DAV Board Class 5 Hindi (भाषा माधुरी) | 100% Authentic Textbook Solutions
DAV Class 5 Hindi Chapter 2 लौह पुरुष Solutions
Complete authentic solutions for DAV Class 5 Hindi Bhasha Madhuri (भाषा माधुरी) Chapter 2: लौह पुरुष (Louh Purush – Sardar Vallabhbhai Patel). This guide includes the detailed life summary (पाठ का सार), word meanings (कठिन शब्दों के अर्थ), all textbook question answers (अभ्यास प्रश्न-उत्तर), discussion questions (बातचीत के लिए), imagination questions (अनुमान और कल्पना), grammar exercises (भाषा की बात: मुहावरे, संज्ञा, लिंग), and life values (जीवन मूल्य) solved strictly according to the DAV Education Board syllabus.
| कक्षा (Class) | विषय (Subject) | पाठ्यपुस्तक (Textbook) | पाठ (Chapter) | चरित्र (Focus) |
|---|---|---|---|---|
| कक्षा 5 (Class 5) | हिंदी (Hindi) | भाषा माधुरी (Bhasha Madhuri) | पाठ 2: लौह पुरुष | सरदार वल्लभभाई पटेल (जीवनी) |
1. पाठ का विस्तृत सार (Detailed Story Summary)
- बचपन की अद्भुत दृढ़ता: वल्लभ बचपन से ही अत्यंत दृढ़निश्चयी और साहसी बालक थे। जब उनके पिता ने उन्हें शहर जाकर उच्च शिक्षा प्राप्त करने से यह कहकर रोका कि खेत के काम-काज में हाथ कौन बटाएगा, तो बालक वल्लभ ने साहसपूर्वक कहा कि वे छुट्टियों में घर आकर खेत का सारा काम देख लिया करेंगे। उन्होंने पिता से दृढ़ता से कहा कि कोई भी बाधा उन्हें आगे बढ़ने से नहीं रोक सकती। बालक का यह अटूट संकल्प देखकर पिता ने उन्हें पढ़ने की स्वीकृति दे दी। यही बालक आगे चलकर भारत के प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी ‘सरदार वल्लभभाई पटेल’ बने।
- त्याग और भ्रातृ-प्रेम (सज्जनता): वल्लभभाई ने नदियाड़ से दसवीं कक्षा उत्तीर्ण की और इंग्लैंड जाकर वकालत (बैरिस्टरी) की पढ़ाई करने का संकल्प लिया। उन्होंने दिन-रात अथक परिश्रम करके वकालत की मुख्तारी परीक्षा उत्तीर्ण की और पाई-पाई जोड़कर इंग्लैंड जाने की पूरी तैयारी कर ली। जब उनके बड़े भाई विट्ठल के पास बोरसद के पते वाला लिफ़ाफ़ा पहुँचा, तो विट्ठल भाई समझे कि उनके किसी अज्ञात हितैषी ने उनके लिए टिकट भेजा है। जब वल्लभ ने लिफ़ाफ़ा देखा, तो स्पष्ट हुआ कि टिकट वास्तव में वल्लभ के नाम पर ही आया था। परंतु बड़े भाई की आँखों में निराशा और इंग्लैंड जाने की तीव्र इच्छा देखकर वल्लभभाई ने बिना एक पल सोचे अपना टिकट बड़े भाई को दे दिया और स्वयं बाद में जाने का निर्णय लिया।
- स्वतंत्रता संग्राम में प्रवेश: 1913 में वल्लभभाई स्वयं इंग्लैंड से कानून की उच्च शिक्षा पूरी करके भारत लौटे और अहमदाबाद में सफलतापूर्वक वकालत करने लगे। उन्हीं दिनों राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी दक्षिण अफ्रीका से लौटकर चंपारण (बिहार) में शोषित किसानों के पक्ष में सत्याग्रह चला रहे थे। वल्लभभाई गाँधी जी के सत्य और अहिंसा के सिद्धांतों से इतने प्रभावित हुए कि अपनी शानो-शौकत वाली वकालत और सुख-सुविधाओं को त्यागकर देश के स्वतंत्रता संग्राम में कूद पड़े। गुजरात के खेड़ा जिले में किसानों के संघर्ष का कुशल नेतृत्व कर उन्होंने अंग्रेज़ी हुकूमत की ईंट से ईंट बजा दी। उनके इस अदम्य साहस से प्रसन्न होकर गाँधी जी ने उन्हें ‘सरदार’ की उपाधि से नवाज़ा।
