DAV Board Class 5 Hindi (भाषा माधुरी) | 100% Authentic Textbook Solutions
DAV Class 5 Hindi Chapter 14 बुद्धिमान राजा Solutions
Complete authentic solutions for DAV Class 5 Hindi Bhasha Madhuri (भाषा माधुरी) Chapter 14: बुद्धिमान राजा (Buddhiman Raja – चीनी राजा व कलिंग प्रदेश). This comprehensive study guide features the detailed story summary (पाठ का विस्तृत सार), word meanings (कठिन शब्दों के अर्थ), textbook question answers (अभ्यास प्रश्न-उत्तर), dialogue identification (किसने किससे कहा), discussion questions (बातचीत के लिए), distance imagination (आपकी कल्पना), grammar exercises (भाषा की बात: क्रिया रूप, प्रत्यय), and life values (जीवन मूल्य) solved strictly according to DAV Education Board standards.
| कक्षा (Class) | विषय (Subject) | पाठ्यपुस्तक (Textbook) | पाठ (Chapter) | मुख्य सीख |
|---|---|---|---|---|
| कक्षा 5 (Class 5) | हिंदी (Hindi) | भाषा माधुरी (Bhasha Madhuri) | पाठ 14: बुद्धिमान राजा | “युद्ध सैनिक बल से नहीं, बुद्धि बल से जीते जाते हैं” |
1. पाठ का विस्तृत सार (Detailed Story Summary)
- चीन के राजा की विस्तारवादी योजना: सैकड़ों वर्ष पूर्व चीन में एक निर्दयी और घमंडी राजा शासन करता था जो अपनी निर्दोष प्रजा पर अत्याचार करता था। अपने महामंत्री के उकसावे पर उसने एक विशाल सेना एकत्रित की और सीमावर्ती पड़ोसी राज्यों पर आक्रमण कर दिया। रक्तपात और विनाश से भयभीत होकर पड़ोसी राज्यों ने बिना लड़े ही आत्मसमर्पण कर दिया। एक बंदी राजा से भारत के कलिंग प्रदेश की अपार समृद्धि व वैभव के बारे में जानकर चीनी राजा ने अपनी सेना को भारत की ओर कूच करने का हुक्म दिया। उसकी सेना सिंगापुर के तट तक पहुँच गई और वहाँ युद्ध नौकाओं व अस्त्र-शस्त्रों का निर्माण करते हुए भारत का मार्ग खोजने लगी।
- कलिंग के राजा का संकट व बुद्धिमानों की सभा: जब गुप्तचरों द्वारा कलिंग के राजा को इस विशाल आक्रमण की सूचना मिली, तो राजा अत्यंत चिंतित हो गया। कलिंग के पास प्रशिक्षित सेना थी, परंतु राजा जानता था कि चीन की टिड्डी-दल जैसी विशाल सेना के सामने उसका राज्य युद्ध में तबाह हो जाएगा। स्वाभिमानी कलिंग नरेश ने राज्य के चतुर विचारकों व विद्वानों की एक गुप्त बैठक बुलाई। सभा में एक विद्वान ने परामर्श दिया : “महाराज! युद्ध केवल सैनिक बल से नहीं बल्कि बुद्धि बल से जीते जाते हैं।”
- अद्भुत कूटनीतिक योजना: विद्वानों की सलाह पर कलिंग के राजा ने एक नौका पर विशाल लोहे की छड़ों के स्थान पर हज़ारों सुइयाँ, पके व सूखे फल और 60 वर्ष से अधिक आयु के वृद्ध नागरिकों को सवार कर सिंगापुर की ओर रवाना किया।
