DAV Board Class 4 Hindi (भाषा माधुरी) | 100% Authentic Textbook Solutions
DAV Class 4 Hindi Chapter 12 Solutions आँख-मिचौनी (Bhasha Madhuri)
Authentic textbook solutions and study notes for DAV Class 4 Hindi Bhasha Madhuri Chapter 12: आँख-मिचौनी (Aankh-Michauni) written by celebrated Indian writer मुल्कराज आनंद (Mulk Raj Anand). This is an engaging reading section (केवल पढ़ने के लिए) highlighting traditional childhood games.
| कक्षा (Class) | विषय (Subject) | पाठ्यपुस्तक (Textbook) | पाठ (Chapter) | विधा व लेखक (Genre & Author) |
|---|---|---|---|---|
| कक्षा 4 (Class 4) | हिंदी (Hindi) | भाषा माधुरी (Bhasha Madhuri) | पाठ 12: आँख-मिचौनी | बाल संस्मरण (मुल्कराज आनंद) |
1. संस्मरण का सार (Summary of Aankh-Michauni)
‘आँख-मिचौनी’ महान लेखक मुल्कराज आनंद द्वारा रचित उनके बचपन का एक अत्यंत सजीव और आत्मीय संस्मरण है। लेखक बताते हैं कि बचपन में वे अपने मोहल्ले के साथियों के साथ कई खेल खेला करते थे जैसे गिल्ली-डंडा, पतंगबाज़ी, कंचे, लट्टू आदि। परंतु उनका सबसे प्रिय खेल था – ‘आँख-मिचौनी’। जब वे तीन वर्ष के थे, तब उनकी चचेरी बहन ने उन्हें यह खेल सिखाया था। लेखक बताते हैं कि बड़े लड़के अक्सर खेल में चालाकी करते थे और छोटे बच्चों को आँख मींचने वाला (डेनर/चोर) बनाकर खुद भाग जाते थे। फिर भी लेखक को यह खेल बहुत प्रिय था क्योंकि इसमें कृष्ण-कन्हैया और ग्वाल-बालों के खेलों का आनंद छिपा था।
2. कठिन शब्दार्थ (Word Meanings)
| कठिन शब्द | सरल अर्थ | अंग्रेज़ी अर्थ |
|---|---|---|
| ठट्ठा | मज़ाक करना, हँसी-ठिठोली | Joking / Jest |
| जज | निर्णय करने वाला, निष्पक्ष मध्यस्थ | Judge / Referee |
| काबिल | योग्य, समर्थ | Capable / Able |
| उत्साह | उमंग, जोश | Enthusiasm / Zeal |
| चचेरी बहन | चाचा की बेटी | Cousin sister |
3. मुख्य प्रश्न एवं उत्तर (Comprehension Questions)
प्रश्न 1. लेखक को बचपन में कौन-कौन से खेल खेलना पसंद था?
उत्तर: लेखक को गिल्ली-डंडा, पतंगबाज़ी, कंचे, लट्टू चलाना पसंद था, परंतु सबसे अधिक प्रिय खेल ‘आँख-मिचौनी’ था।
प्रश्न 2. लेखक को आँख-मिचौनी खेल किसने सिखाया था?
उत्तर: जब लेखक तीन वर्ष के थे, तब उनसे बड़ी उनकी चचेरी बहन ने उन्हें यह खेल सिखाया था।
प्रश्न 3. आँख-मिचौनी खेल में क्या नियम होता था?
उत्तर: खेल में एक जज होता था जो आँख-मिचौना (ढूंढने वाले) की आँखों को हथेली से बंद रखता था ताकि जब तक बाकी बच्चे छिप न जाएँ, उसे कुछ दिखाई न दे।
4. जीवन मूल्य एवं सीख (Values)
• पारंपरिक मैदानी खेल बच्चों के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास के लिए अत्यंत लाभकारी होते हैं।
• खेलों से मिल-जुलकर रहने, निष्पक्षता और खेल भावना (Sportsmanship) का विकास होता है।