DAV Board Class 4 Hindi (भाषा माधुरी) | 100% Authentic Textbook Solutions
DAV Class 4 Hindi Chapter 16 Solutions ऐसे भी बच्चे (Bhasha Madhuri)
100% authentic, comprehensive textbook solutions for DAV Class 4 Hindi Bhasha Madhuri Chapter 16: ऐसे भी बच्चे (Aise Bhi Bachhe). Contains reading comprehension (पाठ के आधार पर), discussion on child labor (बाल मज़दूरी), grammar (भाषा की बात – शब्द युग्म, विराम चिह्न), and values (जीवन मूल्य).
| कक्षा (Class) | विषय (Subject) | पाठ्यपुस्तक (Textbook) | पाठ (Chapter) | विधा (Genre) |
|---|---|---|---|---|
| कक्षा 4 (Class 4) | हिंदी (Hindi) | भाषा माधुरी (Bhasha Madhuri) | पाठ 16: ऐसे भी बच्चे | संवेदनशील सामाजिक एकांकी नाटक |
1. एकांकी का सार (Summary of Aise Bhi Bachhe)
‘ऐसे भी बच्चे’ एक संवेदनशील सामाजिक नाटक है जो बाल श्रम (Child Labor) और अभावग्रस्त बच्चों की शिक्षा के अधिकार को रेखांकित करता है। एक तरफ सुबह गर्म स्वेटर पहने, बस्ता लटकाए स्कूल जाते संपन्न परिवारों के बच्चे हैं, तो दूसरी तरफ कड़ाके की ठंड में नंगे पाँव कचरा बीनते हीरा, मोती और पन्ना जैसे अभागे बच्चे हैं। हीरा स्कूल जाते बच्चों को देखकर खुद भी पढ़ने का सपना देखता है। स्कूल के कुछ सहृदय बच्चे – निशांत, तुषार और अर्चना उन बच्चों से बात करते हैं। अर्चना का बड़ा भाई मनोज जो कॉलेज में पढ़ता है, शाम को इन बच्चों को अपने घर के आँगन में पढ़ाना शुरू करता है। जब हीरा हिसाब-किताब सीख जाता है तो दुकानदार उसे ठग नहीं पाता। यह देखकर हीरा के पिता को शिक्षा का महत्व समझ में आता है और वे बस्ती के अन्य बच्चों को भी पढ़ने भेजने का संकल्प लेते हैं।
2. पाठ्यपुस्तक अभ्यास: पाठ में से (Textbook Questions & Answers)
1. पाठ के आधार पर उत्तर दीजिए:
(क) ‘लोग तो रात में सपने देखते हैं, तू तो दिन में ही सपने देखने लगा।’
• (i) मोती ने हीरा से ऐसा क्यों कहा?
उत्तर: क्योंकि हीरा कचरा बीनते हुए स्कूल जाते बच्चों को देखकर अपने कंधे पर बस्ता टाँगने और स्कूल जाने की कल्पना कर रहा था।
• (ii) आप कौन-कौन से सपने देखते हैं?
उत्तर: हम बड़े होकर खूब पढ़कर देश की सेवा करने, डॉक्टर/इंजीनियर/अध्यापक बनने और जरूरतमंदों की मदद करने के सपने देखते हैं।
(ख) ‘गप्पे मारना बंद करो और धंधे पर चलो।’
• (i) पन्ना किस धंधे की बात कर रही थी?
उत्तर: पन्ना सड़कों से फटे-पुराने कागज़ और प्लास्टिक की थैलियाँ बीनने के काम की बात कर रही थी।
• (ii) पन्ना को कौन-सी चिंता सता रही थी?
उत्तर: पन्ना को चिंता थी कि यदि वे बातें करते रहे तो देर हो जाएगी और कचरा नहीं बीन पाएंगे, जिससे उन्हें खाने के लिए पैसे नहीं मिलेंगे।
(ग) ‘हो सकता है ये बच्चे हमसे अधिक योग्य और बुद्धिमान हों।’
• (i) ‘ये बच्चे’ किसके लिए प्रयोग हुआ है?
उत्तर: ‘ये बच्चे’ कचरा बीनने वाले गरीब बच्चों (हीरा, मोती, पन्ना आदि) के लिए प्रयोग हुआ है।
• (ii) अर्चना ने बच्चों के बारे में ऐसा क्यों कहा?
उत्तर: अर्चना ने ऐसा इसलिए कहा क्योंकि वह जानती थी कि ये बच्चे किसी योग्यता में कम नहीं हैं, बल्कि केवल गरीबी और अवसरों के अभाव के कारण स्कूल नहीं जा पा रहे हैं।
2. कोष्ठक से सही शब्द चुनकर रिक्त स्थान की पूर्ति कीजिए:
• (क) स्कूल जाते बच्चों को ये सदा टकटकी लगाकर देखते थे।
• (ख) दोपहर बाद राजू के ढाबे के बाहर मिलेंगे।
3. भाषा की बात (Hindi Grammar & Vocabulary)
1. दिए गए उदाहरणों की तरह खाली स्थान में सही शब्द लिखिए:
उदाहरण: फटे-पुराने, पढ़ना-लिखना
• (क) इधर – उधर
• (ख) सुबह – शाम
• (ग) लेना – देना
• (घ) रात – दिन
2. पाठ में से पूर्ण विराम (।) तथा प्रश्नसूचक (?) वाले दो-दो वाक्य छाँटकर लिखिए:
• पूर्ण विराम (।) वाले वाक्य:
1. उनके चेहरों पर उत्साह और प्रसन्नता थी।
2. दो चोर खाँसते-खाँसते आँगन में गिर पड़े।
• प्रश्नसूचक (?) वाले वाक्य:
1. क्या मेरे कंधे पर भी कभी बस्ता होगा?
2. क्या तुम स्कूल जाओगे?
4. जीवन मूल्य (Values)
प्रश्न 1. ऐसे अनेक बच्चे हैं जो कूड़ा बीनते हैं। ऐसे बच्चों की मदद हम किस प्रकार कर सकते हैं?
उत्तर: हम अपनी पुरानी पुस्तकें, कॉपियाँ, कपड़े और खिलौने इन बच्चों को देकर, उन्हें खाली समय में पढ़ना-लिखना सिखाकर और उनके माता-पिता को सरकारी व निःशुल्क स्कूलों में दाखिला दिलाने के लिए प्रेरित करके उनकी मदद कर सकते हैं।
प्रश्न 2. यदि आप किसी बहुत छोटे बच्चे को ढाबे पर काम करते देखेंगे तो क्या करेंगे?
उत्तर: बाल श्रम कानूनन अपराध है। हम ढाबा मालिक को समझाएंगे और चाइल्ड हेल्पलाइन (1098) या स्थानीय प्रशासन को सूचित करेंगे ताकि उस बच्चे को श्रम से मुक्त कराकर शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।