Class 6 Maths Chapter 2 in Hindi PDF: रेखाएँ और कोण (गणित प्रकाश)

कक्षा 6 गणित प्रकाश अध्याय 2, रेखाएँ और कोण: यह अध्याय ज्यामिति की मूलभूत अवधारणाओं जैसे बिंदु, रेखाखंड, रेखा, किरण और कोण तथा उनके मापन का परिचय देता है। इसमें रेहान और शीतल द्वारा बिंदु व रेखाएं अंकित करने, विद्या द्वारा पुस्तक खोलने व झूले पर झूलने तथा कैंची, घड़ी की सुइयों व कागज़ के चाँदे के उपयोग जैसी गतिविधियों को शामिल किया गया है।

कक्षा 6 गणित प्रकाश अध्याय 2 (रेखाएँ और कोण): मुख्य बिंदु

2.1 बिंदु बिंदु एक स्थिति निर्धारित करता है जिसकी कोई लंबाई, चौड़ाई या ऊँचाई नहीं होती। इसे कागज़ पर पेंसिल की नुकीली नोक या सुई से अंकित करके Z, P, T जैसे अंग्रेज़ी के बड़े अक्षरों से दर्शाया जाता है।

2.5 कोण प्रारंभिक बिंदु वाली दो किरणों के मिलने से एक कोण बनता है जहाँ उभयनिष्ठ बिंदु को शीर्ष कहा जाता है। विद्या द्वारा पुस्तक के कवर को अलग-अलग स्थितियों में खोलने पर घूर्णन की मात्रा के आधार पर कोण का आकार बदलता है।

2.8 विशेष प्रकार के कोण पूर्ण घूर्णन के चतुर्थांश (90°) से कम कोण को न्यून कोण और चतुर्थांश से अधिक तथा आधे घूर्णन (180°) से कम कोण को अधिक कोण कहते हैं। पुस्तक को मेज पर पूरा खोलने से 180° का सरल कोण प्राप्त होता है।

2.9 कोणों को मापना कोणों के आकार को मापने के लिए कोणमापक या चाँदे का उपयोग किया जाता है जिसे 360 या 180 समान भागों में बाँटा जाता है। घड़ी में 1 बजे सुइयों के बीच 30° का कोण बनता है जबकि 24 तीलियों वाले अशोक चक्र की दो संलग्न तीलियों के बीच 15° का कोण होता है।

अध्याय 2 के अभ्यास

  • विद्यार्थी रेहान और शीतल की मदद करते हुए एक बिंदु से गुजरने वाली रेखाओं तथा दो बिंदुओं से गुजरने वाली रेखा की संख्या ज्ञात करते हैं।
  • विद्यार्थी कागज़ के दो पाइपों और एक क्लिप की सहायता से ‘घूर्णन भुजाएँ’ बनाते हैं तथा गत्ते पर बनी झिरी से गुजरने वाले कोणों की पहचान करते हैं।
  • विद्यार्थी एक वृत्ताकार कागज़ को बार-बार मोड़कर और उस पर 0°, 45°, 90°, 135° तथा 180° अंकित करके अपना स्वयं का चाँदा बनाते हैं।

कक्षा 6 गणित प्रकाश अध्याय 2 के प्रश्न-उत्तर (हल)

प्रश्न 1. रेहान ने एक कागज पर एक बिंदु अंकित किया। वह उस बिंदु से जाने वाली कितनी रेखाएँ बना सकता है?
उत्तर: एक बिंदु से होकर जाने वाली अपरिमित (अनंत) रेखाएँ खींची जा सकती हैं।

प्रश्न 2. शीतल ने एक कागज पर दो बिंदु अंकित किए। वह उन दोनों बिंदुओं से गुजरती हुई कितनी भिन्न रेखाएँ बना सकती है?
उत्तर: दो भिन्न बिंदुओं से होकर केवल एक ही अद्वितीय रेखा खींची जा सकती है।

प्रश्न 3. तीन बिंदु A, B और C जो एक रेखा पर स्थित नहीं हैं, उनसे गुजरने वाली कितनी रेखाएँ और कितने कोण प्राप्त होते हैं?
उत्तर: बिंदुओं के युग्मों से खींची जाने वाली रेखाएँ = 3 (AB, BC, CA)
A, B और C को शीर्ष मानकर बनने वाले कोण = 3 (∠ABC, ∠BCA, ∠CAB)।

प्रश्न 4. चार बिंदु A, B, C और D जिनमें से कोई भी तीन बिंदु एक रेखा पर न हों, उनसे गुजरने वाली कुल कितनी रेखाएँ प्राप्त होती हैं?
उत्तर: चार बिंदुओं से दो-दो के युग्म बनाकर खींची जाने वाली रेखाओं की संख्या = ⁴C₂ = (4 × 3) ÷ 2 = 6 रेखाएँ (AB, AC, AD, BC, BD, CD)।