- ‘लौह पुरुष’ और अखंड भारत का निर्माण: 1942 के ऐतिहासिक ‘अंग्रेज़ों भारत छोड़ो’ आंदोलन में उन्होंने जनसभा में ओजस्वी भाषण दिया कि यदि सभी नेता बंदी बना लिए जाएँ, तब भी आज़ादी का संघर्ष जारी रखना और आगे बढ़ाया हुआ कदम कभी पीछे मत हटाना। 15 अगस्त 1947 को आज़ादी के बाद देश की 562 देशी रियासतों को भारतीय संघ में सम्मिलित कराने का अत्यंत जटिल कार्य सरदार पटेल को सौंपा गया। उन्होंने अपनी अद्भुत कूटनीति, दृढ़ता और सूझ-बूझ से सभी राजा-महाराजाओं को मनाकर एक अखंड और शक्तिशाली भारत का निर्माण किया। 15 दिसम्बर 1950 को इस महान राष्ट्रनायक का देहावसान हुआ।
2. कठिन शब्दों के अर्थ (Word Meanings)
| कठिन शब्द | अर्थ (Meaning in Hindi) |
|---|---|
| दृढ़ता | मजबूती / पक्का संकल्प |
| अनुमति | स्वीकृति / आज्ञा / इजाज़त |
| आजीवन | जीवन भर / पूरे जीवन पर्यन्त |
| हितैषी | भला चाहने वाला / शुभचिंतक |
| सत्याग्रह | सत्य के लिए किया जाने वाला आग्रह |
| संग्राम | युद्ध / लड़ाई / संघर्ष |
| ओजस्वी | प्रभावशाली / जोश से भरा हुआ |
| विद्रोह | क्रांति / सत्ता के विरुद्ध आवाज़ उठाना |
| रियासतें | राजाओं के छोटे-छोटे राज्य |
3. अभ्यास प्रश्न-उत्तर (Complete Textbook Solutions)
प्रश्न 1. वल्लभ भाई को देश किस नाम से याद करता है? क्यों?
उत्तर: वल्लभ भाई को पूरा देश ‘लौह पुरुष’ के नाम से याद करता है, क्योंकि उनमें बचपन से ही फौलाद के समान अटूट दृढ़ता, अदम्य संकल्प शक्ति और देश के एकीकरण के लिए कठोर व साहसिक निर्णय लेने की अद्भुत क्षमता थी।
प्रश्न 2. वल्लभ भाई ने अपने जीवन के विषय में कब निर्णय लिया था?
उत्तर: वल्लभ भाई ने नदियाड़ (गुजरात) से दसवीं कक्षा की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद ही अपने जीवन के विषय में यह ठोस निर्णय ले लिया था कि वे इंग्लैंड जाकर कानून की उच्च शिक्षा प्राप्त करेंगे।
प्रश्न 3. वल्लभ भाई स्वतंत्रता संग्राम से किस प्रकार जुड़े?
उत्तर: जब महात्मा गाँधी जी ने चंपारण में किसानों पर होने वाले ब्रिटिश अत्याचारों के विरुद्ध सत्याग्रह आंदोलन शुरू किया, तब वल्लभ भाई गाँधी जी के सत्य और अहिंसा के महान सिद्धांतों से अत्यंत प्रभावित हुए और अपनी चलती हुई वकालत तथा ऐशो-आराम छोड़कर देश की आज़ादी के आंदोलन में कूद पड़े।
प्रश्न 4. सरदार पटेल ने अहमदाबाद की सभा में क्या कहा?
उत्तर: 1942 के आंदोलन के दौरान अहमदाबाद की एक विशाल जनसभा में ओजस्वी भाषण देते हुए सरदार पटेल ने देशवासियों से कहा : “अगर कल सब नेता बंदी बना लिए जाएँ तब भी स्वतंत्रता संग्राम जारी रखना। मर जाना पर आगे बढ़ाया हुआ कदम पीछे नहीं हटाना।”
प्रश्न 5. स्वतंत्र भारत में सरदार पटेल का सबसे बड़ा योगदान क्या था?
