेवन से उसके गुर्दों में भी खराबी आ गई। अस्पताल के बिस्तर पर पड़ी बेट्टीना जब यह सोचती कि वह अब कभी मंच पर नृत्य नहीं कर पाएगी, तो बेबसी के कारण उसकी आँखों से निरंतर आँसू बहते रहते थे। एक दिन जब वह रो रही थी, तो उसकी स्नेहशील सेविका ने उसके सिर पर हाथ फेरते हुए कहा : “तुम्हारा नया जन्म एक विशेष उद्देश्य के लिए हुआ है।” इन अमृतमय शब्दों ने बेट्टीना की सोचने की पूरी दिशा ही बदल दी।
  • कठोर साधना और अभूतपूर्व वापसी: डॉक्टरों की मनाही के बावजूद बेट्टीना ने एक टाँग के सहारे चलना शुरू किया। अस्पताल से घर लौटने पर उसके माता-पिता उसे पास के तरन-ताल (स्विमिंग पूल) ले जाते और मालिश करवाते। उसके नृत्य शिक्षक बैरी ने उसकी प्रतिभा और दृढ़ संकल्प को देखकर उसे नृत्य केंद्र में अभ्यास कराना शुरू किया। असहनीय शारीरिक पीड़ा को सहते हुए, छह महीने की कठोर साधना और दो वर्षों के अनवरत प्रयास के बाद जब वह पुनः मंच पर उतरी, तो पूरा प्रेक्षागृह तालियों की गड़गड़ाहट से गूँज उठा। बेट्टीना ने अपने अदम्य साहस से यह सिद्ध कर दिया कि “जहाँ चाह वहाँ राह”।

2. कठिन शब्दों के अर्थ (Word Meanings)

कठिन शब्द (Word)अर्थ (Meaning)
सामग्रीसामान / वस्तुएँ
चिकित्सकइलाज करने वाला / डॉक्टर
संकल्पदृढ़ निश्चय
उद्देश्यलक्ष्य / ध्येय
आश्वासनदिलासा / भरोसा देना
समूचासारा / पूरा
तरन-तालस्विमिंग पूल / तैरने का जलाशय
अदम्यजिसे दबाया न जा सके / प्रबल

3. अभ्यास प्रश्न-उत्तर (Complete Textbook Question Answers – Pages 102-103)

प्रश्न 1. किन शब्दों ने बेट्टीना की सोचने की दिशा बदल दी?
उत्तर: सेविका के इन स्नेहमयी और प्रेरणादायक शब्दों ने – “तुम्हारा नया जन्म एक विशेष उद्देश्य के लिए हुआ है” – बेट्टीना की सोचने की दिशा बदल दी और उसमें जीने व संघर्ष करने की नई उमंग भर दी।

प्रश्न 2. बिस्तर पर पड़े-पड़े बेट्टीना की आँखों से आँसू क्यों बहने लगते थे?
उत्तर: बिस्तर पर लेटे-लेटे जब बेट्टीना यह सोचती थी कि भयंकर दुर्घटना और टूटी हड्डियों के कारण शायद वह अब जीवन में कभी दोबारा नृत्य नहीं कर पाएगी, तो इस बेबसी, लाचारी और निराशा के कारण उसकी आँखों से आँसू बहने लगते थे।

प्रश्न 3. बेट्टीना सफलता के शिखर पर फिर से किस प्रकार पहुँची?
उत्तर: बेट्टीना अपने अटूट आत्म-विश्वास, दृढ़ संकल्प, असहनीय शारीरिक पीड़ा को सहकर किए गए निरंतर व्यायाम, तरन-ताल में मालिश, नृत्य शिक्षक बैरी के कुशल मार्गदर्शन तथा दो वर्षों की कठोर साधना के बल पर पुनः सफलता के शिखर पर पहुँची।

प्रश्न 4. नृत्य के बिना बेट्टीना का जीवन अधूरा था। कैसे?
उत्तर: बेट्टीना के लिए नृत्य केवल आजीविका का साधन ही नहीं था, बल्कि उसका मुख्य शौक, उसका जुनून और उसके जीवन की सबसे बड़ी खुशी थी। वह नृत्य को ही अपना जीवन मानती थी; इसलिए दुर्घटना के बाद नृत्य न कर पाने की आशंका से उसे अपना जीवन अधूरा और निरर्थक लगने लगा था।

प्रश्न 5. उचित उत्तर पर सही (✓) का निशान लगाइए :

  • (क) बेट्टीना लगभग कितने मीटर ऊपर उछली?
    [✓] तीन
    [ ] पाँच
    [ ] आठ
  • (ख) टेरेंस लेविस कौन थे?
    [ ] अध्यापक
    [ ] नर्तक
    [✓] चिकित्सक
  • (ग) बेट्टीना के माता-पिता उसे मालिश के लिए कहाँ लेकर जाते थे?
    [ ] अस्पताल
    [✓] तरन-ताल
    [ ] सिनेमा हॉल

प्रश्न 6. रिक्त स्थान भरकर वाक्य पूरे कीजिए :

