Class 4 EVS Chapter 10 in Hindi PDF: हमारा आकाश (हमारा अद्भुत संसार)

कक्षा 4 हमारा अद्भुत संसार अध्याय 10, हमारा आकाश: यह अध्याय दिन और रात के समय आकाश में सूर्य, चंद्रमा, तारों तथा छाया में होने वाले परिवर्तनों को समझने पर केंद्रित है। इसमें विद्यार्थी टॉर्च और छड़ी से छाया का प्रयोग करते हैं, जंतर-मंतर की सूर्यघड़ी (सम्राट यंत्र) और छाया-कठपुतली का आनंद लेते हैं तथा भारत के चंद्रयान मिशन के बारे में सीखते हैं।

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कक्षा 4 हमारा अद्भुत संसार अध्याय 10 (हमारा आकाश): मुख्य बिंदु

दिन का आकाश और सूर्य दिन में आकाश में सूर्य सबसे स्पष्ट और चमकीला दिखाई देने वाला तारा है जो हमें प्रकाश और ऊष्मा देता है। सुबह पूर्व से उगता हुआ सूर्य दोपहर को सिर के ऊपर आता है और फिर पश्चिम में ढलते हुए अदृश्य हो जाता है।

छाया और सूर्यघड़ी जब कोई वस्तु प्रकाश के स्रोत के पास होती है तो उसकी छाया बड़ी बनती है, तथा सुबह-शाम लंबी और दोपहर को छोटी छाया बनती है। राजा जयसिंह ने जयपुर, उज्जैन, दिल्ली, वाराणसी व मथुरा के जंतर-मंतर में ‘सम्राट यंत्र’ नामक सूर्यघड़ी बनवाई जो छाया से सटीक समय बताती है।

रात्रि का आकाश, चंद्रमा और पर्व सूर्यास्त के बाद आकाश में सप्तऋषि जैसे तारों के पैटर्न दिखाई देते हैं तथा चंद्रमा 15 रातों के चक्र में पूर्णिमा से अमावस्या तक अपना आकार बदलता है। चंद्रमा की इन आकृतियों के आधार पर रक्षाबंधन, गुरु पूर्णिमा, बुद्ध पूर्णिमा, दीपावली और ईद जैसे विभिन्न त्यौहार मनाए जाते हैं।

भारत का चंद्रयान मिशन विद्यार्थी भारत के ऐतिहासिक अंतरिक्ष अभियानों के बारे में जानकारी प्राप्त करते हैं। 23 अगस्त 2023 को भारत का विक्रम लैंडर चंद्रमा की सतह पर सफलतापूर्वक उतरा और उसने चंद्रमा के धरातल के महत्वपूर्ण आँकड़े एकत्र किए।

अध्याय 10 के अभ्यास

  • छात्र सुबह, दोपहर और रात के आकाश का अवलोकन करके चित्र बनाते हैं और तालिका में सूर्य व तारों की स्थिति दर्ज करते हैं।
  • छात्र कमरे में टॉर्च और छड़ी की सहायता से प्रकाश की दिशा व दूरी बदलकर छाया के आकार और दिशा में परिवर्तन का परीक्षण करते हैं।
  • छात्र हाथों की विभिन्न आकृतियों और कागज़ के कट-आउट्स का उपयोग करके छाया-कठपुतली बनाने का अभ्यास करते हैं।

कक्षा 4 हमारा अद्भुत संसार अध्याय 10 के प्रश्न-उत्तर (हल)

प्रश्न 1. यदि हम छड़ी (वस्तु) और प्रकाश के स्रोत के बीच की दूरी को परिवर्तित करें तो छाया कैसे परिवर्तित होती है?
उत्तर: यदि वस्तु प्रकाश के स्रोत के समीप होती है तो उसकी छाया बड़ी बनती है, और दूर होने पर छाया छोटी हो जाती है।

प्रश्न 2. यदि हम टॉर्च (प्रकाश के स्रोत) की दिशा को बदलते हैं तो छाया कैसे परिवर्तित हो जाती है?
उत्तर: प्रकाश के स्रोत (टॉर्च) की दिशा बदलने पर छाया की दिशा भी बदल जाती है।

प्रश्न 3. प्राचीन समय में लोगों ने छाया के आधार पर समय बताने के लिए किस उपकरण का निर्माण किया?
उत्तर: प्राचीन समय में छाया के आधार पर समय बताने के लिए 'सूर्यघड़ी' का निर्माण किया गया।

