Complete, textbook-grounded solutions for DAV Class 5 Hindi Bhasha Abhyas Chapter 3: पेड़ (Ped). Learn क्रिया की परिभाषा और भेद, सर्वनाम शब्द, एकवचन-बहुवचन, विलोम शब्द, पर्यायवाची शब्द, कारक चिह्न (परसर्ग), कर्ता कारक की पहचान, और ‘पेड़ों का महत्त्व’ पर निबंध strictly according to the DAV CMC curriculum.
अभ्यास कार्य एवं व्याकरण समाधान (पृष्ठ 11 से 15)
1. ‘पेड़’ कविता से पाँच संज्ञा शब्द (पृष्ठ 11)
- (क) पेड़
- (ख) चिड़िया
- (ग) सूरज
- (घ) पत्ते
- (ङ) हवा
2. क्रिया शब्द छाँटकर लिखिए (काम का करना या होना)
- (क) हड़बड़ करते भागेंगे
- (ख) चाय पिएँगे
- (ग) रुमझुम-रुमझुम नाचेंगे
- (घ) खाना खाएँगे
- (ङ) पीठ खुजाएगी
- (च) छाँव में खेलेंगे
3. चित्रों के आधार पर वाक्य और क्रिया पर घेरा (पृष्ठ 12)
- (क) आकाश में रंग-बिरंगी पतंग उड़ रही है। [क्रिया: उड़ रही है]
- (ख) लड़का छाता लेकर बारिश में खड़ा है। [क्रिया: खड़ा है]
- (ग) किसान बैलों की मदद से खेत जोत रहा है। [क्रिया: जोत रहा है]
4. वर्ग पहेली में से सर्वनाम शब्द (पृष्ठ 12)
वर्ग पहेली से छाँटे गए सर्वनाम: मैं, वे, मुझे, तू, तुम, यह, उस, हम।
5. एकवचन अथवा बहुवचन रूप लिखिए (पृष्ठ 12)
- (क) चादर = चादरें
- (ख) आँखें = आँख
- (ग) तारों की = तारे / तारा
- (घ) सपने में = सपनों में
6. विपरीत अर्थ वाले शब्द (विलोम शब्द) (पृष्ठ 13)
- (क) सुंदर = कुरूप
- (ख) नई = पुरानी
- (ग) नम = शुष्क
- (घ) छाँव = धूप
7. पर्यायवाची शब्दों की पहचान (पृष्ठ 13)
| शब्द | समानार्थी (पर्यायवाची) शब्द | जो पर्यायवाची नहीं है |
|---|---|---|
| (क) घर | मकान, गृह, भवन | कानन (जंगल) |
| (ख) पक्षी | खग, चिड़िया, पंछी | सरिता (नदी) |
| (ग) पेड़ | वृक्ष, तरु, पादप | सुमन (फूल) |
| (घ) धरती | ज़मीन, धरा, भूमि | पाताल |
| (ङ) आँख | चक्षु, नेत्र, नयन | अंबु (जल) |
9. कर्ता कारक की पहचान (पृष्ठ 14)
नियम: वाक्य में जिस संज्ञा या सर्वनाम पद से क्रिया (काम) के करने वाले का पता चलता है, उसे ‘कर्ता कारक’ कहते हैं। इसका परसर्ग ‘ने’ होता है (अथवा अप्रत्यक्ष रहता है)।
- (क) बच्चे छाँव में खेलेंगे। ➔ क्रिया: खेलेंगे | कर्ता: बच्चे
- (ख) सभी पेड़ सो जाएँगे। ➔ क्रिया: सो जाएँगे | कर्ता: पेड़
- (ग) सूरज ने बीजों को उठाया। ➔ क्रिया: उठाया | कर्ता: सूरज
10. कर्ता कारक रेखांकित कीजिए (पृष्ठ 14)
- (क) हवा कहेगी झूम-झूम।
- (ख) पंछी घर को लौटेंगे।
- (ग) गइया ने पीठ खुजाई।
- (घ) चंदा चमकेगा।
- (ङ) बच्चे छाँव में खेलेंगे।
11. अनुच्छेद लेखन: हमारे जीवन में पेड़ों का महत्त्व (पृष्ठ 15)
हमारे जीवन में पेड़ों का महत्त्व:
पेड़ प्रकृति के अनमोल वरदान और धरती के सच्चे मित्र हैं। पेड़ हमें जीवनदायिनी ऑक्सीजन प्रदान करते हैं और वातावरण से हानिकारक कार्बन डाइऑक्साइड को सोखकर वायु को शुद्ध बनाते हैं। पेड़ों के बिना धरती पर जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती। वे हमें मीठे फल, हरी सब्ज़ियाँ, जीवनरक्षक औषधियाँ, छाया, फूल, और लकड़ी देते हैं। पेड़ों की जड़ें मिट्टी को मज़बूती से बाँधकर रखती हैं, जिससे भू-कटाव और बाढ़ की रोकथाम होती है। पेड़ वर्षा कराने में अत्यंत सहायक होते हैं और असंख्य पक्षियों व वन्यजीवों का प्राकृतिक आश्रय स्थल हैं। आज मनुष्य अपने स्वार्थ के लिए वनों की कटाई कर रहा है, जिससे पर्यावरण का संतुलन बिगड़ रहा है। यदि हमें भावी पीढ़ी को स्वस्थ और खुशहाल जीवन देना है, तो हमें अधिक से अधिक पेड़ लगाने होंगे और उनकी रक्षा करनी होगी। सच कहा गया है—’वृक्ष लगाओ, जीवन बचाओ।’