उत्तर: स्वतंत्र भारत में सरदार पटेल का सबसे ऐतिहासिक और अविस्मरणीय योगदान देश की 562 देशी रियासतों का भारतीय संघ में शांतिपूर्ण विलय कराना था। उन्होंने अपनी विलक्षण सूझ-बूझ और कूटनीति से सभी रियासतों को एक सूत्र में पिरोकर एक अखंड और सुदृढ़ भारत का निर्माण किया।
किसने, किससे कहा?
प्रश्न 6. नीचे दिए गए कथन किसने, किससे कहे?
| कथन (Dialogue) | किसने कहा | किससे कहा |
|---|---|---|
| (क) “यदि तुम शहर चले जाओगे तो खेत के काम-काज में मेरा हाथ कौन बटाएगा?” | पिता ने | बालक वल्लभ से |
| (ख) “मैं पढ़-लिखकर कुछ बनना चाहता हूँ। कोई भी बाधा मुझे आगे बढ़ने से नहीं रोक सकती।” | बालक वल्लभ ने | अपने पिता से |
| (ग) “देखो किसी अज्ञात हितैषी ने मेरा इंग्लैंड जाने का टिकट भेजा है।” | बड़े भाई विट्ठल ने | वल्लभ भाई से |
| (घ) “यह टिकट आप ले लीजिए। आपके ही नाम है।” | वल्लभ भाई ने | अपने बड़े भाई विट्ठल से |
रिक्त स्थान पूर्ति
प्रश्न 7. पाठ के आधार पर ठीक शब्द छाँटकर वाक्य पूरे कीजिए :
- (क) मैं छुट्टियों में आकर खेत का काम-काज देख लिया करूँगा। (खेत / घर)
- (ख) बचपन की यह दृढ़ता उनमें आजीवन बनी रही। (बचपन / किशोरावस्था)
- (ग) कानून की पढ़ाई करना ही वल्लभ के जीवन का उद्देश्य बन गया। (उद्देश्य / ध्येय)
- (घ) चिल्लाता हुआ उनका बड़ा भाई विट्ठल उनके पास आया। (छोटा / बड़ा)
- (ङ) वल्लभ भाई ने अपने बड़े भाई के हाथ से लिफ़ाफ़ा ले लिया। (टिकट / लिफ़ाफ़ा)
- (च) गाँधी जी ने वल्लभ भाई को सरदार की उपाधि दी। (सरदार / वीर)
4. बातचीत के लिए (Discussion Questions)
प्रश्न 1. सब बच्चे मिलकर देश की आज़ादी की पूरी कहानी पर चर्चा कीजिए।
उत्तर: भारत की स्वाधीनता का इतिहास त्याग, तपस्या और अमर बलिदानों से भरा हुआ है। 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम से आज़ादी की लौ प्रज्वलित हुई। इसके उपरांत महात्मा गाँधी के नेतृत्व में अहिंसा, असहयोग और भारत छोड़ो जैसे व्यापक जन-आंदोलन चलाए गए। सरदार पटेल, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, भगत सिंह, चंद्रशेखर आज़ाद और पंडित नेहरू जैसे असंख्य वीरों के अनवरत संघर्ष के फलस्वरूप 15 अगस्त 1947 को हमारा देश स्वतंत्र हुआ।
प्रश्न 2. ‘सादा जीवन, उच्च विचार’ रखने वाले स्वतंत्रता सेनानियों, संतों व विचारकों के बारे में पता करके कक्षा में बातचीत कीजिए।
उत्तर: ‘सादा जीवन, उच्च विचार’ के आदर्श प्रतीक महात्मा गाँधी, सरदार वल्लभभाई पटेल, लाल बहादुर शास्त्री और स्वामी विवेकानंद रहे हैं। ये सभी महापुरुष अत्यंत सादगीपूर्ण जीवन व्यतीत करते थे, परंतु राष्ट्र के प्रति उनकी सोच और संकल्प इतने ऊँचे थे कि उन्होंने पूरे समाज को नई प्रेरणा दी।
5. अनुमान और कल्पना (Guess and Imagine)
प्रश्न 1. यदि वल्लभ भाई अपने पिता के काम-काज में हाथ बटाते तो वे क्या होते?
