Looking for authentic DAV Class 6 Hindi Chapter 19 Question Answer (सिकंदर और साधु)? In this article, you will find complete, textbook-grounded answers for पाठ में से, बातचीत के लिए, जीवन मूल्य, and grammar exercises from DAV CAE Gyan Sagar & Abhyas Sagar.
पाठ का सार (Story Summary)
पाठ ‘सिकंदर और साधु’ विश्व विजेता बनने का स्वप्न देखने वाले यूनानी सम्राट सिकंदर और भारत के एक विरक्त साधु (महात्मा) के बीच हुए संवाद की ऐतिहासिक कथा है। भारत पर आक्रमण के दौरान जब सिकंदर एक वन में पहुँचे, तो उन्होंने कड़ाके की ठंड में एक नग्न बदन साधु को ध्यानमग्न देखा। सिकंदर ने उन्हें धन और वस्त्र देकर प्रभावित करना चाहा, लेकिन साधु के आत्मसंतोष, निर्भयता और ज्ञान के आगे विश्वविजेता सिकंदर का घमंड चकनाचूर हो गया।
पाठ में से (Textbook Question Answers)
प्रश्न 1. जब सिकंदर साधु के पास पहुँचा, तो उसने क्या देखा?
उत्तर: जब सिकंदर साधु के पास पहुँचा, तो उसने देखा कि महात्मा जी कड़ाके की सर्दी में भी बिना वस्त्रों के शांत भाव से ध्यान में लीन बैठे हैं। उनके मुखमंडल पर एक दिव्य तेज, अपूर्व शांति और संतोष झलक रहा था।
प्रश्न 2. सिकंदर ने साधु के सामने कौन-कौन से उपहार रखे?
उत्तर: सिकंदर ने साधु के सामने बहुमूल्य रेशमी शॉल, स्वर्ण आभूषण, कीमती हीरे-जवाहरात और अनेक अमूल्य उपहार भेंट स्वरूप रखे।
प्रश्न 3. साधु ने सिकंदर के उपहारों को स्वीकार करने से क्यों मना कर दिया?
उत्तर: साधु ने सिकंदर के उपहारों को लेने से मना कर दिया क्योंकि वे एक संन्यासी थे और सांसारिक धन-दौलत व वैभव उनके लिए व्यर्थ था। साधु ने कहा कि यदि मुझे इन भौतिक वस्तुओं की चाह होती, तो मैं राज-सुख और घर-बार छोड़कर जंगल में ईश्वर भक्ति में क्यों आता?
प्रश्न 4. कड़ाके की सर्दी में साधु के शरीर पर वस्त्र न होने पर सिकंदर ने क्या कहा?
उत्तर: सिकंदर ने साधु से कहा कि इस समय भीषण शीत (सर्दी) पड़ रही है और आपके शरीर पर एक भी वस्त्र नहीं है। इसलिए मैं आपके लिए यह गर्म और कीमती शॉल लाया हूँ ताकि आप ठंड से बच सकें।
प्रश्न 5. साधु ने सिकंदर के वस्त्र देने के प्रस्ताव पर क्या तर्क दिया?
उत्तर: साधु ने मुस्कुराते हुए सिकंदर से पूछा कि तुमने सिर से पाँव तक गर्म वस्त्र पहन रखे हैं, फिर भी तुम्हारी आँखें और नाक खुली हैं, क्या उन्हें ठंड नहीं लग रही? सिकंदर के चुप रहने पर साधु ने समझाया कि जैसे तुम्हारी खुली आँखों और नाक को सर्दी सहने का अभ्यास हो गया है, वैसे ही मेरे पूरे शरीर को भी सर्दी और गर्मी सहने का अभ्यास हो चुका है।
प्रश्न 6. इस पाठ से हमें क्या शिक्षा मिलती है?
उत्तर: इस पाठ से हमें यह शिक्षा मिलती है कि सच्ची शांति, आनंद और महानता धन-दौलत, साम्राज्य विस्तार या शस्त्रों के बल पर नहीं मिलती, बल्कि वह त्याग, संतोष, संयम और आत्मज्ञान में निहित होती है। सच्चा विजेता वही है जो अपनी इच्छाओं और अहंकार को जीत ले।
जीवन मूल्य (Value Based Questions)
प्रश्न: ‘संतोष सबसे बड़ा धन है।’ इस कथन के पक्ष में अपने विचार लिखिए।
उत्तर: यह कथन पूर्णतः सत्य है कि संतोष ही सबसे बड़ा धन है। मनुष्य चाहे कितना भी धन, पद या प्रतिष्ठा प्राप्त कर ले, यदि उसके मन में संतोष नहीं है, तो वह हमेशा अशांत और अतृप्त रहता है। संतोषी व्यक्ति सीमित संसाधनों में भी सुखी और शांत रहता है, जबकि लोभी व्यक्ति अनंत संपदा होने पर भी सिकंदर की तरह तृष्णा की आग में जलता रहता है।
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