प्रश्न 4. राजा जयसिंह ने जंतर-मंतर कहाँ बनवाया और इसमें स्थित सूर्यघड़ी को क्या कहा जाता है?
उत्तर: राजा जयसिंह ने जयपुर, उज्जैन, दिल्ली, वाराणसी तथा मथुरा में जंतर-मंतर बनवाया
इसमें स्थित सूर्यघड़ी को 'सम्राट यंत्र' कहा जाता है।

प्रश्न 5. पूर्णिमा और अमावस्या किसे कहते हैं?
उत्तर: पंद्रह रातों के चक्र में जब चंद्रमा पूरा गोल (पूर्ण वृत्त) दिखाई देता है तो उसे पूर्णिमा कहते हैं
और जब आकाश में चंद्रमा बिल्कुल दिखाई नहीं देता तो उसे अमावस्या कहते हैं।

प्रश्न 6. रक्षाबंधन, गुरु पूर्णिमा और बुद्ध पूर्णिमा कब मनाए जाते हैं?
उत्तर: रक्षाबंधन, गुरु पूर्णिमा और बुद्ध पूर्णिमा तब मनाए जाते हैं जब आकाश में पूर्ण चंद्रमा (पूर्णिमा) दिखाई देता है।

प्रश्न 7. दीपावली और ईद के पर्व चंद्रमा की किस स्थिति में मनाए जाते हैं?
उत्तर: दीपावली उस दिन मनाई जाती है जब आकाश में चंद्रमा नहीं होता (अमावस्या)
तथा ईद उस दिन मनाई जाती है जब अमावस्या के बाद पहली रात को बाल चंद्रमा दिखाई देता है।

प्रश्न 8. भारत का विक्रम लैंडर चंद्रमा पर कब उतरा और उसने क्या कार्य किया?
उत्तर: 23 अगस्त 2023 को भारत का विक्रम लैंडर चंद्रमा पर सफलतापूर्वक उतरा और उसने चंद्रमा की सतह के आँकड़े एकत्र किए।

प्रश्न 9. दिन और रात के मध्य दो अंतर बताइए।
उत्तर: 1. दिन में सूर्य का तेज प्रकाश और ऊष्मा मिलती है, जबकि रात में आकाश में चंद्रमा और तारे दिखाई देते हैं।
2. दिन में मनुष्य और अधिकांश जंतु अपनी गतिविधियाँ करते हैं, जबकि रात में विश्राम करते हैं।

प्रश्न 10. प्रातःकालीन आकाश और सायंकालीन आकाश के मध्य दो अंतर बताइए।
उत्तर: 1. प्रातःकाल सूर्य पूर्व में उगता है और छाया पश्चिम दिशा में बनती है।
2. सायंकाल सूर्य पश्चिम में ढलता है और छाया पूर्व दिशा में बनती है।

प्रश्न 11. मान लीजिए, आप सुबह और दोपहर के समय एक ही स्थान पर खड़े हैं। सुबह आपकी छाया एक दिशा में होगी, जबकि दोपहर को दूसरी दिशा में, ऐसा क्यों? क्या आपकी छाया की लंबाई दोनों समय समान होगी?
उत्तर: सूर्य की स्थिति बदलने के कारण सुबह छाया पश्चिम की ओर तथा दोपहर को सिर के ऊपर होने से भिन्न दिशा में बनती है
नहीं, दोनों समय छाया की लंबाई समान नहीं होगी—सुबह छाया लंबी और दोपहर को छोटी होती है।

कक्षा 4 अध्याय 10 PDF ऑनलाइन पढ़ें

अन्य अध्याय

FAQ

राजा जयसिंह द्वारा स्थापित ‘सम्राट यंत्र’ क्या है और यह कहाँ स्थित है?
सम्राट यंत्र जंतर-मंतर में स्थित एक विशाल सूर्यघड़ी है जो छाया के आधार पर समय बताती है। इसे राजा जयसिंह ने जयपुर, उज्जैन, दिल्ली, वाराणसी और मथुरा में स्थापित करवाया था।

चंद्रमा की आकृतियों (पूर्णिमा और अमावस्या) के आधार पर कौन-कौन से प्रमुख त्यौहार मनाए जाते हैं?
पूर्णिमा के दिन रक्षाबंधन, गुरु पूर्णिमा और बुद्ध पूर्णिमा मनाए जाते हैं, अमावस्या के दिन दीपावली मनाई जाती है तथा अमावस्या के बाद बाल चंद्रमा दिखने पर ईद मनाई जाती है।

भारत का ‘विक्रम लैंडर’ चंद्रमा पर कब उतरा और इसने क्या कार्य किया?
23 अगस्त 2023 को भारत का विक्रम लैंडर चंद्रमा की सतह पर सफलतापूर्वक उतरा। इसने चंद्रमा के धरातल के महत्वपूर्ण आँकड़े एकत्र किए।

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