- चीनी राजा का भ्रम व ऐतिहासिक वापसी: सिंगापुर तट पर चीनी सैनिकों ने उस नौका को पकड़ लिया और भारतीय वृद्धों को चीनी राजा के समक्ष पेश किया गया। जब चीनी राजा ने क्रोध से कड़ककर भारत पहुँचने का सही मार्ग और दिशा पूछी, तो वृद्ध बंदी दहाड़ मारकर रोने लगे। उन्होंने कहा कि जब वे भारत से चले थे तब वे नौजवान थे, रास्ते में उनके अनेक साथी मर गए, लोहे की मोटी-मोटी छड़ें घिस-गलकर पतली सुइयाँ बन गईं और फल के बीज वृक्ष बनकर उनके फल भी सूख गए। यह सुनकर चीनी राजा बुरी तरह भयभीत हो गया कि भारत पहुँचने में यदि इतना लंबा समय लगता है तो उसके सारे सैनिक रास्ते में ही बूढ़े होकर मर जाएँगे। उसने तुरंत आक्रमण की योजना रद्द कर अपनी सेना को चीन लौटने का आदेश दिया। इस प्रकार बुद्धि बल से कलिंग बिना किसी युद्ध या जन-हानि के पूर्णतः सुरक्षित बच गया।
2. कठिन शब्दों के अर्थ (Word Meanings)
| कठिन शब्द | अर्थ (Meaning in Hindi) |
|---|---|
| कूच | युद्ध या यात्रा के लिए प्रस्थान करना |
| प्रशिक्षित | विधिपूर्वक कार्य सीखा हुआ / ट्रेंड |
| निर्दयी | जिसमें दया न हो / कठोर हृदय वाला |
| स्वाभिमानी | अपने मान-सम्मान व गौरव की रक्षा करने वाला |
| आपत्ति | ऐतराज़ / संकट / रुकावट |
3. अभ्यास प्रश्न-उत्तर (Complete Textbook Solutions)
प्रश्न 1. चीन का राजा भारत जाने की दिशा और रास्ता क्यों जानना चाहता था?
उत्तर: चीन का राजा भारत के समृद्ध और वैभवशाली कलिंग प्रदेश पर आक्रमण करके उसे जीतकर अपने साम्राज्य में मिलाना चाहता था, इसलिए वह भारत जाने की सही दिशा और समुद्री मार्ग जानना चाहता था।
प्रश्न 2. चीन के राजा ने सैनिकों की भर्ती क्यों शुरू कर दी?
उत्तर: चीन के निर्दयी राजा ने अपने महामंत्री की सलाह पर अपने राज्य की सीमाओं का विस्तार करने और पड़ोसी देशों पर विजय प्राप्त करने के लिए विशाल सेना तैयार करने हेतु सैनिकों की नई भर्ती शुरू कर दी थी।
प्रश्न 3. वृद्ध के साथी ज़ोर-ज़ोर से क्यों रोने लगे?
उत्तर: वृद्ध के साथी यह नाटक करने के लिए ज़ोर-ज़ोर से रोने लगे कि भारत यहाँ से इतना दूर है कि वे यात्रा करते-करते बूढ़े हो गए और अब कभी जीवित अपनी मातृभूमि नहीं देख पाएँगे, ताकि चीनी राजा भारत की अत्यधिक दूरी से डरकर आक्रमण का विचार त्याग दे।
प्रश्न 4. कलिंग के राजा ने गुप्त बैठक क्यों बुलाई?
उत्तर: कलिंग के राजा ने चीनी सेना के भयानक आक्रमण से अपने राज्य और प्रजा को बचाने तथा बिना रक्तपात व युद्ध के बुद्धिबल से इस विकट संकट का समाधान खोजने के लिए राज्य के विद्वानों की गुप्त बैठक बुलाई थी।
किसने कहा, किससे कहा?
प्रश्न 5. कहानी के आधार पर बताइए, किसने कहा, किससे कहा :
| कथन (Dialogue) | किसने कहा | किससे कहा |
|---|---|---|
| (क) “युद्ध सैनिक बल से नहीं बुद्धि बल से जीते जाते हैं।” | एक बुद्धिमान व्यक्ति ने | कलिंग के राजा से |
| (ख) “भारत जाने की दिशा और सही रास्ता बताओ।” | चीन के राजा ने | भारतीय वृद्ध बंदियों से |
| (ग) “फल भी रास्ते में सूख गए।” | दूसरे वृद्ध ने | चीन के राजा से |
4. बातचीत के लिए (Discussion Questions)
प्रश्न 1. कलिंग को किस प्रकार बचाया गया? क्या आपके पास भी कोई ऐसी योजना है जिससे कलिंग को बचाया जा सकता था?