  • (क) बेट्टीना नृत्य नाटिकाओं में प्रमुख भूमिकाएँ निभाती है।
  • (ख) शिक्षक बैरी उसकी प्रतिभा और दृढ़ संकल्प शक्ति से परिचित थे।
  • (ग) अधिक दवाओं के कारण उसके गुर्दों में खराबी आ गई।

4. बातचीत के लिए (Discussion Questions – Page 102)

प्रश्न 1. यदि बेट्टीना या उस जैसी कोई लड़की आपके साथ नृत्य सीखती तो आपके मन में भी कई सवाल उठते, कक्षा में बातचीत कीजिए।
उत्तर: यदि बेट्टीना जैसी साहसी लड़की हमारे साथ नृत्य सीखती, तो हमारे मन में यह सवाल उठते कि – इतने भयंकर हादसे और असहनीय शारीरिक पीड़ा के बाद भी उसने हार क्यों नहीं मानी? उसे इस घोर निराशा से बाहर निकलने की मानसिक शक्ति कहाँ से मिली? हम उसके अदम्य साहस और जुझारूपन की भूरि-भूरि प्रशंसा करते और नृत्य सीखने में उसका हर संभव सहयोग करते।

प्रश्न 2. इस पाठ को पढ़ने के बाद आपकी सोच में भी कुछ बदलाव आया होगा। बताइए।
उत्तर: इस पाठ को पढ़ने के बाद हमारी सोच में यह गहरा बदलाव आया कि जीवन में चाहे कितनी भी विकट परिस्थिति, शारीरिक अक्षमता या असफलता आ जाए, हमें कभी हिम्मत नहीं हारनी चाहिए। यदि मन में दृढ़ इच्छाशक्ति, धैर्य और ईश्वर पर विश्वास हो, तो नामुमकिन दिखने वाले लक्ष्य को भी हासिल किया जा सकता है।

5. अनुमान और कल्पना (Imagination Questions – Page 103)

प्रश्न: बेट्टीना की सारी कोशिशों के बाद ही वह ठीक हो पाई, और फिर से सभागार में नृत्य कर सकी। यदि कोई उससे कोई सवाल पूछता, “आपको अब कैसा लग रहा है?” तो उसका क्या उत्तर या भावनाएँ होतीं?
उत्तर: यदि कोई बेट्टीना से यह सवाल पूछता, तो उसकी आँखों में कृतज्ञता और खुशी के आँसू होते। वह भावुक होकर कहती – “आज मुझे अनुभव हो रहा है कि मेरा नया जन्म वास्तव में एक विशेष उद्देश्य के लिए ही हुआ था। निराशा और असहनीय पीड़ा के घने बादलों को चीरकर अपनी मंज़िल को पाना मेरे जीवन की सबसे बड़ी विजय है। मुझे गर्व है कि मैंने परिस्थितियों के आगे घुटने नहीं टेके। मैं ईश्वर, अपने माता-पिता और गुरु की आभारी हूँ कि मैं पुनः अपनी आत्मा यानी नृत्य से जुड़ सकी।”

6. भाषा की बात (Grammar Exercises – Page 103)

प्रश्न 1. पाठ में से विशेषण-विशेष्य के पाँच जोड़े छाँटकर लिखिए :

क्रमविशेषण (Adjective)विशेष्य (Noun)
(क)भयानकदुर्घटना
(ख)सुप्रसिद्धचिकित्सक
(ग)गहरीचोट
(घ)नयाजीवन
(ङ)कठोरसाधना

प्रश्न 2. ‘र’ का सही प्रयोग कीजिए और शब्द को दोबारा लिखिए :

अशुद्ध रूप‘र’ के सही प्रयोग से शुद्ध शब्द
दुघटनादुर्घटना (रेफ़ ‘र्’)
सुपसिद्धसुप्रसिद्ध (पदेन ‘्र’)
सामगीसामग्री (पदेन ‘्र’)
पवपर्व (रेफ़ ‘र्’)
पयासप्रयास (पदेन ‘्र’)
दददर्द (रेफ़ ‘र्’)
षपवर्ष (रेफ़ ‘र्’)
गुदोगुर्दों (रेफ़ ‘र्’)
केंदकेंद्र (पदेन ‘्र’)
पकारप्रकार (पदेन ‘्र’)

7. जीवन मूल्य (Values and Life Skills – Page 103)

यदि हम ठान लें कि किसी भी विकट परिस्थिति में हार नहीं मानेंगे तो मुश्किलों को झेलते हुए सफलता प्राप्त कर ही लेंगे।

प्रश्न: क्या आप इस बात से सहमत हैं, कैसे?
उत्तर: हाँ, हम इस कथन से शत-प्रतिशत सहमत हैं। जब मनुष्य किसी भी कठिन परिस्थिति में घुटने टेकने के बजाय मन में दृढ़ संकल्प कर लेता है, तो उसकी आंतरिक आत्मशक्ति जागृत हो जाती है। बेट्टीना का जीवन इस बात का साक्षात प्रमाण है कि यदि इच्छाशक्ति अडिग हो, तो टूटी हड्डियाँ और शारीरिक सीमाएँ भी मनुष्य को अपने सपनों को पूरा करने से नहीं रोक सकतीं।


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