DAV Board Class 4 Hindi (भाषा माधुरी) | 100% Authentic Textbook Solutions
DAV Class 4 Hindi Chapter 10 Solutions एक बौना और लकड़हारा (Bhasha Madhuri)
Comprehensive and authentic textbook solutions for DAV Class 4 Hindi Bhasha Madhuri Chapter 10: एक बौना और लकड़हारा (Ek Bauna Aur Lakadhara) written by former President of India डॉ. ज़ाकिर हुसैन. Complete questions & answers (कहानी में से), who said to whom (किसने किससे कहा), discussion, grammar (चंद्रबिंदु, वचन, विलोम), and values (जीवन मूल्य).
| कक्षा (Class) | विषय (Subject) | पाठ्यपुस्तक (Textbook) | पाठ (Chapter) | विधा व लेखक (Genre & Author) |
|---|---|---|---|---|
| कक्षा 4 (Class 4) | हिंदी (Hindi) | भाषा माधुरी (Bhasha Madhuri) | पाठ 10: एक बौना और लकड़हारा | वैज्ञानिक बाल कहानी (डॉ. ज़ाकिर हुसैन) |
1. कहानी का सार (Summary)
‘एक बौना और लकड़हारा’ भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ज़ाकिर हुसैन द्वारा रचित एक अत्यंत प्रसिद्ध और ज्ञानवर्धक कहानी है। एक गरीब लकड़हारा कड़ाके की ठंड में जंगल में सूखी लकड़ियाँ काट रहा था। ठंड के मारे उसकी उँगलियाँ सुन्न हो रही थीं, इसलिए वह बार-बार हाथों को मुँह के पास लाकर फूँक मारता था। एक छोटा बौना पेड़ के पीछे से उसे देख रहा था। जब लकड़हारे ने भूख लगने पर आलू भूने और गर्म आलू को मुँह से फूँक मारकर खाने लगा, तो बौना भौंचक्का रह गया। बौने ने पूछा कि तुम उसी फूँक से ठंड में हाथ गर्म करते हो और उसी फूँक से गर्म आलू को ठंडा करते हो! यह कोई भूत या जादूगर है। बौना डरकर भाग गया। यह कहानी मुँह की फूँक के ताप और वैज्ञानिक सिद्धांत को बालसुलभ ढंग से समझाती है।
2. पाठ्यपुस्तक अभ्यास: कहानी में से (Textbook Questions & Answers)
प्रश्न 1. लकड़हारा जंगल में क्या कर रहा था?
उत्तर: लकड़हारा जंगल में लकड़ी काट रहा था और कड़ाके की ठंड से काँप रहा था।
प्रश्न 2. लकड़हारा बार-बार अपने हाथों में फूँक क्यों मारता था?
उत्तर: ठंड के कारण उसकी उँगलियाँ सुन्न हो जाती थीं, इसलिए उन्हें मुँह की गरम साँस से गर्म करने के लिए वह बार-बार हाथों पर फूँक मारता था।
प्रश्न 3. बौना लकड़हारे को देखकर हैरान क्यों हुआ?
उत्तर: बौना यह देखकर हैरान रह गया कि लकड़हारा उसी मुँह की फूँक से ठंड में हाथ गर्म कर रहा था और उसी फूँक से गर्म आलू को ठंडा कर रहा था!
प्रश्न 4. किसने किससे कहा?
• “तुम मुँह से क्या कर रहे हो?” ➔ बौने ने लकड़हारे से कहा।
• “हाथों को गर्म कर रहा हूँ।” ➔ लकड़हारे ने बौने से कहा।
• “अब फिर फूँक क्यों मार रहे हो?” ➔ बौने ने लकड़हारे से कहा।
• “आलू को ठंडा कर रहा हूँ।” ➔ लकड़हारे ने बौने से कहा।
3. भाषा की बात (Hindi Grammar & Vocabulary)
1. चंद्रबिंदु (ँ) वाले शब्द छाँटकर लिखिए:
• फूँक, मुँह, काँपना, झाँकना, उँगलियाँ
2. विलोम शब्द लिखिए:
• ठंडा × गरम
• सूखा × गीला
• पास × दूर
• छोटा × बड़ा
4. जीवन मूल्य (Values)
प्रश्न: इस कहानी से हमें क्या वैज्ञानिक सीख मिलती है?
उत्तर: हमारे मुँह से निकलने वाली साँस का तापमान हमारे शरीर के तापमान (लगभग 37°C) के बराबर होता है। जब बाहर का वातावरण बहुत ठंडा होता है, तो हमारी फूँक हाथों को गर्म करती है। लेकिन जब कोई चीज़ (जैसे गर्म आलू) बहुत अधिक गर्म होती है, तो हमारी फूँक उस वस्तु से ठंडी होने के कारण उसे ठंडा कर देती है। यह वैज्ञानिक दृष्टि हमें अंधविश्वास से दूर रखती है।