DAV Board Class 4 Hindi (भाषा माधुरी) | 100% Authentic Textbook Solutions
DAV Class 4 Hindi Chapter 5 Solutions सेर को सवा सेर (Bhasha Madhuri)
Authentic solutions and study notes for DAV Class 4 Hindi Bhasha Madhuri Chapter 5: सेर को सवा सेर (Ser Ko Sawa Ser). This is an entertaining and witty pictorial story (केवल पढ़ने के लिए) featuring मुल्ला नसरुद्दीन and a greedy merchant.
| कक्षा (Class) | विषय (Subject) | पाठ्यपुस्तक (Textbook) | पाठ (Chapter) | प्रकार (Type) |
|---|---|---|---|---|
| कक्षा 4 (Class 4) | हिंदी (Hindi) | भाषा माधुरी (Bhasha Madhuri) | पाठ 5: सेर को सवा सेर | हास्य-व्यंग्य चित्रकथा (केवल पढ़ने के लिए) |
1. कहानी का सार (Story Summary)
‘सेर को सवा सेर’ मुल्ला नसरुद्दीन की बुद्धिमत्ता और हाज़िरजवाबी पर आधारित एक प्रसिद्ध लोककथा है। एक कंजूस और चालाक सेठ मुल्ला नसरुद्दीन से अपना भारी संदूक उठवाकर बाज़ार ले जाता है और मजदूरी के बदले उसे तीन ऐसी बातें (नसीहतें) सिखाने का वादा करता है जो जीवन में काम आएँगी। मुल्ला समझ जाता है कि सेठ बेईमान है। जब वे गंतव्य पर पहुँचते हैं, तो सेठ तीन खोखली बातें बताता है। जवाब में मुल्ला नसरुद्दीन भी भारी संदूक को नीचे पटक देता है जिससे संदूक में रखे कीमती शीशे के बर्तन चकनाचूर हो जाते हैं। जब सेठ चिल्लाता है तो मुल्ला कहता है, “यदि कोई कहे कि इस संदूक में कुछ नहीं टूटा तो उसकी बात पर कभी विश्वास मत करना!” इस प्रकार मुल्ला कंजूस सेठ को ‘सेर को सवा सेर’ बनकर करारा सबक सिखाता है।
2. कठिन शब्दार्थ (Word Meanings)
| कठिन शब्द | सरल अर्थ | अंग्रेज़ी अर्थ |
|---|---|---|
| हरकारा | संदेश ले जाने वाला, डाकिया | Messenger / Postman |
| कुनबा | परिवार, खानदान | Family / Kin |
| मेहनताना | मजदूरी, पारिश्रमिक | Wages / Remuneration |
| हाज़िरजवाब | तुरंत सटीक उत्तर देने वाला | Quick-witted |
3. मुख्य प्रश्न एवं उत्तर (Comprehension & In-depth Questions)
प्रश्न 1. ‘सेर को सवा सेर’ कहावत का क्या अर्थ है?
उत्तर: ‘सेर को सवा सेर’ कहावत का अर्थ है – चालाक या दुष्ट व्यक्ति को उससे भी अधिक चालाक या समर्थ व्यक्ति का मिलना जो उसे सबक सिखा सके।
प्रश्न 2. कंजूस सेठ ने मुल्ला नसरुद्दीन को मजदूरी में क्या देने का वादा किया था?
उत्तर: कंजूस सेठ ने पैसे देने के बजाय जीवन की तीन अनमोल बातें (नसीहतें) सिखाने का छल भरा वादा किया था।
प्रश्न 3. मुल्ला नसरुद्दीन ने सेठ को कैसे सबक सिखाया?
उत्तर: मुल्ला ने सेठ के कीमती बर्तनों से भरे संदूक को ज़मीन पर गिराकर तोड़ दिया और अपनी तीसरी नसीहत देकर सेठ की चालाकी का उसी की भाषा में जवाब दिया।
4. जीवन मूल्य एवं सीख (Moral & Values)
• किसी भी गरीब, मजदूर या कमजोर व्यक्ति के हक और मेहनत को कभी नहीं मारना चाहिए।
• छल और कपट का परिणाम अंततः नुकसानदेह ही होता है।