DAV Board Class 4 Hindi (भाषा माधुरी) | 100% Authentic Textbook Solutions
DAV Class 4 Hindi Chapter 9 Solutions नानी की नाव चली (Bhasha Madhuri)
100% authentic textbook solutions for DAV Class 4 Hindi Bhasha Madhuri Chapter 9: नानी की नाव चली (Nani Ki Naav Chali) composed by हरिन्द्र नाथ चट्टोपाध्याय. Complete poem explanation, textbook questions (कविता में से), rhyming words (तुकांत शब्द), and values (जीवन मूल्य).
| कक्षा (Class) | विषय (Subject) | पाठ्यपुस्तक (Textbook) | पाठ (Chapter) | विधा व कवि (Genre & Poet) |
|---|---|---|---|---|
| कक्षा 4 (Class 4) | हिंदी (Hindi) | भाषा माधुरी (Bhasha Madhuri) | पाठ 9: नानी की नाव चली | हास्य व कल्पनाशील बाल कविता (हरिन्द्र नाथ चट्टोपाध्याय) |
1. कविता का भावार्थ (Poem Summary)
‘नानी की नाव चली’ एक अत्यंत मनोरंजक, हास्यपूर्ण और कल्पनाशील बाल कविता है। इसमें नानी एक बड़ी नाव लेकर सैर पर निकलती हैं। उनकी नाव में सामान्य लोग नहीं, बल्कि जंगल के तमाम जंगली जानवर – भालू, चीता, शेर, हाथी, ऊँट, मेंढक और बंदर सवार होते हैं। जब नाव पानी में हिचकोले खाने लगती है तो सभी जानवर डर के मारे उछल-कूद करने लगते हैं। नानी अपनी डाँट और छड़ी के बल पर सभी खूँखार जानवरों को शांत करती हैं और नाव को कुशलता से किनारे लगाती हैं।
2. पाठ्यपुस्तक अभ्यास: कविता में से (Textbook Questions & Answers)
प्रश्न 1. नानी की नाव में कौन-कौन से जानवर सवार थे?
उत्तर: नानी की नाव में भालू, चीता, शेर, हाथी, ऊँट, बंदर और मेंढक सवार थे।
प्रश्न 2. नाव में अचानक खलबली क्यों मच गई?
उत्तर: जब नाव नदी की तेज़ लहरों में हिचकोले खाने लगी तो सभी जानवर डूबने के डर से घबरा गए और एक-दूसरे के ऊपर गिरने लगे।
प्रश्न 3. नानी ने जानवरों को कैसे शांत किया?
उत्तर: नानी ने ज़ोर से डाँट लगाई, अपनी छड़ी दिखाई और सबको अपनी-अपनी जगह पर शांति से बैठने का आदेश देकर सँभाला।
3. भाषा की बात (Hindi Grammar & Rhyming Words)
1. समान तुक वाले शब्द (तुकांत शब्द) लिखिए:
• चली: भली, पली
• आई: लाई, छाई
• सवारी: भारी, प्यारी
• छड़ी: खड़ी, लड़ी
4. जीवन मूल्य (Values)
प्रश्न: संकट के समय घबराने के बजाय धैर्य और अनुशासन क्यों ज़रूरी है?
उत्तर: संकट या खतरे के समय घबराने और भगदड़ मचाने से नुकसान बढ़ जाता है। यदि नानी की तरह धैर्य, आत्म-विश्वास और अनुशासन बनाए रखा जाए तो बड़े से बड़ा संकट भी आसानी से टल जाता है।