Looking for 100% textbook-authentic DAV Class 6 Hindi Chapter 5 Question Answer? Here you will find the complete solutions, poem explanation (कविता का भावार्थ), word meanings (कठिन शब्द-अर्थ), diary writing (डायरी लेखन), and grammar exercises for सीखो (कविता) from DAV CAE Gyan Sagar & Abhyas Sagar.
कविता का सार एवं परिचय (Overview)
कवि विनोद चंद्र पांडेय ‘विनोद’ द्वारा रचित कविता ‘सीखो’ हमें प्रकृति और महान आदर्शों से सीखने की प्रेरणा देती है। इस कविता में परिश्रम करने, मातृभूमि की सेवा करने, सत्य के मार्ग पर चलने और सभी से मिल-जुलकर रहने की सीख दी गई है।
कठिन शब्द-अर्थ (Word Meanings)
| कठिन शब्द | अर्थ |
|---|---|
| सदा | हमेशा, सदैव |
| परिश्रम | कठिन मेहनत |
| मातृभूमि | जन्मभूमि (Motherland) |
| हित | भलाई, कल्याण |
| पीड़ा / कष्ट | दुख, दर्द |
| हरना | दूर करना, समाप्त करना |
| पथ | मार्ग, रास्ता |
| गौरव | महिमा, सम्मान |
| गिरि | पर्वत, पहाड़ |
| सिंधु | सागर, समुद्र |
| शीश | सिर |
| समुज्ज्वल | अत्यंत उज्ज्वल, चमकता हुआ |
पाठ पर आधारित मुख्य प्रश्न-उत्तर (Question & Answer)
प्रश्न 1. ‘सीखो’ कविता हमें जीवन में क्या सीख देती है?
उत्तर: ‘सीखो’ कविता हमें यह सीख देती है कि हमें सदा कठिन परिश्रम करना चाहिए, अपनी मातृभूमि के सम्मान और भलाई के लिए सर्वस्व न्योछावर करने को तत्पर रहना चाहिए, दूसरों के दुखों को दूर करना चाहिए और हमेशा सत्य के पथ पर अडिग रहना चाहिए।
प्रश्न 2. मातृभूमि के प्रति हमारा क्या कर्त्तव्य है?
उत्तर: मातृभूमि के प्रति हमारा कर्त्तव्य है कि हम देश के गौरव को बढ़ाएँ, उसकी अखंडता और स्वतंत्रता की रक्षा के लिए प्राणों का बलिदान देने से भी पीछे न हटें तथा देशवासियों के कल्याण के लिए कार्य करें।
प्रश्न 3. कविता में कष्टों और कठिनाइयों का सामना कैसे करने को कहा गया है?
उत्तर: कविता में कहा गया है कि जीवन में आने वाले संकटों और दुखों से कभी घबराना नहीं चाहिए, बल्कि पर्वत (गिरि) की तरह अडिग रहकर धैर्य और साहस से उनका सामना करना चाहिए।
अभ्यास सागर: डायरी लेखन (Diary Entry)
प्रश्न: आपने ‘सीखो’ कविता से क्या-क्या प्रेरणाएँ लीं? इसे अपनी डायरी में 100-120 शब्दों में लिखिए।
दिनांक: 15 मई, 2026 | समय: रात्रि 9:30 बजे
प्रिय डायरी,
आज हमारी हिंदी कक्षा में अध्यापिका जी ने ‘सीखो’ कविता पढ़ाई। इस कविता ने मेरे मन में नई उमंग और प्रेरणा जगाई है। इस कविता से मैंने निम्नलिखित महत्वपूर्ण बातें सीखी हैं:
- जीवन में आलस्य त्यागकर सदा परिश्रम करना चाहिए क्योंकि मेहनत ही सफलता की कुंजी है।
- अपनी जन्मभूमि और समाज के हित के लिए हमेशा समर्पित रहना चाहिए।
- दूसरों के कष्टों और आंसुओं को पोंछने का प्रयास करना चाहिए।
- सत्य और ईमानदारी के मार्ग पर चलते हुए देश के मान-सम्मान को ऊँचा उठाना चाहिए।
- ईश्वर और गुरुजनों के प्रति कृतज्ञ भाव से सिर झुकाना चाहिए।
मैंने निश्चय किया है कि मैं इन सभी आदर्शों को अपने दैनिक जीवन में उतारूँगा।
— रोहन शर्मा
जीवन मूल्य (Value Based Questions)
प्रश्न: प्रकृति हमें बिना किसी भेदभाव के सब कुछ देती है। हमें प्रकृति से क्या शिक्षा लेनी चाहिए?
उत्तर: प्रकृति से हमें निस्वार्थ सेवा, त्याग और परोपकार की सीख मिलती है। जैसे नदियाँ अपना जल स्वयं नहीं पीतीं, वृक्ष अपने फल स्वयं नहीं खाते और सूर्य सबको समान रूप से प्रकाश देता है, वैसे ही हमें भी समाज में बिना किसी भेदभाव के सभी के प्रति प्रेम और सहयोग की भावना रखनी चाहिए।
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