DAV Board Class 4 Hindi (भाषा माधुरी) | 100% Authentic Textbook Solutions
DAV Class 4 Hindi Chapter 18 Solutions खत पहुँचे सक्को को (Bhasha Madhuri)
Textbook-verified study notes and solutions for DAV Class 4 Hindi Bhasha Madhuri Chapter 18: खत पहुँचे सक्को को (Khat Pahunche Sakko Ko) written by चन्दन यादव. This is a delightful informal letter (केवल पढ़ने के लिए) capturing school memories and childhood friendship.
| कक्षा (Class) | विषय (Subject) | पाठ्यपुस्तक (Textbook) | पाठ (Chapter) | विधा व लेखक (Genre & Author) |
|---|---|---|---|---|
| कक्षा 4 (Class 4) | हिंदी (Hindi) | भाषा माधुरी (Bhasha Madhuri) | पाठ 18: खत पहुँचे सक्को को | आत्मीय बाल पत्र (चन्दन यादव) |
1. पत्र का सार (Summary)
‘खत पहुँचे सक्को को’ लेखक चन्दन यादव द्वारा लिखा गया एक अत्यंत स्वाभाविक और बालसुलभ पत्र है। इसमें गिन्नी नाम की छोटी लड़की अपनी पुरानी सहेली सक्को को पत्र लिखकर अपने नए स्कूल, आसपास के माहौल और नई सहेली काजल के बारे में बताती है। गिन्नी बताती है कि उसके स्कूल के सामने पीपल के पेड़ के नीचे एक डोकरी उबली हुई बेर बेचती है। वह रोज़ दो रुपये लेकर वहाँ बेर खाने जाती है जहाँ चींटों से बचकर रहना पड़ता है। वह अपनी नई सहेली काजल की मासूमियत, अपनी हिंदी वाली मैडम के तकियाकलाम “ठीक है ना” और बचपन की भोली-भाली बातों का ज़िक्र करती है। अंत में वह सक्को से पूछती है कि वह पोस्टकार्ड में पते के बाजू वाली जगह खाली क्यों छोड़ देती है?
2. मुख्य प्रश्न एवं उत्तर (Comprehension Questions)
प्रश्न 1. गिन्नी ने यह पत्र किसे लिखा है?
उत्तर: गिन्नी ने यह पत्र अपनी पुरानी प्रिय सहेली सक्को को लिखा है।
प्रश्न 2. स्कूल के सामने पीपल के नीचे कौन बैठती थी और वह क्या बेचती थी?
उत्तर: स्कूल के सामने पीपल के पेड़ के नीचे एक डोकरी बैठती थी और वह उबली हुई बेर बेचती थी।
प्रश्न 3. गिन्नी की नई दोस्त का क्या नाम था?
उत्तर: गिन्नी की नई दोस्त का नाम काजल था।
प्रश्न 4. हिंदी वाली मैडम हर बात के बाद क्या बोलती थीं?
उत्तर: हिंदी वाली मैडम हर बात के बाद “ठीक है ना” बोलती थीं।
3. पत्र-लेखन व जीवन मूल्य (Values)
• पत्र-लेखन अपने मन के भावों और भावनाओं को दूर बैठे मित्रों व परिजनों तक पहुँचाने का अत्यंत सुंदर और आत्मीय साधन है।
• बचपन की मित्रता निष्कपट, स्वार्थरहित और जीवन भर याद रहने वाली अनमोल धरोहर होती है।