प्रश्न 5. यदि एक सरल कोण (180°) पूर्ण घुमाव के आधे से बनता है, तो एक समकोण (90°) पूर्ण घुमाव का कितना भाग होगा?
उत्तर: पूर्ण घुमाव = 360°
समकोण = 90°
भाग = 90° ÷ 360° = 1/4 (एक-चौथाई) भाग।

प्रश्न 6. 1 बजे घड़ी की सूइयों के बीच कितने अंश (डिग्री) का कोण होता है और क्यों?
उत्तर: घड़ी का कुल वृत्त = 360°
12 घंटों में विभाजन के कारण 1 घंटे का कोण = 360° ÷ 12 = 30°
अतः 1 बजे सूइयों के बीच का कोण = 1 × 30° = 30°।

प्रश्न 7. 2 बजे, 4 बजे और 6 बजे घड़ी की सूइयों के बीच कितने-कितने अंश का कोण होगा?
उत्तर: 1 घंटे का कोण = 30°
2 बजे कोण = 2 × 30° = 60°
4 बजे कोण = 4 × 30° = 120°
6 बजे कोण = 6 × 30° = 180°।

प्रश्न 8. अशोक चक्र में 24 तीलियाँ होती हैं। दो संलग्न तीलियों के बीच कितने अंश माप का कोण होगा?
उत्तर: वृत्त का कुल कोण = 360°
चक्र में तीलियाँ = 24
दो संलग्न तीलियों के बीच कोण = 360° ÷ 24 = 15°।

प्रश्न 9. अशोक चक्र की दो तीलियों के बीच बनने वाला सबसे बड़ा न्यून कोण कितने डिग्री का होगा?
उत्तर: दो संलग्न तीलियों का कोण = 15°
न्यून कोण < 90° होता है
90° से ठीक छोटा 15° का गुणज = 5 × 15° = 75°
अतः सबसे बड़ा न्यून कोण = 75°।

प्रश्न 10. एक न्यून कोण को 2, 3 और 4 से गुणा करने पर न्यून कोण ही रहता है, पर 5 से गुणा करने पर अधिक कोण बनता है। इस कोण के संभावित पूर्णांक माप क्या होंगे?
उत्तर: मान लीजिए कोण x° है
4x < 90° से x < 22.5° तथा 5x > 90° से x > 18°
अतः x के संभावित पूर्णांक माप = 19°, 20°, 21° और 22°।

प्रश्न 11. यदि ∠TER = 80° है और ∠REB एक सरल कोण (180°) है, तो ∠BET और ∠SET (जहाँ ∠RES = 90°) का माप क्या होगा?
उत्तर: ∠BET = 180° – ∠TER = 180° – 80° = 100°
∠SET = ∠RES – ∠TER = 90° – 80° = 10°।

प्रश्न 12. 360° वाले वृत्ताकार कागज को 1/2 घुमाव (आधे) में तथा पुनः 1/4 घुमाव में मोड़ने पर प्राप्त कोणों के माप क्या होंगे?
उत्तर: 1/2 घुमाव का कोण = 360° × (1/2) = 180° (सरल कोण)
1/4 घुमाव का कोण = 360° × (1/4) = 90° (समकोण)।

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अन्य अध्याय

FAQ

न्यून कोण और अधिक कोण में क्या अंतर है?
न्यून कोण पूर्ण घूर्णन के चतुर्थांश (90°) से कम माप वाला कोण होता है, जबकि अधिक कोण समकोण (90°) से बड़ा और सरल कोण (180°) से छोटा होता है। नाम के अनुसार ‘न्यून’ का अर्थ नुकीला और ‘अधिक’ का अर्थ कुंद होता है।

चाँदे (कोणमापक) में संख्याओं के दो सेट क्यों होते हैं?
कोणमापक पर संख्याओं के दो सेट (दाएँ से बाएँ और बाएँ से दाएँ) इसलिए होते हैं ताकि कोण की किसी भी दिशा वाली भुजा से शून्य (0°) को संरेखित करके मापन किया जा सके। इससे दाएँ या बाएँ दोनों ओर खुलने वाले कोणों की माप सीधे ज्ञात की जा सकती है।

कोण का आकार भुजाओं की लंबाई बढ़ाने से क्यों नहीं बदलता?
कोण का आकार या माप केवल उसकी भुजाओं के बीच घूर्णन या घुमाव की मात्रा पर निर्भर करता है, भुजाओं की लंबाई पर नहीं। इसलिए भुजाओं को काटने या बड़ा करने पर भी शीर्ष पर बना कोण समान रहता है।

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