उत्तर: यदि वल्लभ भाई पिता के कहने पर गाँव में ही रहकर खेती-बाड़ी में लगे रहते, तो वे एक सामान्य किसान बनकर रह जाते। देश को एक असाधारण देशभक्त, कुशल बैरिस्टर और 562 रियासतों को जोड़कर भारत को अखंड बनाने वाला ‘लौह पुरुष’ कभी न मिल पाता।
प्रश्न 2. यदि आप वल्लभ भाई की जगह होते तो क्या करने का फ़ैसला लेते और क्यों?
उत्तर: यदि मैं वल्लभ भाई की जगह होता/होती, तो मैं भी अपने बड़े भाई का सम्मान करते हुए उन्हें पहले विदेश जाने का अवसर देता/देती और स्वयं पुनः कठिन परिश्रम करके अपने लक्ष्य को प्राप्त करता/करती।
6. भाषा की बात (Grammar & Language Exercises)
प्रश्न 1. मुहावरे भाषा को सुंदर बनाते हैं। नीचे दिए मुहावरों का अर्थ लिखकर वाक्य बनाइए :
- (क) मुँह लटकाना
अर्थ: उदास होना / निराश होना।
वाक्य: परीक्षा में कम अंक आने पर रोहन मुँह लटकाकर बैठ गया। - (ख) ईंट से ईंट बजाना
अर्थ: कड़ा मुकाबला करना / पूरी तरह परास्त या नष्ट कर देना।
वाक्य: भारतीय रणबांकुरों ने युद्ध में शत्रुओं की ईंट से ईंट बजा दी।
प्रश्न 2. पाठ में आए कोई चार व्यक्तिवाचक और चार जातिवाचक संज्ञा शब्द लिखिए :
| व्यक्तिवाचक संज्ञा (Proper Noun) | जातिवाचक संज्ञा (Common Noun) |
|---|---|
| 1. वल्लभ | 1. बालक |
| 2. गुजरात | 2. किसान |
| 3. अहमदाबाद | 3. वकील |
| 4. विट्ठल | 4. नेता |
प्रश्न 3. नीचे कुछ वाक्यों के अंश दिए गए हैं। इनमें रेखांकित शब्दों का लिंग पहचानकर लिखिए :
| वाक्य का अंश | लिंग (Gender) |
|---|---|
| (क) कानून की पढ़ाई | स्त्रीलिंग |
| (ख) अपनी सज्जनता | स्त्रीलिंग |
| (ग) स्वतंत्रता संग्राम | पुल्लिंग |
| (घ) ‘सरदार’ की उपाधि | स्त्रीलिंग |
| (ङ) ओजस्वी वाणी | स्त्रीलिंग |
| (च) आँखों से आँसू | पुल्लिंग |
| (छ) अद्भुत कहानी | स्त्रीलिंग |
7. जीवन मूल्य (Values and Life Skills)
प्रश्न 1: हमारे लिए त्याग, दृढ़ता, परिश्रम, संघर्ष, सत्य, अहिंसा-जैसे जीवन मूल्यों को अपनाना ज़रूरी है, क्यों?
उत्तर: इन उच्च जीवन मूल्यों को अपनाना इसलिए आवश्यक है क्योंकि ये मनुष्य के नैतिक चरित्र का निर्माण करते हैं, जीवन के कठिन मोड़ों पर अडिग रहने का आत्मबल देते हैं और हमें एक संवेदनशील, जागरूक व आदर्श नागरिक बनाते हैं।
प्रश्न 2: प्रत्येक भारतीय को सच्चा देशभक्त बनकर राष्ट्र की उन्नति के लिए काम करना चाहिए, क्यों?
उत्तर: प्रत्येक भारतीय को सच्चा देशभक्त बनकर राष्ट्र के उत्थान के लिए कार्य करना चाहिए क्योंकि राष्ट्र की प्रगति, अखंडता और समृद्धि में ही प्रत्येक देशवासी का सुरक्षित भविष्य और कल्याण समाहित है।
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