उत्तर:
कलिंग को बुद्धि बल और कूटनीति के द्वारा बचाया गया। कलिंग के राजा ने सुइयाँ, सूखे फल और वृद्धों को भेजकर चीनी राजा के मन में भारत की अत्यधिक दूरी और सैनिकों के रास्ते में ही बूढ़े होकर मरने का मनोवैज्ञानिक भय पैदा कर दिया, जिससे वह वापस लौट गया।
वैकल्पिक योजना: हम समुद्री रास्तों पर भ्रामक दिशा-सूचक संकेत लगवाकर अथवा चीनी सेना के बेड़े में भोजन-पानी की आपूर्ति बाधित कर उन्हें पीछे हटने पर विवश कर सकते थे।
प्रश्न 2. वृद्ध ने भारत की दूरी बताने के लिए क्या-क्या कहा? आप अपने घर से स्कूल की दूरी कैसे बताएँगे?
उत्तर:
वृद्ध ने कहा कि जब वे चले थे तब जवान थे और रास्ते में बूढ़े हो गए, मोटी लोहे की छड़ें घिसकर सुइयाँ बन गईं और फल के बीज वृक्ष बनकर उनके फल भी सूख गए।
घर से स्कूल की दूरी: मैं अपने घर से स्कूल की दूरी समय (जैसे – “पैदल 15 मिनट”) या किलोमीटर (जैसे – “लगभग 2 किलोमीटर”) के आधार पर बताऊँगा/बताऊँगी।
5. आपकी कल्पना (Distance Imagination)
प्रश्न 1. सिंगापुर से कलिंग प्रदेश बहुत दूर था। लिखिए, ये चीज़ें सिंगापुर से कलिंग प्रदेश पहुँचते-पहुँचते कैसी हो जाएँगी :
- (क) लोहे की छड़ : गलकर पतली सुई बन जाएगी।
- (ख) चादर : घिस-पिटकर चिथड़ा या धागे बन जाएगी।
- (ग) तरबूज : सूखकर केवल बीज रह जाएगा।
- (घ) तलवार : जंग लगकर पतली पत्ती या सुई बन जाएगी।
6. भाषा की बात (Grammar Exercises)
प्रश्न 1. कोष्ठक में सामने दिए गए शब्दों का सही रूप लिखकर वाक्य पूरा कीजिए :
- (क) पड़ोसी राजाओं ने बिना लड़े ही हार मान ली। (हारना)
- (ख) राज्य के बुद्धिमान व्यक्तियों की एक बैठक बुलाई। (बुलाना)
- (ग) उसने शीघ्र उस पर काम शुरू कर दिया। (करना)
- (घ) राजा को वह सुझाव बहुत पसंद आया। (आना)
- (ङ) फल भी रास्ते में सूख गए। (सूखना)
प्रश्न 2. जो शब्दांश किसी मूल शब्द के पीछे जुड़कर नया शब्द बनाते हैं और उनके अर्थ में परिवर्तन कर देते हैं, उन्हें ‘प्रत्यय’ कहते हैं (जैसे – बुद्धि + मान = बुद्धिमान)। पाठ में से ऐसे चार शब्द ढूँढकर लिखिए :
| क्रम | मूल शब्द | प्रत्यय | नया शब्द |
|---|---|---|---|
| 1 | स्वाभिमान | + ई | स्वाभिमानी |
| 2 | साहस | + ई | साहसी |
| 3 | भारत | + ईय | भारतीय |
| 4 | सहयोग | + ई | सहयोगी |
7. जीवन मूल्य (Values and Life Skills)
“किसी भी विकट परिस्थिति में यदि सोच-समझकर समस्या का हल ढूँढा जाए तो शायद आसानी से मिल जाएगा।”
उत्तर:
1. हाँ, मुझे पूर्ण विश्वास है कि हिंसा, क्रोध या घबराहट के स्थान पर शांत मन और विवेक से विचार करने पर बड़ी से बड़ी समस्या का सुरक्षित और सरल हल निकल आता है।
2. व्यक्तिगत अनुभव: एक बार जब हमारी फुटबॉल एक ऊँचे कंटीले बाड़े के पार झाड़ियों में चली गई, तो सभी बच्चे बाड़ा फाँदने की ज़िद कर रहे थे जिससे चोट लग सकती थी। मैंने शांत रहकर पास पड़े एक लंबे बाँस के सिरे पर रस्सी का फंदा बनाया और गेंद को बिना किसी जोखिम के सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
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